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जालना की लिफ्ट सुरक्षा: प्रशासनिक कार्रवाई की जरूरत

Poster announcing stricter rules for elevator safety with bold yellow text and warning signs, including fines up to ₹50,000 and possible imprisonment and a safety pledge to follow the law.

लिफ्ट सुरक्षा पर बढ़ी सख्ती: लापरवाही पर 50 हजार तक जुर्माना और जेल का प्रावधान

शहर में बढ़ते उपयोग के बीच रखरखाव की अनदेखी, अधिवक्ता महेश धन्नावत ने मुख्यमंत्री से की त्वरित कार्रवाई की मांग

जालना:
शहर और आसपास के क्षेत्रों में अपार्टमेंट, व्यावसायिक परिसरों, अदालतों, अस्पतालों और बैंकों में लिफ्ट का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। आधुनिक जीवनशैली में लिफ्ट अब एक आवश्यक सुविधा बन चुकी है, लेकिन इसके रखरखाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

कई स्थानों पर लिफ्टों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। गंदगी, गुटखे के दाग, खराब बटन, और सबसे महत्वपूर्ण — आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर का अभाव — लोगों की जान को जोखिम में डाल रहा है।

👉 संबंधित खबर पढ़ें:
➡️ [शहर में बढ़ते हादसे और सुरक्षा इंतजामों की हकीकत] (INTERNAL LINK HERE)


अधिवक्ता ने उठाई आवाज

इस गंभीर मुद्दे को लेकर अधिवक्ता महेश धन्नावत ने राज्य के मुख्यमंत्री और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि:

“लिफ्ट तो लगाई जा रही हैं, लेकिन उनकी देखभाल पूरी तरह नजरअंदाज की जा रही है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है।”


क्या कहता है कानून?

महाराष्ट्र लिफ्ट, एस्केलेटर और मूविंग वॉक अधिनियम, 2017 के तहत:

  • लिफ्ट की स्थापना, रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी भवन मालिक या बिल्डर की होती है
  • प्रत्येक लिफ्ट का नियमित निरीक्षण अनिवार्य है
  • लिफ्ट को सुरक्षित और कार्यशील स्थिति में रखना कानूनी दायित्व है

➡️ अधिनियम की धारा 32 के अनुसार:

  • नियमों का उल्लंघन करने पर ₹50,000 तक जुर्माना
  • या कारावास (जेल)
  • लगातार उल्लंघन पर प्रतिदिन अतिरिक्त दंड

👉 अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें:
➡️ https://maharashtra.gov.in (External Link)


महानगरपालिका की जिम्मेदारी

कानून के अनुसार:

  • भवन मालिक को लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से रखरखाव अनुबंध करना अनिवार्य है
  • महानगरपालिका अधिकारियों को लिफ्ट निरीक्षण का अधिकार है
  • अधिकारी किसी भी इमारत में प्रवेश कर जांच कर सकते हैं
  • असुरक्षित लिफ्ट मिलने पर:
    • तत्काल सुधार का आदेश
    • या उपयोग बंद करने का निर्देश

👉 यह भी पढ़ें:
➡️ [नगरपालिका निरीक्षण प्रणाली कैसे काम करती है] (INTERNAL LINK HERE)


जालना में स्थिति चिंताजनक

जालना शहर में भी कई अपार्टमेंट, व्यावसायिक परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर लिफ्टों की हालत खराब पाई जा रही है।

  • नियमित निरीक्षण का अभाव
  • रखरखाव में लापरवाही
  • सुरक्षा उपकरणों की कमी

ये सभी कारण संभावित दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं।


नागरिकों की मांग

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • शहर की सभी लिफ्टों की तत्काल जांच की जाए
  • दोषी बिल्डर और मालिकों पर कड़ी कार्रवाई हो
  • सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए

समय की मांग: सख्त अमल और जिम्मेदारी

लिफ्ट दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।

  • प्रशासन को निरीक्षण प्रणाली मजबूत करनी होगी
  • भवन मालिकों और बिल्डरों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी
  • कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा

👉 सुरक्षा गाइड पढ़ें:
➡️ https://www.nfpa.org (Elevator Safety Guidelines – External Reference)


निष्कर्ष

लिफ्ट सुविधा जितनी जरूरी है, उसकी सुरक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है। लापरवाही अब सीधे जीवन के लिए खतरा बन चुकी है। ऐसे में प्रशासन, बिल्डर और नागरिक — सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।


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