NewsNation Online

FireFly In News

जालना में फर्जी ट्रेनिंग लेटर से ठगी का पर्दाफाश

वन विभाग नौकरी ठगी जालना

वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी ट्रेनिंग लेटर बनाकर युवकों को बना रहे थे शिकार

जालना में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Maharashtra Police की जालना स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की उगाही कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकद राशि, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन सहित कुल 3.05 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।

मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले युवाओं को किस प्रकार साइबर और दस्तावेज आधारित ठगी का निशाना बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र, ट्रेनिंग लेटर और व्हाट्सएप संदेशों के जरिए ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।


15 लाख में नौकरी दिलाने का दिया था झांसा

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता उमेश विजयकुमार जाधव, निवासी खांडवी, तहसील परतुर, जिला जालना, को आरोपियों ने वन विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। आरोपियों ने दावा किया कि उनके “ऊंचे स्तर” पर संपर्क हैं और वे आसानी से भर्ती प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं।

आरोपियों ने नौकरी दिलाने के बदले 15 लाख रुपये की मांग की थी। शुरुआती विश्वास बनाने के लिए शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में 4 लाख रुपये लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी प्रशिक्षण आदेश पत्र (Training Order Letter) तैयार कर पीड़ित को भेजे, जिससे उसे यह विश्वास हो जाए कि उसकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

आजकल ऐसे मामलों में आरोपी नकली सरकारी दस्तावेज तैयार करने के लिए मोबाइल ऐप और एडिटिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं। कई मामलों में युवाओं को ईमेल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए नकली नियुक्ति पत्र भेजे जाते हैं।


फर्जी ट्रेनिंग लेटर से खुला पूरा खेल

कुछ समय बाद जब उमेश जाधव को संदेह हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है, तब उसने Sadar Bazar Police Station में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Teghbir Singh Sandhu ने स्थानीय अपराध शाखा को तत्काल जांच के निर्देश दिए।

तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिले, जिनके आधार पर दोनों आरोपियों को नाव्हा चौफुली क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीलेश गोविंदा झाटे (29), निवासी वसाली, तहसील पातुर, जिला अकोला और राहुल गजानन कदम (26), निवासी जनुना, तहसील मेहकर, जिला बुलढाणा के रूप में हुई है।


मोबाइल ऐप से बनाए जाते थे नकली सरकारी दस्तावेज

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से 4 लाख रुपये लिए थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राहुल कदम अपने मोबाइल फोन में मौजूद “PicsArt” ऐप का उपयोग करके फर्जी प्रशिक्षण आदेश पत्र तैयार करता था।

इसके बाद तैयार किए गए नकली दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायतकर्ता को भेजे जाते थे, ताकि उसे सरकारी प्रक्रिया का भरोसा दिलाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आरोपी अब अत्याधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन और एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आम लोगों के लिए असली और नकली दस्तावेज में अंतर करना मुश्किल हो जाता है।

सरकारी भर्ती से जुड़ी जानकारी के लिए उम्मीदवारों को केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विभागीय नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करना चाहिए। वन विभाग भर्ती संबंधी जानकारी महाराष्ट्र वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है।


पुलिस ने 3.05 लाख रुपये का सामान किया जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से:

  • 1 लाख 45 हजार रुपये नकद
  • 1 लाख 40 हजार रुपये कीमत की पल्सर मोटरसाइकिल
  • 20 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल फोन

जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 3 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने कितने अन्य युवाओं को इसी प्रकार ठगी का शिकार बनाया है। संभावना जताई जा रही है कि यह नेटवर्क अन्य जिलों में भी सक्रिय हो सकता है।


युवाओं को सतर्क रहने की सलाह

पुलिस अधिकारियों ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को नकद राशि न दें। किसी भी भर्ती प्रक्रिया में चयन केवल आधिकारिक परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर होता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति “पैसे देकर नौकरी” दिलाने का दावा करता है, तो तुरंत उसकी जानकारी पुलिस या संबंधित विभाग को देनी चाहिए।

साइबर और भर्ती धोखाधड़ी से बचने के लिए उम्मीदवारों को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • केवल सरकारी वेबसाइटों से भर्ती जानकारी प्राप्त करें
  • नियुक्ति पत्र की सत्यता विभाग से जांचें
  • किसी निजी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें
  • व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिले ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें
  • संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस में शिकायत करें

ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती हैं।


वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Teghbir Singh Sandhu, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Vikram Sali, उपविभागीय पुलिस अधिकारी Anant Kulkarni तथा स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक Pankaj Jadhav के मार्गदर्शन में की गई।

कार्रवाई दल में सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन खामगल, पुलिस उपनिरीक्षक राजेंद्र वाघ, जगदीश बावणे, कैलाश खर्डे, दीपक घुगे, रुस्तम जैवाल, अक्रूर धांडगे, कैलाश चेके और सोपान क्षीरसागर शामिल थे।


वन विभाग नौकरी ठगी, Jalna Crime News, Fake Training Letter Scam, Maharashtra Forest Department Fraud, सरकारी नौकरी ठगी, जालना पुलिस कार्रवाई, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी

{faq:start}

faq:q}

फर्जी ट्रेनिंग ले धोखाधड़ी क्या और इससे कौन प्रभावित होते हैं?

{faq:a}

यह एक ऐसीखाधड़ी जिसमें व्यक्ति सरकारी नौकरी के नाम पर नकलीावेज़ बनाकर उम्मीदवार से पैसा वूल लेता है। प्रभावित अक्सर होते हैं जो सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं और निश पर फर्जीि, प्रशिक्षण आदेश पत्र आदि ज में फँसते हैं।

{faq}

{faq:q}

इस में पुलिस ने क्या-कeduct जब की?

{faq:a}

पुलिस ने नकद राशि, पल्सर मोटाइक और दो मोबाइल फो समेत कुल लगभग3.05 रुपये का सामान्त किया है। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाले प्रमाणपत्र और डिजिटल सबूत भी किया।

{faq:start}

{faq:q}

फर्जी दस्तावेज बनाने कौनौन से उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं

{faq:a}

आरोपियों नेArt जैसे मोबाइल्लिकेशन और एडिटिंग टूल का उपयोग कर नकली आदेश पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज़ तैयार किए जिन्हें व्हाट्सएप के से भेजा गया।

{faq:start}

faq}

युवा किस धोाधड़ी से सकते?**

{:a}

  • केवल आधिकारिक सरकारीों पर भर्ती जानकारी लें- नियुक्ति पत्र की सत्यता से पुष्टि करें
  • निजी खाते में पैसे न ट्रांसफ करें- व्हाटएप/सोशल मीडिया के ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें- संदेह होने तुरंत पुलिस में दें

{:start}

{:q}

** किसी ने पैसे देकर नौकरीाने दावा किया, क्या करना चाहिए?**

{faq:a}

तुरंत पुलिस संबंधित विभाग को सूचना दें। सत्य के लिए आधिकारिक नोटिकेशन और परीक्षा-क्रियाओं हीारा लें।

{faq:start}

{faq:q}

कहाँ से अधिक जानकारी और सहायता की जा सकती है?**

{faq:a}

ऑलाइन धोखाधड़ी बारे में शिकायत राष्ट्रीय साइ अपराध पोर्ट पर दर्ज की जा सकती। सरकारी भर्ती से जु जानकारी लिए महाराष्ट्र वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें

How to Protect Yourself from Training and Job Fraud

Overview

udulent schemes government jobs often utilize fabricated training orders, fake appointment letters, and deceptive messaging Victims may be asked for large sums of money upfront, with documents delivered through email, messaging apps, or social platforms. This guide outlines practical steps to recognize, avoid and respond to such scams.

Recognize red flags

  • Requests for payment to secure a job or expedite the process.
  • Promises of high-level contacts “exclusive” access vacancies.
  • Forged or altered official documents, including training or letters.
  • Pressure to personal information or funds quickly.
  • Recruitment communications from email domains or unsolicited messages social.
  • Inconsist between claimed processes official department procedures.

###-by-step how to verify legitimacy

  1. Verify the source
    • Check official websites department notifications for vacancy announcements.
    • Cross-check contact with official helplines or offices2. Inspect documents with scrutiny
    • for letter, typographical errors, inconsistent formatting on documents – Compare any received with authentic templates used by the department.
      3 Confirm through official channels
    • Contact the department’s recruitment cell or helpline to confirm any or order – Do not rely information received solely through email or messaging.
      . Assess payment requests
    • Legitimate government hiring processes never require payment for application training or placement.
    • If asked money, terminate contact and report the to authorities.
      . Evaluate timing and transparency
    • Genuine have timelines, standard verification steps, and publicly posted notices.
  • Be wary of “secret” rushed timelines designed to pressure compliance.
    . Preserve evidence
    Save all messages screenshots emails, and documents.
    • Note dates, contact, channels for communication.
  1. Seek unbiased
  • Consult with trusted mentors family members, or officials if a recruitment offer unusual.
    Seek guidance from consumer protection or cybercrime portals if suspicious.

What to do if you suspect a scam

  • not share personal data or transfer funds- Report the incident to local and the relevant department’s official contact points.
    Notify your bank or payment if you have initiated a transfer.
  • Document all and any physical or evidence.
  • friends family, and colleagues to further victims from the same scheme.

Quick-reference checklist

  • Offer sounds too good to be true or high-earning roles with effort- ] Payment requests for “processing,” “training,” or “documentation- [ ] Documents received lack official seals, letterheads, or verifiable templates.
  • Communications originate from unofficial or anonymized numbers.
  • Official fail to corroborate the opportunity.

Safe practices

  • Rely on official government portals and notifications for job openings.
  • Verify letters or training orders with issuing department.
  • Never provide bank details or pay upfront obtain employment.
  • Report suspicious activity to cyber portal local authorities.

Resources for further protection

  • National cybercrime reporting portals helplines
  • Official state central government career portals
  • Local police or cybercrime cells guidance and actions

Closing note

St vigilant adhering to official verification steps significantly reduce exposure to fraudulent job schemes. prioritize transparency, documented processes, and channels pursuing employment opportunities.


Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading