जालना: जालना की प्रथम वर्ग न्यायिक दंडाधिकारी (क्र. 04) आर.एम. देवर्षी की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी पंकज सुरेशचंद जैन को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की साधारण कैद और ₹7,03,862 की भरपाई राशि अदा करने का आदेश सुनाया है।

मामले की पृष्ठभूमि

फिर्यादी सत्यनारायण (सतीश) चव्हाण ने 27 दिसंबर 2018 को आरोपी पंकज जैन को एचडीएफसी बैंक के खाते से धनादेश (चेक) द्वारा ऋण दिया था। बाद में, आरोपी ने 25 जून 2019 को इसकी अदायगी के लिए एचडीएफसी बैंक का चेक दिया, लेकिन वह चेक अनादरित (बाउंस) हो गया।

इसके बाद फिर्यादी ने न्यायालय में धारा 138, एनआई एक्ट के अंतर्गत मामला दायर किया। यह केस एसएससी क्र. 1543/2019 के रूप में दर्ज हुआ।

न्यायालय का फैसला

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के साक्ष्य और दलीलें परखने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी माना। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी:

  • एक वर्ष की साधारण कैद की सजा भुगते।
  • ₹7,03,862 की भरपाई राशि तीन माह के भीतर जमा करे।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी यह राशि निर्धारित समय में जमा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त छह माह की साधारण कैद भुगतनी होगी।

वकीलों की भूमिका

इस प्रकरण में फिर्यादी की ओर से अधिवक्ता नितीनसिंह परदेसी और अधिवक्ता राहुल चव्हाण ने प्रभावी रूप से पक्ष रखा और न्यायालय में अपने मुवक्किल के पक्ष में निर्णय दिलवाया।