जालना/प्रतिनिधि। व्यापारियों के UPI लेन-देन पर 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले नए Merchant Discount Rate (MDR) को लेकर जालना में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। जालना व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राज्य उपाध्यक्ष सतीश पंच ने कहा कि बड़े UPI लेन-देन पर 0.40 प्रतिशत शुल्क से छोटे और मध्यम व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। उन्होंने इस व्यवस्था को लेकर सरकार और संबंधित संस्थाओं से पुनर्विचार की मांग करते हुए फैसला वापस नहीं लेने पर राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी दी।
हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह शुल्क सभी UPI लेन-देन पर लागू नहीं होगा। NPCI के नए ढांचे के तहत 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) लेन-देन पर 0.40 प्रतिशत MDR लागू होगा। 2,000 रुपये तक के P2M लेन-देन और Person-to-Person (P2P) लेन-देन पर शुल्क नहीं होगा। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि MDR कोई सरकारी कर नहीं है और इसकी राशि भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों तथा अन्य भागीदारों के बीच वितरित होगी। PIB की आधिकारिक जानकारी यहां पढ़ें।
जालना के किराना बाजार में व्यापारियों की बैठक
जालना के होलसेल किराना बाजार में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में UPI और डिजिटल भुगतान से जुड़े नए शुल्क पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापारियों ने कहा कि छोटे कारोबार कम मुनाफे पर चलते हैं और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बड़े मूल्य के लेन-देन पर MDR लगने से कारोबार की लागत बढ़ने की चिंता है।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सतीश पंच ने कहा कि व्यापारी पहले से ही कई तरह के करों और शुल्क का भुगतान करते हैं। उनके अनुसार, कम मार्जिन पर काम करने वाले छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए अतिरिक्त भुगतान व्यवस्था का असर सीधे मुनाफे पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से जुड़े आर्थिक फैसले लेने से पहले सरकार और संबंधित संस्थाओं को व्यापारी संगठनों से बातचीत करनी चाहिए।
सतीश पंच ने GST के बाद भी व्यापारियों पर अलग-अलग तरह के कर और शुल्क जारी रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी देते हैं। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों पर कोई नया आर्थिक बोझ डालने से पहले उनके प्रतिनिधियों से चर्चा की जाए।
सतीश पंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
सतीश पंच ने कहा कि व्यापारी देश की आर्थिक प्रगति में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन पर एकतरफा आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि व्यापारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यापारी संगठन इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
सचिन वाणी ने साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी
बैठक में व्यापारियों को UPI और डिजिटल भुगतान की जानकारी देने के लिए प्रियदर्शनी बैंक के CEO सचिन वाणी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने UPI लेन-देन से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए व्यापारियों से साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने डिजिटल भुगतान के दौरान UPI PIN, OTP और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।
UPI से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए NPCI की UPI वेबसाइट और नए नियमों से संबंधित जानकारी के लिए NPCI के UPI Circulars देखे जा सकते हैं।
मराठवाड़ा अध्यक्ष हस्तीमलजी बंब ने भी रखी बात
बैठक में मराठवाड़ा अध्यक्ष हस्तीमलजी बंब ने भी व्यापारियों को संबोधित किया और अपनी बात रखी। उन्होंने व्यापारियों से डिजिटल भुगतान और उससे जुड़े नियमों को समझकर सावधानी से काम करने की अपील की।
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बैठक में ये व्यापारी रहे मौजूद
बैठक में किशन भक्कड़, दत्तप्रसाद लड्डा, पुरुषोत्तम अग्रवाल, रवि अग्रवाल, पियुष भक्कड़, अनिल लड्डा, पृथ्वीराज भुरेवाल, प्रवीण कामड, मुकेश कुकडेजा, मुन्ना अग्रवाल और संतोष डागा सहित किराना व्यापारी संगठन के कई सदस्य मौजूद रहे। बैठक के अंत में किशन भक्कड़ ने सभी उपस्थित व्यापारियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।


