भारत और कनाडा के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जल्द अंतिम रूप देने पर विस्तार से चर्चा हुई। पीयूष गोयल 25 से 27 मई तक कनाडा के दौरे पर हैं और उनके साथ एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है, ताकि आने वाले वर्षों में सहयोग को नई ऊंचाई पर पहुंचाया जा सके।
50 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य पर जोर, दोनों देशों ने जताई साझा प्रतिबद्धता
भारत और कनाडा ने मिलकर अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस पर चर्चा करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं और हाल की भारत यात्रा को याद किया, जिसने दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य फोकस भविष्य के अवसरों और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर रहा। दोनों देशों ने माना कि CEPA समझौता लागू होने के बाद व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
कनाडा पीएम मार्क कार्नी ने बताया समझौते को गेम चेंजर, कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को एक बड़ा “गेम चेंजर” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता कनाडा के श्रमिकों और व्यवसायों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। कार्नी ने पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक में अब तक की प्रगति की समीक्षा की और ऊर्जा, कृषि-खाद्य, प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तेज गति से आगे बढ़ती बातचीत यह दर्शाती है कि साझेदारी को लेकर मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति मौजूद है।
2030 तक व्यापार तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य, मिशन मोड में काम जारी
बैठक से पहले पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा के संबंध अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं और दोनों देश मिशन मोड में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेताओं ने उन्हें निर्देश दिया है कि मुक्त व्यापार समझौते को इस वर्ष के अंत तक या उससे पहले अंतिम रूप दिया जाए। इसके साथ ही 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 17 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों देशों का मानना है कि यह साझेदारी न केवल आर्थिक विकास को गति देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नए व्यापारिक अवसर पैदा करेगी।
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