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जालना मनपा के दो अतिक्रमण अधिकारी 40 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार

जालना महानगरपालिका के दो अतिक्रमण अधिकारियों को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया

एसीबी की बड़ी कार्रवाई : नाला सफाई और अतिक्रमण हटाने के नाम पर मांगी थी घूस, बाबा टी हाऊस पर बिछाया गया जाल

जालना | न्यूज नेशन ऑनलाइन
जालना शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जालना महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग में कार्यरत दो अधिकारियों को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मनपा प्रशासन में हड़कंप मच गया है और अतिक्रमण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में भाऊलाल चापा राठोड (57) और श्यामसन छबुराव कसबे (51) का समावेश है। दोनों आरोपी जालना महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग में प्रभारी सहायक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

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सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला

एसीबी सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता 37 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता है। उसने जालना शहर के मामा चौक से कोलू तेली घाना संघ तक नाले पर हुए अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई कराने के लिए महानगरपालिका आयुक्त के समक्ष आवेदन दिया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मनपा प्रशासन ने संबंधित अतिक्रमण अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण भी किया, लेकिन उसके बाद कार्रवाई को लगातार टालते रहे।


“काम करवाना है तो खर्च करना पड़ेगा”

शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई। जब उसने देरी का कारण पूछा तो आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि “काम करवाना है तो खर्च करना पड़ेगा।”

इसके बाद दोनों अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने और नाले की सफाई करवाने के बदले 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने सीधे एसीबी छत्रपति संभाजीनगर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

👉 भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के लिए महाराष्ट्र एसीबी की आधिकारिक वेबसाइट :
https://acbmaharashtra.gov.in/


पंचों के सामने हुई रिश्वत मांग की पुष्टि

एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच शुरू की। 20 मार्च 2026 को पंचों की उपस्थिति में शिकायत का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की मांग की पुष्टि करते हुए रकम स्वीकार करने की सहमति दी।

इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।


बाबा टी हाऊस पर बिछाया गया जाल

28 मई 2026 को एसीबी टीम ने जालना शहर के जुना मोंढा स्थित बाबा टी हाऊस, दवा मार्केट गेट परिसर में जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देकर वहां भेजा गया।

कार्रवाई के दौरान आरोपी श्यामसन कसबे ने शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की। जैसे ही उसने रकम हाथ में ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद दूसरे आरोपी भाऊलाल राठोड को भी हिरासत में ले लिया गया।


मोबाइल जब्त, तकनीकी जांच शुरू

कार्रवाई के दौरान आरोपियों की तलाशी ली गई। इस दौरान उनके पास से सैमसन और ओप्पो कंपनी के मोबाइल फोन बरामद हुए, जिन्हें एसीबी ने जब्त कर लिया है।

अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है ताकि रिश्वतखोरी और अन्य संभावित मामलों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सके। इसके अलावा रिश्वत के रूप में ली गई 40 हजार रुपये की नकद राशि भी जब्त कर ली गई है।


एसीबी अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई एसीबी छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस निरीक्षक वाल्मिक कोरे के नेतृत्व में की गई। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक संतोष तिगोटे कर रहे हैं।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक माधुरी केदार कांगणे, अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत सिंगारे तथा पुलिस उपअधीक्षक राजीव तलेकर के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।

छापामार दस्ते में पुलिस निरीक्षक वाल्मिक कोरे, पुलिस निरीक्षक संतोष तिगोटे, पुलिस हवालदार राजेंद्र सिनकर, राजेंद्र जोशी और चांगदेव बागुल सहित अन्य अधिकारियों का समावेश था।


पहले भी रिश्वत मामले में गिरफ्तार हो चुका था कसबे

इस कार्रवाई के बाद जालना महानगरपालिका के अतिक्रमण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी श्यामसन कसबे इससे पहले भी रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका था।

इसके बावजूद उसे दोबारा ड्यूटी पर कैसे शामिल किया गया और फिर से इतने महत्वपूर्ण पद पर कैसे नियुक्ति दी गई, इसकी जांच की मांग अब जोर पकड़ने लगी है।

शहर में चर्चा है कि यदि किसी अधिकारी का नाम पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में सामने आ चुका था, तो उसके सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा किए बिना दोबारा जिम्मेदारी सौंपना प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा।


अतिक्रमण हटाओ अभियान पर भी उठे सवाल

पिछले कुछ दिनों से जालना शहर में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर भी कई सवाल सामने आए थे। विशेषकर पुराने जालना क्षेत्र में नागरिकों ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए विरोध जताया था।

अभियान के दौरान अतिक्रमण दस्ते ने एक व्यक्ति के खिलाफ पुलिस थाने में मामला भी दर्ज कराया था। अब इस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कर पूरे प्रकरण की सच्चाई जनता के सामने लाने की मांग होने लगी है।

शहर में यह चर्चा भी लंबे समय से चल रही थी कि अतिक्रमण हटाओ दस्ते के कुछ अधिकारी “सुपारी लेकर कार्रवाई” करने जैसे गंभीर आरोपों में घिरे हुए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन अब रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।


मनपा में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी?

इस पूरे प्रकरण ने जालना महानगरपालिका के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण अभियानों से जनता का विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि केवल ट्रैप कार्रवाई तक सीमित न रहकर पूरे अतिक्रमण विभाग की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।


भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेतु संपर्क

  • टोल फ्री नंबर : 1064
  • व्हॉट्सऐप हेल्पलाइन : 7720891064
  • एसीबी छत्रपति संभाजीनगर कार्यालय

  • NewsNationOnline.com
  • महाराष्ट्र एसीबी आधिकारिक वेबसाइट

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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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