गोदावरी नदी में बड़ा हादसा: 40 श्रद्धालुओं से भरी नाव डूबी, दो महिलाओं की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जालना/बीड: महाराष्ट्र के जालना और बीड जिले की सीमा से गुजरने वाली गोदावरी नदी में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। जालना जिले के गोळेगांव से बीड जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पुरुषोत्तमपुरी की ओर जा रही श्रद्धालुओं से भरी नाव अचानक नदी में डूब गई। इस हादसे में दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोगों को स्थानीय नागरिकों और बचाव दल की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार हादसे के समय नाव में करीब 40 यात्री सवार थे। अधिक मास के चलते पुरुषोत्तमपुरी में दर्शन और गोदावरी स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी दौरान यह दुर्घटना होने से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पुरुषोत्तमपुरी दर्शन के लिए जा रहे थे श्रद्धालु
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार 10 जून की सुबह करीब 11 बजे श्रद्धालु गोदावरी नदी पार कर पुरुषोत्तमपुरी तीर्थस्थल की ओर जा रहे थे। नदी पार करने के लिए नाव की व्यवस्था की गई थी।
बताया जा रहा है कि जैसे ही नाव नदी के बीच हिस्से में पहुंची, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और नाव पानी में पलट गई। देखते ही देखते नाव में बैठे श्रद्धालु नदी में गिर गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
नाव में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी मौजूद थे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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दो महिला श्रद्धालुओं की डूबने से मौत
इस दर्दनाक दुर्घटना में दो महिला श्रद्धालुओं की पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है। घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन द्वारा हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।
क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया गया था। ज्यादा यात्रियों के कारण नाव का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कुछ स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि अधिक कमाई के लालच में नाव संचालकों द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी। यात्रियों की संख्या नियंत्रित नहीं की गई और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम भी मौजूद नहीं थे।
जानकारी के अनुसार जिस नाव से श्रद्धालुओं को ले जाया जा रहा था, उसका उपयोग पहले रेत परिवहन के लिए किया जाता था। हालांकि इस संबंध में प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
अधिक मास के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़
बीड जिले के माजलगांव तहसील स्थित पुरुषोत्तमपुरी मंदिर का धार्मिक महत्व है। अधिक मास के दौरान यहां महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान पुरुषोत्तम के दर्शन और गोदावरी स्नान के लिए पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए नदी पार करने के लिए नावों का उपयोग किया जा रहा था। लेकिन इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी बनी हादसे की वजह?
जल परिवहन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई नियम निर्धारित किए जाते हैं। नाव में निर्धारित संख्या से अधिक यात्रियों को बैठाना, लाइफ जैकेट उपलब्ध न कराना और मौसम व नदी की स्थिति की अनदेखी करना गंभीर खतरे पैदा कर सकता है।
इस हादसे के बाद नागरिकों द्वारा सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद सुरक्षा इंतजामों की प्रभावी निगरानी क्यों नहीं की गई।
जल सुरक्षा नियमों की जानकारी के लिए देखें:
External Link: https://ndma.gov.in
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा नियमों का पालन कराया जाता तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
नागरिकों ने मांग की है कि नाव संचालन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
क्षेत्र में शोक का माहौल
गोदावरी नदी में हुए इस दर्दनाक हादसे से जालना और बीड जिले में शोक की लहर है। दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं के साथ हुई इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर दिया है।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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