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प्रसूति के बाद मातम: अस्पताल की लापरवाही से गई 20 वर्षीय महिला की जान!

छत्रपति संभाजीनगर: प्रसव के बाद महिला की मौत, डॉक्टरों की लापरवाही पर परिजनों का हंगामा

छत्रपति संभाजीनगर: प्रसव के बाद महिला की मौत, डॉक्टरों की लापरवाही पर परिजनों का हंगामा

छत्रपति संभाजीनगर (चिकलठाणा): जिला सामान्य रुग्णालय में प्रसव के बाद एक 20 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जिसके बाद सोमवार (9 जून) को मृतका के परिजन शव के साथ अस्पताल पहुंचे और लापरवाही के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और शव लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, पुलिस हस्तक्षेप के बाद परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए स्वीकार किया। इस मामले में चिकलठाणा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है।

प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, आंत में छेद और इन्फेक्शन से मौत

प्रियंका किरण गांगवे (उम्र 20 वर्ष), निवासी छत्रपति संभाजीनगर, को 2 जून की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर चिकलठाणा स्थित जिला सामान्य रुग्णालय में भर्ती किया गया था। सुबह 11 बजे उन्होंने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी तबीयत बिगड़ गई। पेट में सूजन व दर्द के चलते डॉक्टरों ने जांच की, जिसमें संक्रमण और आंत में छेद होने की बात सामने आई।

इसके बाद उन्हें 3 जून की सुबह घाटी रुग्णालय में रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर आंत का दो फुट हिस्सा निकालना पड़ा। लेकिन तब तक इन्फेक्शन गंभीर हो चुका था, और 8 जून की रात महिला की मृत्यु हो गई।

फरवरी में भी सामने आया था ऐसा मामला

यह पहला मामला नहीं है। फरवरी 2025 में भी एक 19 वर्षीय गर्भवती महिला के साथ सामान्य रुग्णालय में सर्जरी के दौरान मूत्राशय को नुकसान पहुंचा था। उस समय भी महिला को घाटी रुग्णालय भेजना पड़ा था, लेकिन विशेषज्ञों की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी थी। अब एक बार फिर ऐसे ही लापरवाहीपूर्ण रवैये की पुनरावृत्ति सामने आई है।

परिजनों का आरोप: डॉक्टरों की लापरवाही से गई जान

“डॉक्टरों की लापरवाही के कारण प्रियंका की जान गई। ऑपरेशन के दौरान छोटी आंत को नुकसान पहुंचा, जिससे संक्रमण हुआ और आखिरकार उसकी मौत हो गई। हमने शव लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज किए जाने के बाद अंत्येष्टि की।”
— मनोज गांगवे, मृतका के परिजन

जांच कमेटी गठित, रिपोर्ट 2-3 दिन में

इस गंभीर प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया है। जिला शल्यचिकित्सक डॉ. दयानंद मोतीपवळे ने बताया,

“इस मामले में अस्पताल स्तर पर एक जांच समिति गठित की गई है। साथ ही, नेग्लिजेंस कमेटी से भी स्वतंत्र जांच कराई जा रही है। दो से तीन दिनों में रिपोर्ट प्राप्त होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
— डॉ. दयानंद मोतीपवळे, जिला शल्यचिकित्सक

निष्कर्ष

छत्रपति संभाजीनगर के इस दुर्भाग्यपूर्ण मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा प्रणाली की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। परिजनों की मांग है कि दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी पीड़ा न सहनी पड़े।


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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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