पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए दोबारा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज कर राजनीतिक हलचल मचा दी है। यह सीट लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार परिणाम ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई अनियमितताओं और बाधाओं की शिकायतों के बाद पुनर्मतदान कराया गया था। इसके बाद हुए चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की भारी जीत ने सभी राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है और इसे बंगाल की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई, लोकतंत्र की जीत बताया परिणाम
बीजेपी की इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देबांग्शु पांडा को बधाई दी और इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि फलता की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है और यह परिणाम धमकियों की हार और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत को दर्शाता है। पीएम मोदी ने कहा कि जनता ने भाजपा पर अपना विश्वास दोबारा जताया है और यह पश्चिम बंगाल में पार्टी के बढ़ते जनाधार का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों को जनता देख रही है और उसी का परिणाम यह चुनावी जीत है।
भारी अंतर से जीत दर्ज, विपक्ष को बड़ा झटका
फलता विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने 1 लाख 49 हजार 666 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने सीपीआई(एम) के उम्मीदवार शंभु नाथ कुर्मी को बड़े अंतर से हराया, जिन्हें केवल 40 हजार 645 वोट मिले। इस तरह जीत का अंतर 1 लाख 9 हजार 21 वोटों का रहा, जो इस चुनाव को बेहद खास बनाता है। कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 10 हजार 84 वोट मिले, जबकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से पहले नाम वापस ले लिया था, इसके बावजूद उन्हें 7 हजार 783 वोट मिले। यह परिणाम विपक्षी दलों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
चुनाव में अनियमितताओं के बाद हुआ पुनर्मतदान, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस सीट पर पहले 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन उस दौरान व्यापक अनियमितताओं और मतदान प्रक्रिया में बाधा की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का आदेश दिया। इस पूरी प्रक्रिया ने चुनावी व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए हैं। हालांकि दोबारा मतदान के बाद शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हुआ और परिणाम सामने आए। बीजेपी ने इस जीत को जनता के विश्वास की जीत बताया है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम आने वाले चुनावों में बंगाल की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.








































































































Leave a Reply