जालना में आग का तांडव—मंठा चौफुली में सिलेंडर ब्लास्ट से दहशत, 10 दुकानें राख
उपशीर्षक: घंटों तक जलती रहीं लपटें, लाखों का नुकसान—व्यस्त चौराहे पर बड़ा हादसा टला
जालना | न्यूजनेशनऑनलाइन
जालना शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक मंठा चौफुली रविवार रात अचानक भीषण आग की चपेट में आ गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और 8 से 10 दुकानें जलकर खाक हो गईं। हालात उस वक्त और भयावह हो गए जब एक होटल में रखा गैस सिलेंडर विस्फोट के साथ फट गया, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। दुकानों में मौजूद ज्वलनशील सामग्री और सिलेंडर ब्लास्ट ने आग को और भड़काया, जिससे दमकल दल को आग पर काबू पाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना में दुकानों का पूरा सामान जलकर राख हो गया और लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
🚒 दमकल की जंग—घंटों बाद भी पूरी तरह काबू नहीं
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार प्रयासों के बावजूद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने में देरी हुई। इस दौरान पूरे इलाके में धुआं और आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं।
🚧 ट्रैफिक ठप, मौके पर जुटी भारी भीड़
भीषण आग की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
⚠️ संवेदनशील लोकेशन—बड़ा हादसा टला
मंठा चौफुली जालना का प्रमुख रिंग रोड चौराहा है, जहां से नांदेड, छत्रपति संभाजीनगर और बीड की ओर जाने वाले भारी वाहन गुजरते हैं। आसपास कई अस्पताल भी स्थित हैं। ऐसे में आग के और फैलने या अन्य सिलेंडरों में विस्फोट की आशंका से इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। समय रहते आग पर आंशिक नियंत्रण नहीं होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
❗ अतिक्रमण और लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने शहर में बढ़ते अतिक्रमण और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। रिंग रोड के किनारे टीन-टपरों की अस्थायी दुकानों का जाल फैला हुआ है, जिनमें कई जगहों पर अवैध कब्जा सड़क तक पहुंच चुका है।
इन दुकानों में ज्वलनशील सामान और गैस सिलेंडर रखने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जो ऐसे हादसों को न्योता देता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी और दुकानदारों की लापरवाही इस नुकसान की बड़ी वजह है।
🔍 जांच शुरू, कारण अब भी रहस्य
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के प्रमुख चौराहों से अतिक्रमण हटाकर और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कर भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जाए।
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यह हादसा जालना के लिए एक चेतावनी है—यदि समय रहते अतिक्रमण और सुरक्षा मानकों पर सख्ती नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी बड़े रूप ले सकते हैं।



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