📰 मुस्लिम ओबीसी आंदोलन के प्रणेता शब्बीर अंसारी को श्रद्धांजलि, जालना में सर्वदलीय शोकसभा
जालना | प्रतिनिधि
महाराष्ट्र के जालना में मुस्लिम ओबीसी समाज के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम ओबीसी ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष स्वर्गीय शब्बीर अहमद अंसारी को सर्वदलीय शोकसभा में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्तर पर विरोध के बावजूद उन्होंने कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया और अपने संघर्ष से मुस्लिम ओबीसी समाज को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🏛️ डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम
शहर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागार में आयोजित इस शोकसभा की शुरुआत स्व. अंसारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
✊ सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. शब्बीर अंसारी ने मुस्लिम ओबीसी समाज को उनके अधिकार दिलाने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया।
उनके अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर इस समाज को अधिकार दिलाने में सफलता मिली, जिसे सामाजिक परिवर्तन के रूप में देखा जाता है।
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🗣️ नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विचार
शोकसभा में कई प्रमुख नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए:
- पूर्व नगराध्यक्ष एवं शिवसेना नेता भास्कर अंबेकर ने उनके नेतृत्व को प्रेरणादायी बताया।
- उपमहापौर राजेश राऊत ने कहा कि वे केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश स्तर के क्रांतिकारी नेता थे और उन्होंने महात्मा फुले, शाहू महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाया।
- डॉ. संजय राख ने उनके निःस्वार्थ कार्य और समर्पण को समाज के लिए आदर्श बताया।
- वरिष्ठ नेता इकबाल पाशा ने कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी ओबीसी आंदोलन को मजबूती दी।
🌟 निःस्वार्थ और समर्पित व्यक्तित्व
सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्व. अंसारी ने कभी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा नहीं की और अपना पूरा जीवन वंचित समाज को न्याय दिलाने में समर्पित कर दिया।
उनका जीवन समाज सेवा, संघर्ष और समर्पण का उदाहरण है।
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👥 बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर उनके पुत्र इलियास अंसारी, गुफरान अंसारी और एजाज अंसारी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक प्रा. सत्संग मुंढे ने किया, जिसमें उन्होंने स्व. अंसारी के जीवन और उनके आंदोलन की विस्तृत जानकारी दी।
📌 निष्कर्ष
शोकसभा में यह भावना व्यक्त की गई कि स्व. शब्बीर अंसारी का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
वक्ताओं ने कहा कि उनके विचारों को आगे बढ़ाना और समाज के लिए कार्य करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

शब्बीर अंसारी श्रद्धांजलि
