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जालना में ऑनलाइन किरायानामा पंजीकरण पर सवाल | देरी और रिश्वत के आरोप

जालना में ऑनलाइन ‘लीव एंड लाइसेंस’ पंजीकरण पर सवाल, आवेदनों में देरी और अनियमितताओं के आरोप

जालना: नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ऑनलाइन ‘लीव एंड लाइसेंस’ (किरायानामा) पंजीकरण प्रणाली जालना में विवादों के घेरे में आ गई है। कई आवेदकों ने आरोप लगाया है कि सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा करने के बावजूद उनके आवेदन समय पर स्वीकृत नहीं किए जा रहे, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


🖥️ डिजिटल सेवा पर बढ़ती शिकायतें

सरकार द्वारा शुरू की गई इस ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य था कि नागरिक घर बैठे बिना किसी मध्यस्थ के आसानी से किरायानामा पंजीकरण करा सकें। लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।

आरोप है कि आवेदन जमा करने के बाद फाइलें कई दिनों तक लंबित रखी जाती हैं। कई मामलों में मामूली तकनीकी कारण बताकर आवेदन वापस भेज दिए जाते हैं, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो जाती है।

👉 इस सेवा से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें:
🔗 https://igrmaharashtra.gov.in
🔗 https://registration.maharashtra.gov.in


⏳ “साहब नहीं हैं” जैसे जवाब, बढ़ती परेशानी

कई नागरिकों का कहना है कि जब वे संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय में जानकारी लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। अक्सर “अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं” या “बाद में आइए” जैसे जवाब देकर टाल दिया जाता है।

एक आवेदक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया:

“मेरे सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद मेरा आवेदन तीन सप्ताह से लंबित है। कार्यालय में बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही।”


⚠️ रिश्वत मांगने के आरोप

कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि आवेदन प्रक्रिया को तेज करने के लिए अनौपचारिक भुगतान (रिश्वत) की मांग की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में सामने आ रही शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।


⚖️ अधिवक्ता महेश धन्नावत ने उठाए सवाल

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता महेश धन्नावत ने कहा:

“यदि ऑनलाइन प्रणाली के बावजूद नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। संबंधित अधिकारियों का सहयोग और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।”

उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


🧾 उपभोक्ता परिषद करेगी शिकायत

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अखिल भारतीय ग्राहक परिषद ने प्रशासन के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है। परिषद का कहना है कि नागरिकों की समस्याओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता।


🚨 डिजिटल इंडिया की विश्वसनीयता पर असर

यह मामला सरकारी डिजिटल सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। यदि ऑनलाइन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता नहीं होगी, तो नागरिकों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

👉 डिजिटल इंडिया मिशन के बारे में अधिक जानकारी:
🔗 https://www.digitalindia.gov.in


📌 क्या होना चाहिए आगे?

  • लंबित आवेदनों का त्वरित निपटारा
  • प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना
  • शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करना
  • दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई

📍 निष्कर्ष

जालना में ऑनलाइन ‘लीव एंड लाइसेंस’ पंजीकरण से जुड़ी शिकायतें प्रशासन के लिए चेतावनी हैं। यदि समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो न केवल नागरिकों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि सरकारी डिजिटल सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ेगा।


जालना ऑनलाइन किरायानामा पंजीकरण समस्या

A crowded office scene showing people interacting at a registration desk, with a computer monitor displaying'Application Pending'.
Frustrated citizens at the sub registrars office in Jalna questioning delays in their online Leave and License registration applications

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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