“मुजरिम ही मुल्जिमों को सजा देने लगे” — इमरान खान का कांग्रेस नेतृत्व पर बड़ा हमला
जालना में 7 नगरसेवकों के निलंबन के बाद सियासी घमासान, संगठन पर भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप
जालना: इमरान खान जालना कांग्रेस निलंबन: जालना महानगरपालिका चुनाव के बाद कांग्रेस द्वारा सात नगरसेवकों के निलंबन से शहर की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ गया है। इस कार्रवाई के बाद निलंबित नगरसेवक इमरान खान ने पार्टी नेतृत्व और स्थानीय पदाधिकारियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
इमरान खान ने तीखे शब्दों में कहा,
“अब हालात ऐसे हो गए हैं कि मुजरिम ही मुल्जिमों को सजा देने लगे हैं।”
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने हमेशा पार्टी हित में काम किया, लेकिन कुछ पदाधिकारी निजी स्वार्थ पूरे न होने के कारण झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
“गटनेता का चुनाव पूरी तरह नियमों के अनुसार हुआ”
इमरान खान ने स्पष्ट किया कि महानगरपालिका में गटनेता (फ्लोर लीडर) का चुनाव पूरी तरह पार्टी के निर्देश और तय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया था।
उन्होंने भाजपा के साथ जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिस मुद्दे को आधार बनाकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसमें उन्हें मतदान का अधिकार ही नहीं था।
उन्होंने यह भी बताया कि सिफारिश से जुड़े सभी दस्तावेज पहले ही पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं।
नया जालना क्यों छोड़ा गया? टिकट वितरण पर गंभीर सवाल
इमरान खान ने संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक:
- नया जालना क्षेत्र को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया
- टिकट वितरण में भारी गड़बड़ी हुई
- कई जगह “टिकट बेचने” जैसे आरोप सामने आए
- योग्य और जीतने वाले उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभाग 10 के मजबूत दावेदार शेख शकील को वहां से हटाकर प्रभाग 11 से चुनाव लड़ने पर मजबूर किया गया, जिससे पार्टी को सीधा नुकसान हुआ।
कई प्रभागों में उम्मीदवार ही नहीं उतारे गए
इमरान खान ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभागों में जानबूझकर पार्टी को कमजोर किया गया:
- प्रभाग 11 में ओपन सीट होने के बावजूद कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतारा
- प्रभाग 13 में तीन उम्मीदवार खड़े नहीं किए गए, जबकि इच्छुक दावेदार मौजूद थे
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन प्रभागों को भाजपा के लिए “खुला मैदान” क्यों बनाया गया।
“30 सीटों की स्थिति थी, लेकिन कांग्रेस 9 पर सिमट गई”
इमरान खान का कहना है कि जालना में कांग्रेस के पास लगभग 30 सीटें जीतने का माहौल था, लेकिन गलत रणनीति और संगठन की कमजोर भूमिका के कारण पार्टी केवल 9 सीटों तक सीमित रह गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति पदाधिकारियों द्वारा भाजपा के पक्ष में काम करने का परिणाम है।
“जनता के दम पर जीते, नहीं तो हमें भी हराया जाता”
इमरान खान ने कहा कि वे कांग्रेस के टिकट पर जरूर चुनाव जीते, लेकिन असल में यह जीत जनता के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार की तरह हासिल हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि वे भी संगठन की नीति पर चलते, तो वही पदाधिकारी उन्हें हराने में सबसे आगे होते।
निलंबन पर पलटवार: “सबूत के साथ उच्च नेतृत्व के पास जाएंगे”
निलंबन की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान खान ने कहा कि वे पूरे मामले के सबूत कांग्रेस के राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपेंगे।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को कमजोर करने की साजिश भाजपा और शिंदे गुट के साथ मिलकर रची जा रही है, जिसे वे सफल नहीं होने देंगे।
“हम कट्टर कांग्रेसी हैं, नई पीढ़ी तैयार करेंगे”
इमरान खान ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा:
“हम कट्टर कांग्रेसी हैं। जालना में कांग्रेस का नाम आता है तो हमारे परिवार का नाम सबसे पहले लिया जाता है। हम यहां कांग्रेस की नई पीढ़ी तैयार करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाएंगे।”
“पार्टी को बढ़ाने के बजाय कमजोर किया गया”
इमरान खान ने संगठन पर सीधा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख भोकरदन तक ही सीमित रहे और जालना शहर की अनदेखी की गई।
“चुनाव से पहले संगठन बिखरा हुआ था”
उन्होंने कहा कि महानगरपालिका चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन पूरी तरह बिखरा हुआ था:
- शहराध्यक्ष का पद खाली पड़ा था
- नेतृत्व का अभाव था
- कार्यकर्ताओं में दिशा और समन्वय नहीं था
उनके अनुसार, यही वजह रही कि पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।
भाजपा से आए नेता पर निर्भरता पर सवाल
इमरान खान ने कहा कि पार्टी को ऐसे प्रभारी शहराध्यक्ष के भरोसे छोड़ दिया गया, जो पहले भाजपा से कांग्रेस में आए थे — अतीक खान।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह महज लापरवाही थी या फिर कोई सोची-समझी रणनीति।
“लापरवाही या साजिश? जवाब देना होगा”
अंत में इमरान खान ने कहा कि अब जालना की जनता भी सवाल पूछ रही है कि यह केवल लापरवाही थी या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
“इसका जवाब अब जिम्मेदार पदाधिकारियों को देना ही होगा।”
यह रहा आपका री-राइट किया गया प्रोफेशनल न्यूज़ सेक्शन, पहले आर्टिकल के टोन और फ्लो के अनुसार:
“पदाधिकारी दे रहे धमकियां, मानसिक प्रताड़ना की चेतावनी” – इमरान खान
इमरान खान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निलंबन के बाद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कुछ पदाधिकारी उन्हें अपनी बात सार्वजनिक रूप से न रखने के लिए दबाव बना रहे हैं और खुलकर बोलने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं।
इमरान खान के अनुसार,
“हमें हमारी बात रखने से रोका जा रहा है। कहा जा रहा है कि यदि हमने पार्टी के निर्णय के खिलाफ आवाज उठाई, तो मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाएगा।”
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
इमरान खान जालना कांग्रेस निलंबन

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