कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे के साथ बैठक में जालना की गंभीर स्थिति रखी; कर्ज और बिजली बिल वसूली रोकने की भी मांग
जालना, 19 सितंबर 2026। मराठवाड़ा में गंभीर सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार तत्काल सूखा घोषित करे और किसानों को पर्याप्त आर्थिक सहायता दे, ऐसी मांग शिवसेना उपनेता और विधायक अर्जुनराव खोतकर ने कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे से की।
मराठवाड़ा की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को कृषि मंत्री भरणे की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें पालकमंत्री, सांसद, विधायक, जिलाधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में फसल, पानी और चारे की स्थिति के साथ जरूरी उपायों पर चर्चा की गई।
जालना में अपेक्षित बारिश का सिर्फ 19 फीसदी
खोतकर ने जालना विधानसभा क्षेत्र और जिले में सूखे की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि सितंबर के अंत तक अपेक्षित 165.9 मिमी बारिश के मुकाबले अब तक केवल 31.7 मिमी बारिश हुई है। यह अपेक्षित बारिश का महज 19 फीसदी है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर उन्होंने किसानों के खेतों में फसलों की स्थिति देखी है। बारिश की कमी से कपास, तुअर, सोयाबीन और मक्का जैसी खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई जगह फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
करीब 40 दिनों से बारिश का लंबा अंतराल रहने के कारण जालना क्षेत्र के अंगूर और मोसंबी के बागों को बचाना भी किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। पानी की कमी के चलते आगामी रबी सीजन की बुवाई पर भी असर पड़ने की आशंका है।
कर्ज और बिजली बिल वसूली रोकने की मांग
खोतकर ने मांग की कि सूखे की स्थिति में किसानों की फसल कर्ज वसूली और घरेलू बिजली बिल की वसूली अस्थायी रूप से रोकी जाए। इसके साथ ही विद्यार्थियों की फीस और खेतसारा माफ करने की मांग भी उन्होंने रखी।
उन्होंने प्रशासन से पानी की कमी दूर करने के लिए तत्काल उपाय शुरू करने, प्रभावित फसलों के सरसकट पंचनामे कराने, चारा छावनियां शुरू करने और पशुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की।
“किसानों के मामा बनकर साथ दें”
खोतकर ने कृषि मंत्री भरणे से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में किसानों को सरकार के मजबूत सहारे की जरूरत है।
“मामा का सहारा बहुत बड़ा होता है। इस भयानक सूखे की स्थिति में आप किसानों के मामा बनकर उनके साथ मजबूती से खड़े रहें। किसान आपके सहारे की उम्मीद कर रहे हैं।”
भरणे ने दिया भरोसा
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस संकट में उनके साथ है। उन्होंने कहा, “किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। सूखे की इस स्थिति का सामना करने के लिए सरकार और मैं खुद किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”