जालना कांग्रेस विवाद: नंदा पवार ने जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख को हटाने की मांग
जातीय भेदभाव, गलत निलंबन और संगठन को कमजोर करने के आरोप; पार्टी नेतृत्व से कार्रवाई की अपील
जालना:
जालना कांग्रेस विवाद: जालना जिले में Indian National Congress के भीतर चल रहा आंतरिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। महिला कांग्रेस की निलंबित जिलाध्यक्ष Nanda Pawar ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष Rajabhau Deshmukh पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से तत्काल हटाने की मांग की है।
पवार का कहना है कि देशमुख के नेतृत्व में जालना जिले में कांग्रेस संगठन कमजोर हुआ है और लगातार पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से इस मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की अपील की है।
निलंबन को बताया गलत और गैरकानूनी
नंदा पवार ने अपने खिलाफ की गई निलंबन कार्रवाई को पूरी तरह गलत और गैरकानूनी बताया है। उनके अनुसार, महाराष्ट्र कांग्रेस के उपाध्यक्ष Ganesh Patil द्वारा जारी निलंबन आदेश उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया।
पवार का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया। उनका दावा है कि पार्टी नियमों के अनुसार पहले नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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जातीय भेदभाव का लगाया आरोप
नंदा पवार ने यह भी आरोप लगाया कि वे पिछड़े वर्ग से आने वाली महिला हैं, इसलिए उनके साथ जानबूझकर भेदभाव किया गया।
उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राजाभाऊ देशमुख के नेतृत्व में जालना जिले में पार्टी संगठन कमजोर होता गया और कई पुराने तथा निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी से दूर हो गए।
उनका आरोप है कि स्थानीय राजनीति में कांग्रेस को Bharatiya Janata Party और Shiv Sena के प्रभाव में काम करने के लिए मजबूर किया गया, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा।
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टिकट वितरण में आर्थिक लेन-देन का आरोप
पवार ने आरोप लगाया कि नगरपालिका और महानगरपालिका चुनावों के दौरान टिकट वितरण में आर्थिक लेन-देन को प्राथमिकता दी गई।
उनके अनुसार, इससे ईमानदारी से काम करने वाले कई कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ और पार्टी संगठन को नुकसान पहुंचा।
पवार ने बताया कि जालना महानगरपालिका चुनाव के दौरान उन्हें प्रभाग नंबर चार से कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बनाया गया था। लेकिन बाद में उनके खिलाफ गलत जानकारी देकर प्रचार किया गया, जिससे उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
चुनावी हार के लिए नेताओं को ठहराया जिम्मेदार
नंदा पवार ने दावा किया कि यदि उनके खिलाफ साजिश नहीं की जाती, तो उनकी जीत लगभग तय थी।
उन्होंने कहा कि उनकी चुनावी हार के लिए गणेश पाटील और राजाभाऊ देशमुख जिम्मेदार हैं।
पवार का कहना है कि इस तरह की आंतरिक राजनीति के कारण जालना जिले में कांग्रेस संगठन लगातार कमजोर हो रहा है और कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है।
पार्टी नेतृत्व से कार्रवाई की मांग
नंदा पवार ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मांग की है कि जालना जिले में पार्टी को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से औपचारिक शिकायत भी करेंगी और उम्मीद है कि संगठन को मजबूत करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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