बड़ा फैसला: नाबालिग बेटी की हत्या पर पिता और चाचा को उम्रकैद
📍 जालना | दिनांक: 11 अप्रैल 2026
जालना जिले में सामने आए एक दिल दहला देने वाले ऑनर किलिंग मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी पिता और चाचा को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वर्षा मोहिते की अदालत ने 10 अप्रैल 2026 को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
यह निर्णय समाज में “सम्मान” के नाम पर होने वाले अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
🔍 कैसे उजागर हुआ सनसनीखेज मामला?
यह मामला 14 दिसंबर 2022 को सामने आया, जब पुलिस गश्त के दौरान पिरपिंपलगांव क्षेत्र के भातखेड़ा इलाके में एक नाबालिग लड़की की हत्या की सूचना मिली।
जांच में खुलासा हुआ कि:
- आरोपी पिता और चाचा ने लड़की की हत्या की
- शव को खेत में जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई
- घटनास्थल से जली हुई मिट्टी, राख और अन्य अवशेष बरामद हुए
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।
💔 प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका का गांव के एक युवक से प्रेम संबंध था। वह कुछ समय पहले उसके साथ घर छोड़कर चली गई थी, जिससे परिवार को सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा।
बाद में:
- दोनों परिवारों के बीच समझौते की कोशिश हुई
- मंदिर में शादी तय हुई
- लेकिन जमीन विवाद के कारण शादी नहीं हो सकी
इसके बाद आरोपी लड़की को वापस घर ले आए, जहां इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
⚠️ कैसे रची गई हत्या की साजिश?
घर लौटने के बाद:
- लड़की के साथ मारपीट की गई
- उसे पेड़ से फांसी देकर हत्या कर दी गई
- बाद में शव को खेत में जलाकर अंतिम संस्कार किया गया
इस पूरी साजिश का उद्देश्य सबूत मिटाना और अपराध को छिपाना था।
🧾 13 गवाह और मजबूत साक्ष्यों ने बदली केस की दिशा
पुलिस ने जांच के दौरान अहम सबूत जुटाए, जिनमें शामिल हैं:
- आरोपियों के कपड़े
- जली हुई मिट्टी और राख
- मृतका की हड्डियां और दांत
- घटना में उपयोग की गई मोटरसाइकिल
इसके अलावा:
- कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए
- प्रेमी, मंदिर के गवाह और वीडियो रिकॉर्डिंग करने वाले भी शामिल रहे
इन साक्ष्यों ने अदालत में केस को बेहद मजबूत बनाया।
⚖️ अदालत का फैसला और सजा
अतिरिक्त सरकारी वकील शशांक ढोकरट ने प्रभावी पैरवी करते हुए सभी साक्ष्य अदालत के सामने रखे।
अदालत ने आरोपी:
- संतोष भाऊराव सरोदे (पिता)
- नामदेव सरोदे (चाचा)
को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं:
- 302 (हत्या)
- 201 (सबूत मिटाना)
- 34 (साझा साजिश)
के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
📢 समाज के लिए सख्त संदेश
यह फैसला साफ करता है कि “ऑनर किलिंग” जैसे जघन्य अपराध किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर हत्या करने वालों को कानून से कोई राहत नहीं मिलेगी।
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🌐 External Links (Reference)
👉 IPC धारा 302 की जानकारी: https://indiacode.nic.in
👉 ऑनर किलिंग पर सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन: https://main.sci.gov.in

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