जालना में SIR प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही: 10 BLO अधिकारियों पर FIR, मतदाता सूची कार्य प्रभावित
जालना | विशेष संवाददाता
महाराष्ट्र में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) अभियान के दौरान जालना शहर से लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 10 में SIR प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में 10 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया है।
15 दिनों से जारी था विशेष अभियान
जानकारी के अनुसार, वार्ड 10 में सामाजिक कार्यकर्ता सय्यद रहीम सय्यद इस्माईल, इम्रान खान नाना और नईम वस्ताद पिछले करीब 15 दिनों से लगातार मतदाता सूची सुधार और सत्यापन कार्य में जुटे हुए थे।
उन्होंने शिष्टेकडी, मालीपुरा और साली गली सहित कई इलाकों में कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक नागरिकों का पंजीकरण, संशोधन और सत्यापन कराने की कोशिश की।
इन प्रयासों का उद्देश्य था कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
BLO की गैरहाजिरी से काम ठप
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित BLO नियमित रूप से कैंप में उपस्थित नहीं हो रहे थे।
बताया गया कि वे बार-बार अलग-अलग कारण बताते हुए SIR प्रक्रिया को टालते रहे, जिससे:
- मतदाता सूची संशोधन कार्य प्रभावित हुआ
- ऑनलाइन मैपिंग में देरी हुई
- नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा
इस कारण पूरा अभियान धीमा पड़ गया और कई मामलों में कार्य लंबित रह गया।
शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में
लगातार हो रही समस्याओं से परेशान होकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
तहसील प्रशासन द्वारा की गई जांच में संबंधित BLO की लापरवाही सामने आई। अधिकारियों ने माना कि इस कारण नागरिकों को असुविधा हुई और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
BLO को सौंपे गए थे ये अहम कार्य
नायब तहसीलदार विष्णुपंत घुगे ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के 3 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार BLO को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं, जिनमें शामिल हैं:
- मतदाता सूची में त्रुटियों का सुधार
- मतदाताओं के फोटो का सत्यापन
- SIR-2002 प्रक्रिया का संचालन
- ऑनलाइन मैपिंग
- फॉर्म 6, 7 और 8 का निपटारा
👉 आधिकारिक जानकारी के लिए देखें:
- Election Commission of India – https://eci.gov.in
- Representation of the People Act, 1950 की जानकारी – https://legislative.gov.in
इसके बावजूद कई BLO 20 मार्च को आयोजित समीक्षा बैठक में भी अनुपस्थित पाए गए।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार ने तालुका पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
यह मामला निम्न कानूनी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है:
- भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 234
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13
इन धाराओं के तहत चुनावी प्रक्रिया में बाधा और कर्तव्य में लापरवाही को गंभीर अपराध माना जाता है।
इन 10 BLO के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस में जिन 10 अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- रमेश कल्याण खरे
- पुरुषोत्तम संपतराव चौरे
- एस. पी. लगड
- शिवाजी गोविंदराव घोगरे
- एस. एल. गुंजकर
- सचिन दामोदर खंदारे
- एस. एस. गोसावी
- अतीक रहीम शेख
- भरत सोपानराव होनमाने
- संजय शंकरराव चव्हाण
लोकतंत्र पर उठे सवाल
इस घटना के बाद जालना शहर में चर्चा तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर होती है, यदि वही अपने कर्तव्यों में लापरवाही करें तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
अब सभी की नजर प्रशासन द्वारा आगे की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
निष्कर्ष
जालना में सामने आया यह मामला केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका असर आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है।
प्रशासन की अगली कार्रवाई यह तय करेगी कि इस मामले में जवाबदेही कितनी सुनिश्चित की जाती है।
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