भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा से गूंजा जालना, ‘हरे कृष्ण-हरे राम’ के जयघोष के बीच श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम
जालना: अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) जालना द्वारा शनिवार को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। “हरे कृष्ण… हरे कृष्ण…, कृष्ण कृष्ण… हरे हरे…, हरे राम… हरे राम…, राम राम… हरे हरे…” महामंत्र के गगनभेदी जयघोष के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रथयात्रा में भाग लिया। पूरे मार्ग पर भजन, संकीर्तन और भक्तिमय नृत्य से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया।

विश्वभर में मनाया जाता है भगवान जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भारत की सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित धार्मिक परंपराओं में से एक है। इस्कॉन ने इस दिव्य उत्सव को भारत ही नहीं बल्कि विश्वभर में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली, मुंबई, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बेंगलुरु, कोलकाता, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को सहित दुनिया के अनेक शहरों में प्रतिवर्ष यह महोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है।
श्रीराम मंदिर से निकली भव्य रथयात्रा
इन मार्गों से निकली शोभायात्रा
- बड़ी सड़क
- बालाजी गली
- सिंधी मंदिर मार्ग
- विवेकानंद अस्पताल मार्ग
- थाडेश्वर महादेव मंदिर परिसर
- खाटूश्याम मंदिर
यात्रा का समापन खाटूश्याम मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ को पारंपरिक 56 प्रकार के भोग (छप्पन भोग) अर्पित किए गए। इसके पश्चात दाऊजी प्रभु द्वारा आध्यात्मिक संकीर्तन प्रस्तुत किया गया तथा श्रद्धालुओं में महाप्रसाद वितरित किया गया।
बारिश बनी शुभ संकेत, श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना
भक्ति, सेवा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम
“हरे कृष्ण… हरे कृष्ण…, कृष्ण कृष्ण… हरे हरे…, हरे राम… हरे राम…, राम राम… हरे हरे…” महामंत्र के जयघोष से पूरा जालना भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
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