🎓 एआई प्रॉक्टर कैमरों से नकल पर कड़ी रोक: जालना में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सफल प्रयोग
जालना | संवाददाता
AI Proctor Camera Board Exam: महाराष्ट्र के जालना जिले में इस वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल और अन्य अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने एक अभिनव तकनीकी पहल की। जिला कलेक्टर अशिमा मित्तल के निर्देशन में पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रॉक्टर कैमरा प्रणाली लागू की गई, जिसके परिणाम बेहद सकारात्मक रहे हैं।
📹 50 एआई कैमरों से हुई सख्त निगरानी
20 फरवरी से 18 मार्च के बीच आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में जिले के 5 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर कुल 50 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। यह परियोजना Chai Labs Innovations LLP और Social Pill के तकनीकी सहयोग से लागू की गई।
एडवांस एनालिटिक्स तकनीक से लैस इन कैमरों ने परीक्षा के दौरान छात्रों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यवहार को तुरंत चिन्हित किया जा सका।
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⚠️ संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट सिस्टम
एआई प्रणाली के जरिए निम्न गतिविधियों की तुरंत पहचान की गई:
- समूह बनाकर नकल करने की कोशिश
- बार-बार इधर-उधर देखना
- अनुचित सामग्री का उपयोग
- संदिग्ध व्यवहार
जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आई, संबंधित अधिकारियों को तुरंत अलर्ट भेजा गया, जिससे मौके पर ही हस्तक्षेप कर अनियमितताओं को रोका गया।
📊 पारदर्शिता और अनुशासन में बड़ा सुधार
जिला प्रशासन के अनुसार इस प्रयोग से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, अनुशासन और ईमानदारी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि संवेदनशील केंद्रों पर नकल के मामलों में स्पष्ट कमी आई है।
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🚀 अब पूरे जिले में लागू करने की तैयारी
तकनीकी सहयोग देने वाली संस्थाओं ने इस प्रणाली को और विकसित कर भविष्य में जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना जताई है। इससे आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनने की उम्मीद है।
📌 अन्य जिलों के लिए बनेगा मॉडल
जालना प्रशासन की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में तकनीक के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल महाराष्ट्र के अन्य जिलों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकता है।
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🏫 इन परीक्षा केंद्रों पर हुआ सफल प्रयोग
- लोकमान्य तिलक कनिष्ठ महाविद्यालय, सेवली (जालना)
- श्रीमती इंदिरा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामनगर
- कला, वाणिज्य एवं विज्ञान कनिष्ठ महाविद्यालय, बदनापुर
- सिद्धेश्वर उच्च माध्यमिक विद्यालय, ढोकसाळ (मंठा)
- पाथ्रीकर कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, बदनापुर
👉 निष्कर्ष
जालना में एआई आधारित प्रॉक्टर कैमरों का यह सफल प्रयोग न केवल नकल रोकने में कारगर साबित हुआ है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और ईमानदारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में यह मॉडल पूरे राज्य में लागू हो सकता है।


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