सोने की चोरी कर नकली गहने रखे गए; बैंक अधिकारी, शाखा प्रबंधक और मूल्यांकनकर्ता पर केस दर्ज
बदनापुर (जालना):
जालना जिले के बदनापुर में स्थित Canara Bank की शाखा में 7 करोड़ 31 लाख रुपये के बड़े गोल्ड घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस मामले में बैंक के अधिकारी, शाखा प्रबंधक और स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बैंक प्रशासन की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब बैंक में गोल्ड लोन खातों की नियमित त्रैमासिक जांच (Quarterly Audit) की जा रही थी। 22 अप्रैल 2026 को शुरू हुई इस जांच के दौरान कई गोल्ड लोन पैकेट संदिग्ध पाए गए। इसके बाद जब गहराई से जांच की गई और CCTV फुटेज खंगाले गए, तो पूरे घोटाले का पर्दाफाश हो गया।
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जांच में क्या-क्या सामने आया?
जांच के दौरान सामने आया कि:
- कुल 22 गोल्ड लोन पैकेट में नकली सोना रखा गया था, जिसकी कीमत करीब 3.79 करोड़ रुपये आंकी गई है।
- वहीं बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम से 30 गोल्ड पैकेट गायब पाए गए, जिनकी कीमत लगभग 3.52 करोड़ रुपये है।
- इस तरह कुल मिलाकर बैंक को 7.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
जांच में सबसे अहम सबूत CCTV फुटेज साबित हुआ। 23 अप्रैल को सुबह करीब 11:20 बजे बैंक अधिकारी संजय डोंगरे को स्ट्रॉन्ग रूम से सोने के पैकेट निकालते हुए कैमरे में कैद किया गया। इस फुटेज के सामने आने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
किसकी क्या भूमिका?
बैंक की शिकायत के अनुसार:
- संजय डोंगरे (बैंक अधिकारी): मुख्य आरोपी, सीधे तौर पर सोने की चोरी का आरोप।
- विजेंद्र पाटणकर (शाखा प्रबंधक): सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर आरोपी को स्ट्रॉन्ग रूम में अकेला छोड़ने का आरोप।
- प्रवीण बुन्हाडे (स्वर्ण मूल्यांकनकर्ता): नकली सोने को असली प्रमाणित कर बैंक को धोखा देने का आरोप।
तीनों पर मिलकर साजिश रचने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
बदनापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। पुलिस निरीक्षक सुरवसे इस मामले की जांच कर रहे हैं। बैंक प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ घोटाले की पूरी रकम वसूलने की मांग की है।
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- गोल्ड घोटाले का खुलासा: बदनापुर में Canara Bank की शाखा में 7.31 करोड़ रुपये के नकली सोने और अनफिट गोल्ड पैकेट का घोटाला सामने आया है, जिसमें बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
- आविष्कार का स्रोत और जांच प्रक्रिया: यह मामला तब सामने आया जब बैंक में गोल्ड लोन खातों की त्रैमासिक जांच के दौरान संदिग्ध पैकेट का पता चला, जिसके बाद CCTV फुटेज के माध्यम से घोटाले का खुलासा हुआ।
- सामना आए मुख्य सबूत: CCTV फुटेज ने बैंक अधिकारी संजय डोंगरे को स्ट्रॉन्ग रूम से सोने के पैकेट निकालते हुए कैद किया, जिससे मामला गंभीर हो गया।
- आरोपी और उनकी भूमिका: संजय डोंगरे मुख्य आरोपी हैं, जिन्हें सोने की चोरी का दोषी माना गया है, जबकि शाखा प्रबंधक और मूल्यांकनकर्ता पर नियम उल्लंघन और धोखाधड़ी का आरोप है।
- आगे की कानूनी कार्रवाई: बदनापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और बैंक प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और वसूली की मांग की है।
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निष्कर्ष
बदनापुर का यह मामला न सिर्फ बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अंदरूनी मिलीभगत से किस तरह बड़े स्तर पर वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया जा सकता है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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