अंबड नगर परिषद चुनाव परिणाम 2025
भाजपा–रासप गठबंधन को स्पष्ट बहुमत, शरद पवार गुट को करारा झटका
जालना/अंबड: अंबड नगर परिषद के 2025 के चुनाव परिणामों ने एक बार फिर जिले की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत पकड़ को रेखांकित कर दिया है। भाजपा–राष्ट्रीय समाज पक्ष (रासप) गठबंधन ने कुल 16 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इसके मुकाबले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को केवल 4 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) को एक–एक सीट ही मिली। इन नतीजों को अंबड की स्थानीय राजनीति में बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
कड़ी प्रतिष्ठा की लड़ाई, फिर भी भाजपा का दबदबा
अंबड नगर परिषद चुनाव सभी प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका था। भाजपा के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) और कांग्रेस ने भी पूरी ताकत झोंकी। विशेष रूप से शरद पवार गुट ने सत्ताधारी भाजपा विधायक नारायण कुचे के खिलाफ सुनियोजित रणनीति के तहत आक्रामक प्रचार किया। इस दौरान आधुनिक तकनीक और एआई आधारित प्रचार माध्यमों का भी सहारा लिया गया, ताकि मतदाताओं तक प्रभावी संदेश पहुंचाया जा सके।
हालांकि, इन तमाम प्रयासों के बावजूद अंबड की जनता ने विकास, स्थिरता और नेतृत्व को प्राथमिकता देते हुए भाजपा प्रत्याशियों पर भरोसा जताया।
नगराध्यक्ष पद पर देवयानी कुलकर्णी की बड़ी जीत
नगराध्यक्ष पद के सीधे मुकाबले में भाजपा की उम्मीदवार देवयानी केदार कुलकर्णी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 13,423 वोट हासिल कर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की उम्मीदवार श्रद्धा शिवप्रसाद चांगले को बड़े अंतर से पराजित किया। यह जीत केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भाजपा के संगठनात्मक सामर्थ्य और मजबूत जनाधार का प्रमाण भी बताया जा रहा है।
प्रचार के दौरान देवयानी कुलकर्णी ने जायकवाड़ी के नाथ सागर से अंबड शहर को स्थायी जलापूर्ति, स्वतंत्र पार्किंग व्यवस्था, बेहतर सड़कें, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया था। इन विकासात्मक वादों को मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिला, जिसका असर सीधे परिणामों में दिखाई दिया।
सीटों का पूरा गणित
चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे—
- भाजपा: 14 सीटें
- राष्ट्रीय समाज पक्ष (रासप): 2 सीटें
- राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट): 4 सीटें
- कांग्रेस: 1 सीट
- राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट): 1 सीट
इस तरह भाजपा–रासप गठबंधन ने कुल 16 सीटों के साथ नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने रासप को छोड़कर किसी अन्य दल के साथ औपचारिक गठबंधन किए बिना चुनाव लड़ा और मजबूत स्थिति में सत्ता पर काबिज हुई।
राजेश टोपे की रणनीति नहीं आई काम
इस चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री राजेश टोपे ने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाई थी। वे करीब पंद्रह दिनों तक अंबड में डेरा डालकर व्यापक जनसंपर्क में जुटे रहे। इसके बावजूद वे भाजपा विधायक नारायण कुचे के प्रभाव और भाजपा के संगठित चुनाव प्रबंधन को चुनौती देने में सफल नहीं हो सके।
नतीजों ने साफ संकेत दिया है कि स्थानीय स्तर पर भाजपा की पकड़ अब भी बेहद मजबूत है और विपक्ष को संगठन, मुद्दों और नेतृत्व—तीनों मोर्चों पर नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।
निष्कर्ष: अंबड नगर परिषद चुनाव 2025 के परिणाम भाजपा–रासप गठबंधन के लिए बड़ी जीत और शरद पवार गुट के लिए गंभीर आत्ममंथन का कारण बनकर सामने आए हैं। विकास के एजेंडे और मजबूत संगठन के दम पर भाजपा ने एक बार फिर अंबड की राजनीति में अपनी निर्णायक बढ़त साबित की है।


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