कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने दोनों नेताओं को ‘गद्दार’ कहा, जिससे राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ गया है।
संविधान और समान अधिकारों की बात करते हुए दिया बयान
सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को समान अधिकार देता है और भारत किसी एक जाति, संगठन या विचारधारा का नहीं है। उन्होंने वीरा पासी और डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सभी नागरिकों को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि संविधान में देश के लोगों की आवाज शामिल है और इसकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश के संसाधनों और व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।
बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला, ‘गद्दार’ शब्द का इस्तेमाल
अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि जब भी बीजेपी-आरएसएस के नेता सामने आएं और प्रधानमंत्री मोदी या गृह मंत्री अमित शाह का नाम लें, तो जनता को उनसे सीधे कहना चाहिए कि वे ‘गद्दार’ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने मिलकर देश को नुकसान पहुंचाया है और संविधान तथा महापुरुषों जैसे गांधी और अंबेडकर के विचारों पर हमला किया है। राहुल के इस बयान को राजनीतिक रूप से बेहद तीखा और विवादित माना जा रहा है।
बीजेपी का पलटवार, राहुल की सोच पर उठाए सवाल
राहुल गांधी के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को नहीं बल्कि देश की जनता और 140 करोड़ भारतीयों को ‘गद्दार’ कहा है। पार्टी ने उनके बयान को बेहद आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि उनकी मानसिकता ‘अर्बन नक्सल’ जैसी है और वे पाकिस्तान जैसी भाषा बोलते हैं। इस पूरे विवाद ने देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस को जन्म दे दिया है।
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