✝️ जालना में ईस्टर संडे धूमधाम से मनाया गया, सुबह 4 बजे से निकलीं प्रभात फेरियां और भव्य रैलियां
जालना | संवाददाता | NewsNationOnline
जालना शहर में ईसाई समुदाय का प्रमुख पर्व ईस्टर संडे इस वर्ष भी पूरे उत्साह, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। रविवार सुबह 4 बजे से ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभात फेरियां और धार्मिक रैलियां निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
ईस्टर संडे ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान का प्रतीक है और आशा, विश्वास तथा नए जीवन का संदेश देता है। (ABP Live)
🌅 शहर के विभिन्न इलाकों में प्रभात फेरियां
नए जालना क्षेत्र के क्रांति नगर, रामनगर, क्रिश्चियन कॉलोनी, क्रिश्चियन कैंप, कालीकुर्ती और मिशन हॉस्पिटल परिसर सहित कई इलाकों में प्रभात फेरियां निकाली गईं।
वहीं पुराने जालना के नूतन कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, सत्कार कॉम्प्लेक्स और गांधी चौक क्षेत्रों में भी श्रद्धालुओं ने रैलियों में भाग लिया।
हाथों में मोमबत्तियां लिए श्रद्धालु “प्रभु जी उठे हैं, वे सचमुच जीवित हुए हैं” के जयघोष करते नजर आए। मोमबत्तियों की रोशनी से पूरा वातावरण भक्तिमय और आलोकित हो गया।
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⛪ चर्चों में विशेष प्रार्थना और बाइबल पाठ
ईस्टर के अवसर पर शहर के विभिन्न चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। मिशन हॉस्पिटल परिसर स्थित क्राइस्ट चर्च कैथेड्रल में श्रद्धालुओं ने विशेष प्रार्थना करते हुए बाइबल का पाठ किया।
धर्मगुरुओं ने अपने संदेश में बताया कि प्रभु यीशु मसीह ने मानवता के कल्याण के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और तीसरे दिन पुनर्जीवित हुए, जिसे ‘पुनरुत्थान’ कहा जाता है। यही ईस्टर का मुख्य आधार है। (The Indian Express)
🎺 लेझीम, झांकियां और धार्मिक नाटिकाएं बनी आकर्षण
ईस्टर रैलियों में शहर के युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेते हुए लेझीम दल के साथ आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। जुलूस चर्च परिसर से शुरू होकर मिशन हॉस्पिटल मार्ग तक पहुंचा।
मार्ग में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस दौरान जीवंत झांकियां और धार्मिक नाटिकाएं प्रस्तुत की गईं, जिनमें यीशु मसीह के जीवन, त्याग और मानवता के संदेश को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
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🙏 शांति और भाईचारे का संदेश
प्रार्थना सभाओं में श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति, प्रेम और भाईचारे की स्थापना के लिए प्रार्थना की। साथ ही वैश्विक संघर्षों के समाप्त होने की भी कामना की गई।
धर्मगुरुओं ने अपने संदेश में समाज में एकता, सहयोग और मानवता के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
👨👩👧👦 सभी वर्गों की सहभागिता
इस अवसर पर महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। शहर में दिनभर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जो पूरी तरह शांति और सौहार्द के माहौल में संपन्न हुए।
📍 टॉम डॉप्सन मेमोरियल चर्च में विशेष आयोजन
पुराने जालना के नूतन कॉलोनी स्थित टॉम डॉप्सन मेमोरियल चर्च में भी सुबह 4 बजे से प्रभात फेरी निकाली गई। बच्चों ने लेझीम प्रस्तुति देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
रेव. बिभीषण कांबळे ने प्रभु यीशु के पुनरुत्थान पर प्रवचन दिया। जॉर्ज उगले सहित चर्च के युवा मंडल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
👉 निष्कर्ष
जालना में ईस्टर संडे का पर्व धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उत्साह और सामाजिक एकता के साथ मनाया गया। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश भी देता है।


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