भारत में मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन रही हैं फेफड़ों की बीमारियां, जालना में शुरू हुआ वर्षभर का निःशुल्क जांच अभियान
बगड़िया चैरिटेबल ट्रस्ट एवं रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो की पहल, हर महीने 100 लोगों की होगी फ्री फेफड़ा जांच
जालना | प्रतिनिधि
भारत में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां तेजी से गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही हैं। हृदय रोग और ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्थमा (Asthma) तथा सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease – COPD) देश में मृत्यु का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने के कारण हर वर्ष लाखों लोगों की जान चली जाती है।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सौ. जमुनाबाई शिवरतनजी बगड़िया चैरिटेबल ट्रस्ट एवं रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो के संयुक्त तत्वावधान में जालना में वर्षभर चलने वाले निःशुल्क फेफड़ा जांच अभियान की शुरुआत की गई है।
इस अभियान का शुभारंभ शनिवार को डॉ. राजेंद्र प्रसाद मार्ग स्थित रूबी हॉस्पिटल में ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल बगड़िया के हाथों किया गया।
समय पर जांच से बचाई जा सकती हैं हजारों जानें : डॉ. राजेश सेठिया
अभियान के संयोजक एवं रूबी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राजेश सेठिया ने कहा कि भारत में फेफड़ों की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और समय रहते इनकी पहचान बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि—
- दुनिया में 25 करोड़ से अधिक लोग फेफड़ों की विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं।
- भारत में इन मरीजों की संख्या करीब 9 करोड़ है।
- हर वर्ष लगभग 15 लाख लोगों की मौत फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के कारण होती है।
डॉ. सेठिया ने कहा कि अधिकांश मरीजों में बीमारी का पता तब चलता है, जब वह गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है। यदि शुरुआती चरण में जांच कर ली जाए तो उपचार अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
पहले शिविर में ही सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
अभियान के पहले ही निःशुल्क शिविर में 50 लोगों की जांच की गई।
जांच के दौरान 25 लोगों में अस्थमा या सीओपीडी के शुरुआती लक्षण पाए गए।
डॉ. सेठिया ने बताया कि यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि बड़ी संख्या में लोग अनजाने में फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे हैं और नियमित जांच की आवश्यकता है।
हर महीने दो बार लगेगा निःशुल्क जांच शिविर
अभियान के तहत प्रत्येक माह—
- दूसरे शनिवार
- चौथे शनिवार
सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रूबी हॉस्पिटल, जालना में निःशुल्क फेफड़ा जांच शिविर आयोजित किया जाएगा।
प्रत्येक शिविर में 50 लोगों की जांच की जाएगी।
इस प्रकार—
- हर महीने 100 लोगों
- पूरे वर्ष कम से कम 1200 लोगों
की निःशुल्क जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले भी चला चुके हैं सफल स्वास्थ्य अभियान
डॉ. राजेश सेठिया ने बताया कि इससे पहले ट्रस्ट द्वारा—
- 1.5 लाख लोगों की निःशुल्क मधुमेह (डायबिटीज) जांच
- 10 हजार लोगों की थायरॉयड जांच
सफलतापूर्वक की जा चुकी है।
इन्हीं अभियानों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब फेफड़ों की बीमारियों की रोकथाम और समय पर पहचान के लिए यह नया अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में फिर से निःशुल्क मधुमेह एवं थायरॉयड जांच अभियान भी आयोजित किए जाएंगे।
किन लोगों को तुरंत करानी चाहिए फेफड़ों की जांच?
डॉ. राजेश सेठिया ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में निम्न लक्षण दिखाई दें, तो उसे बिना देर किए फेफड़ों की जांच करानी चाहिए—
- लगातार खांसी रहना
- सीने में जकड़न महसूस होना
- थोड़ी दूरी चलने पर सांस फूलना
- सीढ़ियां चढ़ते समय सांस लेने में परेशानी
- नियमित रूप से इनहेलर का उपयोग करना
- धूम्रपान या तंबाकू का सेवन
- धूल, धुएं अथवा प्रदूषित वातावरण में लंबे समय तक काम करना
उन्होंने कहा कि समय पर जांच कराने से गंभीर बीमारी बनने से पहले ही उपचार शुरू किया जा सकता है।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक तक पहुंचाना उद्देश्य
ट्रस्ट के अध्यक्ष पन्नालाल बगड़िया ने कहा कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि मधुमेह और थायरॉयड जांच अभियानों को जनता से मिले उत्साहजनक सहयोग के बाद अब फेफड़ों की जांच अभियान की शुरुआत की गई है। भविष्य में भी समाजहित से जुड़े ऐसे स्वास्थ्य कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ जालना रेनबो की अध्यक्ष मधुलता भक्कड़, सचिव डॉ. अतुल जिंतूरकर, कोषाध्यक्ष केतन शाह, डॉ. नितिन खंडेलवाल, विवेक मणियार, डॉ. सुमित्रा गाडिया, राजकुमार रूणवाल, जयेश पहाड़े, सरला सेठिया, आशीष नावंदर, तकनीशियन अजय राठौड़, अमित सालवी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नागरिकों से अपील
आयोजकों ने नागरिकों से इस निःशुल्क जांच अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा फेफड़ों से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की अपील की है।
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उपयोगी लिंक
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) – Chronic Respiratory Diseases: https://www.who.int/health-topics/chronic-respiratory-diseases
- Indian Chest Society: https://indianchestsociety.org/
- National Health Mission (NHM): https://nhm.gov.in/
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