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जालना में नाबालिगों को वाहन देना पड़ रहा महंगा: एक साल में 11 अभिभावकों पर कार्रवाई

जालना नाबालिग वाहन कार्रवाई

₹55 हजार का जुर्माना

जालना (संवाददाता):
जालना शहर में नाबालिग बच्चों को दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति देना अब अभिभावकों के लिए महंगा साबित हो रहा है। शहर यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पिछले एक वर्ष में 11 अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹55 हजार का जुर्माना वसूला है। इसके अलावा कई अभिभावकों को नोटिस जारी कर भविष्य में बच्चों को वाहन न सौंपने की चेतावनी भी दी गई है।

यातायात विभाग का कहना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई अभिभावक बच्चों की जिद, सुविधा या लापरवाही के कारण उन्हें वाहन चलाने देते हैं, लेकिन यही लापरवाही कभी भी गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बन सकती है।


स्कूल की छुट्टी के बाद बढ़ती है लापरवाही

यातायात पुलिस के अनुसार, स्कूलों की छुट्टी के बाद शहर की सड़कों पर कई नाबालिग छात्र तेज रफ्तार में दोपहिया वाहन चलाते दिखाई देते हैं। कई मामलों में बच्चे बिना हेलमेट वाहन चलाते हैं, सड़क पर रेस लगाते हैं, स्टंट करते हैं, तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाते हैं और तेज आवाज वाले हॉर्न का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसी गतिविधियां न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।


मोटर वाहन अधिनियम के तहत है कड़ी सजा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार नाबालिग को वाहन चलाने देना एक गंभीर अपराध है। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते समय दुर्घटना करता है, तो उसकी कानूनी जिम्मेदारी सीधे वाहन मालिक और अभिभावक की होती है।

ऐसे मामलों में अभिभावकों पर जुर्माना, कानूनी कार्रवाई और अन्य दंडात्मक प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। इसलिए माता-पिता को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।


दुर्घटना होने पर बीमा दावा भी हो सकता है प्रभावित

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि नाबालिग वाहन चलाते समय दुर्घटना करता है, तो बीमा कंपनी द्वारा दावा अस्वीकार किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना से होने वाले आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी वाहन मालिक और अभिभावक पर ही आती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को वाहन सौंपना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक और कानूनी संकट में डालने जैसा भी हो सकता है।


पिछले वर्ष भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

यातायात शाखा के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष 19 मामलों में नाबालिगों को वाहन चलाने देने वाले अभिभावकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उन मामलों में ₹95 हजार का जुर्माना लगाया गया था।

इसके बावजूद कुछ अभिभावक अब भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिसके चलते यातायात पुलिस ने अभियान और अधिक सख्त करने का निर्णय लिया है।


अभिभावकों से की गई यह अपील

यातायात पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि—

  • किसी भी नाबालिग बच्चे को दोपहिया या चारपहिया वाहन न चलाने दें।
  • बच्चों की गतिविधियों और उनके मित्रों पर नियमित निगरानी रखें।
  • बच्चों को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की शिक्षा दें।
  • हेलमेट और अन्य सुरक्षा नियमों का महत्व समझाएं।
  • कानून का उल्लंघन करने पर होने वाले कानूनी परिणामों से उन्हें अवगत कराएं।

पुलिस निरीक्षक ने क्या कहा?

शहर यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक सुरेश उनवणे ने कहा कि नाबालिग बच्चों के हाथों में वाहन देना उनके जीवन के साथ-साथ अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डालने जैसा है।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले अभिभावकों के विरुद्ध आगे भी कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


सड़क सुरक्षा में अभिभावकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके बच्चे कानूनी उम्र पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से पहले किसी भी प्रकार का वाहन न चलाएं।

बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन और यातायात नियमों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है।


NewsNationOnline विश्लेषण

जालना यातायात पुलिस द्वारा नाबालिगों के खिलाफ नहीं, बल्कि उन्हें वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश है। केवल जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। आवश्यकता इस बात की है कि परिवार, स्कूल और समाज मिलकर बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करें। यदि अभिभावक स्वयं जिम्मेदारी निभाएं, तो नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है।



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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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