NewsNation Online

News That Informs. Stories That Matter.

किसानी मुद्दों पर विधायक खोतकर का सरकार पर हमला

जालना: अतिवृष्टि प्रभावित किसानों के लिए महायुति सरकार द्वारा घोषित 31 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की सराहना करते हुए भी जालना के विधायक अर्जुनराव खोतकर किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर आक्रामक रुख में नजर आए। उन्होंने कहा कि नाफेड और सीसीआई के माध्यम से किसानों की उपज की खरीद की जाए, ताकि उन्हें उचित मूल्य मिल सके। साथ ही तकनीकी त्रुटियों का बहाना बनाकर किसानों को लाभ से वंचित करने वाले लापरवाह अधिकारियों तथा बीमा कंपनियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी उठाई।

विधायक खोतकर ने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने इतनी भीषण अतिवृष्टि पहले कभी नहीं देखी। लगातार बदलते मौसम और अल्प-दुर्लभ वर्षा की स्थिति ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। ऊपर से फसलों का उचित दाम न मिल पाने के कारण स्थिति और गंभीर हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने राहत पैकेज की घोषणा तो की है, लेकिन अब भी कई किसान अनुदान से वंचित हैं, जिसके लिए प्रशासनिक उदासीनता और अधिकारियों की लापरवाही जिम्मेदार है।

उन्होंने विधानसभा में उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि कई गांवों में बारिश मापने वाले उपकरण खराब होने के कारण अतिवृष्टि का सही आंकड़ा दर्ज नहीं हो सका। जबकि उसी समय एक बांध रातोंरात भर गया, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक नोंद नहीं ली। परिणामस्वरूप लगभग 15 से 20 गांव बीमा लाभ से वंचित रह गए। इस संबंध में त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।

अंगुर उत्पादकों के साथ अन्याय

कडवंची क्षेत्र के लगभग 8 से 10 गांवों के अंगुर उत्पादक किसानों को भी बीमा लाभ नहीं मिला। किसानों ने प्रति हेक्टेयर 19,000 रुपये प्रीमियम का भुगतान किया, जबकि उन्हें केवल 7,486 रुपये प्रति हेक्टेयर का ही भुगतान किया गया। विधायक खोतकर ने इसे “किसानों के साथ खुला अन्याय” बताया और स्थिति को अत्यंत गंभीर कहा।

अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान, पर राहत अपर्याप्त

उन्होंने बताया कि इस वर्ष अतिवृष्टि के कारण किसानों के घर, खेत, कुएं तथा फसलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। जालना तहसिल के लिए 125 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन मात्र 30 प्रतिशत राशि ही मंजूर हुई। कई गांवों में ड्रोन सर्वे और पंचनामे अपलोड न होने के कारण बीमा कंपनियों ने तकनीकी तर्क देकर दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

विधायक खोतकर ने यह भी कहा कि मराठवाड़ा विद्युत ग्रिड के लिए केंद्र सरकार द्वारा निधि स्वीकृत न किए जाने से क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। वहीं हाथवन तालाब निर्माण की मंजूरी को 20 वर्ष बीत चुके हैं, किसान जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार अब तक कार्य शुरू नहीं कर पाई है।

उन्होंने जालना–नांदेड समृद्धि महामार्ग पर उचित मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 230 दिनों से जारी किसान आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

किसान महिलाओं पर आईटी रिटर्न की अनिवार्यता का विरोध

विधायक खोतकर ने कहा कि कृषि ऋण लेने के लिए महिला किसानों से आयकर रिटर्न की मांग की जाती है, जबकि रिटर्न दाखिल करने पर वे कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ खो देती हैं। उन्होंने इस शर्त को शिथिल करने की मांग की।

घरकुल योजना की किस्तें त्वरित जारी करने की मांग

उन्होंने बताया कि घरकुल योजना के लाभार्थियों को अब तक सिर्फ पहली किस्त मिली है। कई लाभार्थी कर्ज लेकर घर निर्माण कर रहे हैं, ऐसे में शेष राशि तुरंत जारी की जानी चाहिए, अन्यथा योजना का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा। विधायक खोतकर ने कहा कि किसानों को कर्जमाफी अब अत्यंत आवश्यक हो गई है, अन्यथा आत्महत्या के मामलों में वृद्धि हो सकती है।

विधानसभा में उठाए गए मुद्दों पर महसूल मंत्री और समाजकल्याण मंत्री ने संज्ञान लेते हुए पीक बीमा और घरकुल योजना से सम्बंधित उत्तर प्रस्तुत किए।

विधानसभा में विधायक अर्जुनराव खोतकर किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए, अन्य विधायक सुन रहे हैं।
विधानसभा में विधायक अर्जुनराव खोतकर किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए, अन्य विधायक सुनते हुए।

आपके लिए सुझाव

author avatar
Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.


Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading