16 तारीख से जालना में विकास की नई शुरुआत, भाजपा का महापौर तय
जालना | प्रतिनिधि
जालना शहर में पहली बार आयोजित हो रहे महानगरपालिका चुनाव के मद्देनज़र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भव्य और ऐतिहासिक चुनावी सभा का आयोजन किया गया। इस जनसभा में मुख्यमंत्री ने जालना को विकास, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक शहरी सुविधाओं के नए दौर में ले जाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“15 तारीख को भाजपा को वोट दीजिए और 16 तारीख से जालना में विकास की नई शुरुआत देखिए।”
स्टील और बीजों की नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले जालना शहर में करीब 90 वर्षों बाद गठित हुई महानगरपालिका के पहले चुनाव की यह पहली जाहीर सभा थी, जो शहर के डॉ. फ्रेज़र बॉयज़ मैदान में विशाल जनसमूह की उपस्थिति में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री के साथ मंच पर कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री और बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे।

सभा में मौजूद प्रमुख नेता
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे, विधायक बबनराव लोणीकर, पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल, विधायक नारायण कुचे, विधायक संतोष दानवे, पूर्व नगराध्यक्षा संगीता गोरंट्याल, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष भास्कर दानवे, राहुल लोणीकर, घनश्यामदास गोयल, अक्षय गोरंट्याल, अर्जुन गेही, वीरेंद्र धोका, सतीश घाडेके, राजेश राऊत, अशोक पांगारकर सहित अनेक पदाधिकारी और उम्मीदवार उपस्थित रहे।
“90 साल बाद बनी महापालिका, यह ऐतिहासिक क्षण”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा—
“जिस जालना को पोलाद और बीजों की नगरी के रूप में जाना जाता है, वहां 90 वर्षों बाद महानगरपालिका बनी है। इस पहले चुनाव की पहली सभा में उपस्थित होना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है।”
उन्होंने कहा कि जालना के नागरिकों ने लंबे समय से इस क्षण का इंतजार किया है और अब शहर को एक सशक्त, सुव्यवस्थित और आधुनिक महानगर बनाने का अवसर मिला है।

शहरों की अनदेखी से लेकर विकास की नई सोच
मुख्यमंत्री ने देश के विकास मॉडल पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले सात दशकों तक यह दोहराया गया कि भारत गांवों में रहता है और गांवों का विकास ही देश का विकास है।
लेकिन यह सच्चाई भुला दी गई कि भारत शहरों में भी उतनी ही मजबूती से बसता है।
उन्होंने कहा कि—
- रोजगार
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- बेहतर जीवन स्तर
इन सभी के लिए लोग गांवों से शहरों की ओर आते रहे, लेकिन दशकों तक शहरों की नियोजित व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके परिणामस्वरूप झोपड़पट्टियां बढ़ीं, पेयजल संकट गहराया, गंदा पानी तालाबों और नदियों में जाने लगा और कचरा प्रबंधन एक गंभीर समस्या बन गया। कई शहर अव्यवस्था और बदहाली की ओर बढ़ते चले गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद यह सोच बदली।
आज देश की लगभग 65 प्रतिशत जीडीपी शहरों से आती है, इसलिए शहरों का मजबूत होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से स्मार्ट सिटी योजना, अमृत योजना सहित कई शहरी विकास योजनाएं लागू की गईं, जिनका लाभ जालना को भी मिला।
लाडली बहन योजना पर स्पष्ट रुख
मुख्यमंत्री फडणवीस ने लाडली बहन योजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर सख्त शब्दों में जवाब दिया।
उन्होंने कहा—
“विधानसभा चुनाव के बाद कुछ लोग कहने लगे थे कि भाजपा लाडली बहन योजना बंद कर देगी। लेकिन एक साल पूरा हो गया है और योजना पूरी मजबूती से जारी है।”
उन्होंने दो टूक ऐलान किया—
“जब तक देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री है, तब तक लाडली बहनों का एक भी रुपया बंद नहीं होगा।”

महापौर बनते ही ‘लखपति दीदी’ का अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जालना में भाजपा का महापौर बनते ही लाडली बहनों को ‘लखपति दीदी’ बनाने का अभियान तेज किया जाएगा।
उन्होंने स्थानीय भाजपा नेताओं से आह्वान किया कि अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जालना में ‘उमेद मॉल’ का निर्माण किया जा रहा है, जो विशेष रूप से महिला बचत समूहों के लिए होगा। इस मॉल के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने का स्थायी और सशक्त मंच मिलेगा।

पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल का विस्तृत विकास एजेंडा
इसी क्रम में पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने अपने भाषण में कहा कि—
- जालना में मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की देन है
- 15 मेगावॉट का सोलर प्लांट केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के प्रयासों से मंजूर हुआ
- “काम हम करते हैं और श्रेय विरोधी ले जाते हैं,” ऐसा आरोप भी उन्होंने लगाया
उन्होंने बताया कि नगराध्यक्षा संगीता गोरंट्याल के कार्यकाल में—
- नगर पालिका में दो सेमी-इंग्लिश स्कूल शुरू किए गए
- 70 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए
- सीमेंट सड़कों का निर्माण किया गया
- अमृत वन में साइकिल ट्रैक विकसित किया गया
उन्होंने आगे कहा कि जालना को अब नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए—
- एक विद्यापीठ और क्रीड़ा विद्यापीठ की आवश्यकता है
- शहर केवल 5 किमी क्षेत्र में फैला होने के बावजूद सड़कों की भारी जरूरत है
- 220 करोड़ रुपये की जल योजना से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए
- जीएसटी में जालना से करोड़ों का योगदान है, इसलिए उसके अनुपात में निधि मिलनी चाहिए
- महात्मा फुले मार्केट और मोती तालाब का विकास किया जाए
- झोपड़पट्टी क्षेत्रों को पीआर कार्ड दिए जाएं
- पुराने जालना के बाद नए जालना के आज़ाद मैदान में भव्य क्रीड़ा संकुल बनाया जाए

केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे का विपक्ष पर तीखा हमला
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि यह जालना महानगरपालिका का पहला चुनाव है और भाजपा अपने दम पर 65 उम्मीदवारों के साथ मैदान में है।
उन्होंने कहा कि जालना नगर पालिका के इतिहास में भाजपा को कभी सत्ता नहीं मिली, लेकिन 2014 में केंद्र में मोदी और राज्य में फडणवीस सरकार आने के बाद जालना का वास्तविक विकास शुरू हुआ।
उन्होंने दावा किया कि—
- 2014 से 2025 के बीच जालना का बैकलॉग भरा गया
- जालना को पूरे राज्य से जोड़ा गया
- लोकसभा क्षेत्र में 6,000 करोड़ रुपये की सड़कें बनीं
- मराठवाड़ा में रेलवे का विस्तार हुआ
- जालना में 200 करोड़ रुपये का रेलवे स्टेशन विकसित किया गया
- मेडिकल कॉलेज और जलापूर्ति के लिए 90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए
उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे विकास कार्यों का एक भी बोर्ड दिखा दें। साथ ही विपक्ष पर वोट चोरी जैसे गैर-जिम्मेदार आरोप लगाने का आरोप भी लगाया।
भारी जनसैलाब और शक्ति प्रदर्शन
डॉ. फ्रेज़र बॉयज़ मैदान में उमड़ी भारी भीड़, जोशीले नारों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच यह सभा स्पष्ट रूप से शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गई। बड़ी संख्या में उम्मीदवार और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, जालना महानगरपालिका के पहले चुनाव में आयोजित यह भाजपा की विशाल जनसभा शहर की राजनीति में निर्णायक मोड़ साबित होती दिखी और भाजपा को जीत दिलाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।


❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
❓ जालना महानगरपालिका चुनाव 2026 क्यों ऐतिहासिक माने जा रहे हैं?
उत्तर: जालना शहर में लगभग 90 वर्षों बाद पहली बार महानगरपालिका का गठन हुआ है। यह चुनाव नगर विकास, प्रशासनिक अधिकार और शहरी सुविधाओं के लिहाज से जालना के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।
❓ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जालना में क्या बड़ा ऐलान किया?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 तारीख को भाजपा को वोट मिलने के बाद 16 तारीख से जालना में विकास की नई शुरुआत होगी। साथ ही भाजपा का महापौर बनने पर शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
❓ लाडली बहन योजना को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या स्पष्ट किया?
उत्तर: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा कि लाडली बहन योजना बंद नहीं होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक वे मुख्यमंत्री हैं, तब तक लाडली बहनों को मिलने वाला आर्थिक लाभ जारी रहेगा।
❓ ‘लखपति दीदी’ योजना का जालना से क्या संबंध है?
उत्तर: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा का महापौर बनते ही जालना की लाडली बहनों को ‘लखपति दीदी’ बनाने का अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
❓ ‘उमेद मॉल’ क्या है और इससे किसे लाभ मिलेगा?
उत्तर: ‘उमेद मॉल’ महिला बचत समूहों (Self Help Groups) के लिए बनाया जा रहा है, जहां वे अपने उत्पाद बेच सकेंगी। इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी और उन्हें स्थायी बाजार मिलेगा।
❓ पूर्व विधायक कैलाश गोरंट्याल ने जालना के लिए क्या मांगें रखीं?
उत्तर: उन्होंने मेडिकल कॉलेज, 15 मेगावॉट सोलर प्लांट, 220 करोड़ की जल योजना, सीमेंट सड़कों, विद्यापीठ व क्रीड़ा विद्यापीठ, महात्मा फुले मार्केट व मोती तालाब विकास, झोपड़पट्टी क्षेत्रों को पीआर कार्ड और नए जालना में भव्य क्रीड़ा संकुल की मांग रखी।
❓ केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
उत्तर: उन्होंने कहा कि 2014 के बाद जालना का वास्तविक विकास भाजपा सरकार में हुआ। उन्होंने विपक्ष को चुनौती दी कि वे शहर में किए गए विकास कार्यों का एक भी प्रमाण (बोर्ड/परियोजना) दिखाएं।
❓ जालना में भाजपा कितने उम्मीदवारों के साथ चुनाव लड़ रही है?
उत्तर: केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के अनुसार, भाजपा अपने दम पर 65 उम्मीदवारों के साथ जालना महानगरपालिका का चुनाव लड़ रही है।
❓ इस चुनावी सभा को मील का पत्थर क्यों माना जा रहा है?
उत्तर: डॉ. फ्रेज़र बॉयज़ मैदान में भारी जनसैलाब और शक्ति प्रदर्शन के साथ हुई यह सभा जालना महानगरपालिका के पहले चुनाव में भाजपा की जीत की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।
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