उपमहापौर से आगे स्थायी समिति की जंग, जालना महानगरपालिका में सत्ता समीकरणों पर मंथन तेज
जालना (जिला प्रतिनिधि):
जालना शहर महानगरपालिका में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। महापौर पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद शुरुआत में यह माना जा रहा था कि अधिकतर नगरसेवक उपमहापौर पद को लेकर सक्रिय रहेंगे, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। प्रशासनिक और राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नगरसेवकों की असली दिलचस्पी अब उपमहापौर पद से अधिक स्थायी समिति में स्थान पाने और उसके अध्यक्ष पद की दौड़ में दिखाई दे रही है। स्थायी समिति जालना महानगरपालिका,
सूत्रों का कहना है कि उपमहापौर का पद मुख्य रूप से औपचारिक माना जाता है और इसके अधिकार सीमित होते हैं। इसके विपरीत, स्थायी समिति के अध्यक्ष को महापौर के बाद सबसे अधिक अधिकार प्राप्त होते हैं। नगर विकास, बजट, टेंडर और अहम नीतिगत फैसलों में स्थायी समिति की भूमिका निर्णायक होती है। इसी वजह से नगरसेवकों के बीच स्थायी समिति की सदस्यता को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। समिति में कुल 16 सदस्यों का चयन किया जाना है, जिसे लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज हो गई है।
जालना महानगरपालिका का यह पहला कार्यकाल है, जिसमें चुनाव और प्रशासनिक व्यवस्थाएं पहली बार पूरी तरह लागू हो रही हैं। कई अधिकारी और कर्मचारी भी स्थानीय निकाय या पूर्व नगरपालिका से जुड़े रहे हैं, जिनके लिए यह पूरा ढांचा नया है। ऐसे में 65 नगरसेवकों में से कितने स्वीकृत सदस्य होंगे और स्थायी समिति में किन्हें जगह मिलेगी, इस पर फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। स्थायी समिति जालना महानगरपालिका.
दिग्गज नगरसेवकों के नाम चर्चा में
महापौर पद पहले ढाई वर्षों के लिए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण अगले ढाई वर्षों के संभावित दावेदार—गोरंट्याल और दानवे—के उपमहापौर पद की दौड़ में शामिल होने की संभावना कम मानी जा रही है। वहीं, स्थायी समिति के अध्यक्ष पद के लिए राजेश राऊत, महावीर ढक्का, अशोक पांगारकर, अशोक पवार और संध्या देठे जैसे अनुभवी नगरसेवकों के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा नेतृत्व अनुभव और संगठनात्मक संतुलन के आधार पर किसे प्राथमिकता देता है।
9 फरवरी को होंगे अहम चुनाव
आगामी 9 फरवरी को महानगरपालिका के पहले महापौर और उपमहापौर का चुनाव होना है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। महापौर पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने के बाद उपमहापौर पद को लेकर भी राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है। चुनाव परिणामों के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि सत्ता संतुलन किस दिशा में जाता है।
महिला एवं बालकल्याण सभापति पद भी महत्वपूर्ण
महानगरपालिका में महिला एवं बालकल्याण सभापति का पद भी गठित किया जाना है, जिस पर महिला नगरसेविका का चयन अनिवार्य रहेगा। सामाजिक और विकासात्मक योजनाओं से जुड़ा होने के कारण यह पद भी राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, जालना महानगरपालिका की राजनीति में उपमहापौर पद से अधिक स्थायी समिति—और विशेष रूप से उसके अध्यक्ष पद—को लेकर खींचतान तेज हो चुकी है। सत्ता की असली चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला आने वाले दिनों में होने वाले चुनाव और नियुक्तियों के बाद साफ हो जाएगा। स्थायी समिति जालना महानगरपालिका.
❓ जालना महानगरपालिका में स्थायी समिति क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
उत्तर: स्थायी समिति को नगर विकास, बजट, टेंडर और प्रशासनिक फैसलों में अहम अधिकार प्राप्त होते हैं। इसके अध्यक्ष को महापौर के बाद सबसे अधिक अधिकार मिलते हैं, इसलिए यह समिति सत्ता का प्रमुख केंद्र मानी जाती है।
❓ उपमहापौर पद की तुलना में स्थायी समिति को ज्यादा महत्व क्यों दिया जा रहा है?
उत्तर: उपमहापौर पद मुख्य रूप से औपचारिक होता है और इसके अधिकार सीमित रहते हैं, जबकि स्थायी समिति के माध्यम से महत्वपूर्ण नीतिगत और वित्तीय निर्णय लिए जाते हैं।
❓ जालना महानगरपालिका में स्थायी समिति में कितने सदस्य होंगे?
उत्तर: जालना महानगरपालिका की स्थायी समिति में कुल 16 सदस्यों का चयन किया जाना है।
❓ स्थायी समिति अध्यक्ष पद के लिए किन नामों की चर्चा है?
उत्तर: राजनीतिक सूत्रों के अनुसार राजेश राऊत, महावीर ढक्का, अशोक पांगारकर, अशोक पवार और संध्या देठे जैसे अनुभवी नगरसेवकों के नाम चर्चा में हैं।
❓ महापौर और उपमहापौर का चुनाव कब होगा?
उत्तर: जालना महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव 9 फरवरी को प्रस्तावित है।
❓ महिला एवं बालकल्याण सभापति पद का क्या महत्व है?
उत्तर: यह पद महिला एवं बच्चों से जुड़ी योजनाओं और सामाजिक विकास से संबंधित होता है। इस पद पर महिला नगरसेविका का चयन अनिवार्य होता है, जिससे इसका सामाजिक और राजनीतिक महत्व बढ़ जाता है।
- Rahul Gandhi Meet Inspires Jalna Congress ChiefJalna Congress chief Dr Vishal Dhanure described his meeting with Rahul Gandhi during a Congress training camp in Nashik as a memorable experience that inspired him to work with renewed vigour for society and constitutional values.
- Jalna Bank Loan Fraud: Gopal Agarwal Gets Interim Bail**Excerpt:** Jalna Merchant Cooperative Bank chairman Gopal Agarwal has secured interim bail from the Bombay High Court in the alleged Rs 53.24-crore loan fraud case. Twelve accused have been arrested so far.
- जालना लघु उद्योग भारती की बैठक में नए श्रम कानूनों पर चर्चाजालना लघु उद्योग भारती की मासिक बैठक में नए श्रम कानूनों, ईपीएफ, ईएसआईसी, पॉश, वेतन, बोनस और ठेका कर्मचारियों से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई।
- मध्य महाराष्ट्र के लिए अलग रेलवे मंडल बनाने की मांग तेजमराठवाड़ा रेलवे परिषद में मध्य महाराष्ट्र के लिए अलग रेलवे मंडल बनाने, जालना में जोनल कार्यालय शुरू करने और नई रेल सेवाएं शुरू करने की मांग उठी।
- खाद्य तेल के बढ़ते दामों ने बिगाड़ा घर का बजट, सोयाबीन से सूरजमुखी तेल तक महंगाजालना के बाजार में खाद्य तेल के दाम बढ़े हैं। सोयाबीन, पाम, सूरजमुखी और सरकी तेल महंगा हुआ, जबकि मूंगफली और करड़ी तेल के भाव घटे हैं। बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट पर असर पड़ा है।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.










































































































Leave a Reply