बड़ा हादसा टला
पुराना मोंढा स्थित 74 वर्ष पुरानी इमारत की दीवार और शटर ढहे; उपमहापौर राजेश राऊत ने खतरनाक भवनों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की
जालना | प्रतिनिधि
जालना शहर के व्यस्त पुराना मोंढा बाजार क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। वर्ष 1952 में निर्मित लगभग 74 वर्ष पुरानी एक जर्जर इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस दुर्घटना में सड़क किनारे खड़ी चार मोटरसाइकिलें और एक कार क्षतिग्रस्त हो गईं। सौभाग्य से घटना के समय वहां कोई राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत नगर निगम और पुलिस प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
वर्ष 1952 की इमारत का हिस्सा अचानक ढहा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुराना मोंढा क्षेत्र में स्थित ‘जयंतीलाल सन्स’ नामक टीन शीट (पत्रा) विक्रय प्रतिष्ठान की इमारत वर्ष 1952 में निर्मित हुई थी। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण भवन की दीवार कमजोर हो गई थी। रविवार सुबह अचानक दुकान की दीवार और शटर भरभराकर गिर गए, जिससे आसपास खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।
दुकान संचालक दिनेश ठक्कर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण भवन की दीवारों में कमजोरी आ गई थी, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।
उपमहापौर राजेश राऊत ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही जालना नगर निगम के उपमहापौर राजेश राऊत तत्काल घटनास्थल पहुंचे और पूरी स्थिति का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर निगम के अधिकारी तथा स्वच्छता विभाग की टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों ने घटनास्थल का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू की।
निरीक्षण के दौरान उपमहापौर ने कहा कि शहर में मौजूद जर्जर और खतरनाक भवनों की पहचान कर उनके विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
नोटिस तो जारी हुए, लेकिन कार्रवाई अब भी अधूरी
इस घटना के बाद जालना शहर में जर्जर भवनों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जानकारी के अनुसार, नगर निगम प्रशासन पहले ही शहर की सैकड़ों जर्जर और खतरनाक इमारतों को नोटिस जारी कर चुका है, लेकिन अधिकांश मामलों में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है। जिन भवनों से लोगों की जान-माल को खतरा है, उन्हें तत्काल सुरक्षित किया जाए या नियमानुसार हटाया जाए।
रविवार होने से टला बड़ा हादसा
रविवार होने के कारण पुराना मोंढा बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम थी। यदि यह घटना किसी कार्यदिवस या व्यस्त बाजार समय में होती, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरने के बाद कुछ समय तक पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और नगर निगम प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे।
नागरिकों ने की व्यापक सर्वेक्षण और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से शहर की सभी जर्जर एवं खतरनाक इमारतों का तत्काल सर्वेक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन भवनों से लोगों की जान-माल को खतरा है, उनके विरुद्ध बिना देरी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इसलिए शहर में जर्जर भवनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
जालना शहर के पुराने बाजार और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कई इमारतें दशकों पुरानी हैं। लगातार बारिश और समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण इनमें से कई भवन कमजोर हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भवनों की नियमित तकनीकी जांच और समय पर मरम्मत या ध्वस्तीकरण आवश्यक है, ताकि भविष्य में जान-माल की हानि से बचा जा सके।
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