NewsNation Online

FireFly In News

खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक हटाने की मांग तेज, ऑयल मिलर्स एसोसिएशन ने विधायक अर्जुन खोतकर को सौंपा ज्ञापन

विधायक अर्जुन खोतकर को खुले खाद्य तेल की बिक्री पर रोक हटाने की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपते ऑयल मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी।

जालना | NewsNationOnline

छोटे व्यापारियों और गरीब उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की मांग, सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील

महाराष्ट्र में खुले (लूज) खाद्य तेल की बिक्री पर लगी रोक के खिलाफ अब व्यापारियों की आवाज तेज होती जा रही है। जालना जिला ऑयल मिलर्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्जुन खोतकर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा और राज्य सरकार से पहले की तरह खुले खाद्य तेल की बिक्री की अनुमति दिलाने की मांग की है।

व्यापारियों का कहना है कि खाद्य तेल में मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन नियमों का पालन करते हुए ईमानदारी से व्यापार करने वाले हजारों छोटे और मध्यम व्यापारियों को बिना किसी ठोस आधार के कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इससे व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ता भी प्रभावित हो रहे हैं।


प्रतिनिधिमंडल ने विधायक अर्जुन खोतकर से की मुलाकात

ऑयल मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष संजय सिंगारे, उपाध्यक्ष रवि अग्रवाल, महासचिव अंकित अग्रवाल, संयुक्त सचिव मुकेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष जितेंद्र मुंदड़ा तथा संगठन के संपर्क प्रमुख एवं कैट (Confederation of All India Traders) के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश पंच शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक अर्जुन खोतकर से आग्रह किया कि वे इस विषय को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखें और खुले खाद्य तेल की बिक्री पर लगी रोक हटाने के लिए आवश्यक पहल करें।


महाराष्ट्र में कार्रवाई, जबकि दूसरे राज्यों में जारी है कारोबार

एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून के तहत कुछ प्रतिबंध लागू किए गए हैं। इसके बावजूद देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खुले खाद्य तेल की बिक्री आज भी जारी है।

व्यापारियों का कहना है कि महाराष्ट्र में इस मामले में लगातार की जा रही कार्रवाई से छोटे व्यापारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। कई व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक संकट गहराने लगा है।


गरीब उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ

व्यापारियों का कहना है कि आज भी ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के हजारों परिवार अपनी जरूरत और बजट के अनुसार 10, 20, 30 या 50 रुपये का खाद्य तेल खरीदते हैं।

यदि खुले खाद्य तेल की बिक्री पूरी तरह बंद हो जाती है, तो उपभोक्ताओं को केवल पैक खाद्य तेल खरीदना पड़ेगा। पैकेजिंग, टिन, प्लास्टिक, परिवहन और अन्य खर्च जुड़ने से प्रति किलो 10 से 15 रुपये तक अतिरिक्त लागत बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ेगा।


पहले भी सरकार दे चुकी है छूट

एसोसिएशन ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2016, 2018 और 2020 में जारी राजपत्र अधिसूचनाओं के माध्यम से जनहित को ध्यान में रखते हुए खुले खाद्य तेल की बिक्री की अनुमति दी थी।

उस समय सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों, महंगाई और गरीब उपभोक्ताओं की जरूरतों को देखते हुए यह निर्णय लिया था। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियां भी लगभग वैसी ही हैं, इसलिए सरकार को एक बार फिर अपने विशेष अधिकारों का उपयोग करते हुए पहले की तरह अनुमति प्रदान करनी चाहिए।


“मिलावटखोरों पर कार्रवाई हो, ईमानदार व्यापारियों को न सताया जाए”

कैट के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एसोसिएशन के संपर्क प्रमुख सतीश पंच ने कहा कि खाद्य तेल में मिलावट करने वाले या जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संगठन पूरी तरह समर्थन करता है।

उन्होंने कहा कि जो व्यापारी खाद्य सुरक्षा नियमों और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए वर्षों से ईमानदारी के साथ कारोबार कर रहे हैं, उन्हें बिना वजह कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इससे हजारों व्यापारी, कर्मचारी, हमाल, टैंकर चालक, परिवहन व्यवसायी और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं।


सरकार से अंतरिम राहत देने की भी मांग

प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की है कि यदि इस विषय पर तत्काल स्थायी निर्णय लेना संभव नहीं है, तो कम से कम अगले आदेश तक खुले खाद्य तेल की बिक्री की अस्थायी अनुमति दी जाए। इससे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित नहीं होगा और आम उपभोक्ताओं को भी महंगा पैक खाद्य तेल खरीदने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।

व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेकर छोटे व्यापारियों, गरीब उपभोक्ताओं और खाद्य तेल व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों को राहत प्रदान करेगी।


संबंधित समाचार

  • जालना व्यापार समाचार
  • महाराष्ट्र सरकार से जुड़ी खबरें
  • खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई
  • जालना जिला समाचार
  • व्यापार एवं उद्योग समाचार

उपयोगी लिंक

A group of men indoors presents a bouquet to a central man in a beige kurta, as others smile and watch in a ceremonial welcome setting.
Group of men line up indoors as central figure receives a document in a ceremonial handover.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading