शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर किसान से ₹61.05 लाख की साइबर ठगी
महिला बनकर फेसबुक पर की दोस्ती, व्हाट्सएप के जरिए दिलाया भरोसा; 17 बैंक खातों में ट्रांसफर कराई रकम, जालना साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
जालना। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना जालना के एक किसान को भारी पड़ गया। फेसबुक पर महिला बनकर संपर्क करने वाले साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर किसान से ₹61.05 लाख की ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने पहले दोस्ती कर विश्वास जीता और फिर अलग-अलग निवेश योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले का खुलासा होने के बाद जालना साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की निवेश संबंधी सलाह पर भरोसा करना भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई ठगी
पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी नारायणपुरा (मस्तगढ़), जालना निवासी अनिरुद्ध सर्जेराव उढाण (48 वर्ष) खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
जुलाई 2025 में उन्हें फेसबुक पर “आरवी रेड्डी” नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट प्राप्त हुई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हुई। कुछ दिनों बाद आरोपी महिला ने खुद को शेयर मार्केट की विशेषज्ञ बताते हुए निवेश पर भारी मुनाफा कमाने का दावा किया।
विश्वास कायम करने के लिए उसने अपना मोबाइल नंबर भी साझा किया और बाद में व्हाट्सएप पर लगातार संपर्क बनाए रखा।
निवेश का झांसा देकर खाते में मंगवाए लाखों रुपये
आरोपी ने विभिन्न निवेश योजनाओं का हवाला देते हुए पीड़ित को अधिक लाभ का लालच दिया। धीरे-धीरे उसने अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने शुरू कर दिए।
पुलिस के अनुसार 23 जुलाई 2025 से 13 जनवरी 2026 के बीच पीड़ित ने आरोपी के निर्देशानुसार अलग-अलग किश्तों में कुल ₹61,05,000 ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
यह राशि 17 अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई। जिन बैंकों के खातों में रकम जमा कराई गई उनमें—
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र
- बंधन बैंक
- आईसीआईसीआई बैंक
- एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक
- यस बैंक
- कर्नाटक बैंक
- कोटक महिंद्रा बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
सहित अन्य बैंकों के खाते शामिल हैं।
जब नहीं मिला मुनाफा, तब खुली ठगी की पोल
लाखों रुपये निवेश करने के बावजूद जब पीड़ित को कोई लाभ नहीं मिला और न ही उसकी मूल राशि वापस की गई, तब उसे अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ।
इसके बाद अनिरुद्ध उढाण ने जालना साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक खाते, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की जांच
साइबर पुलिस संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, फेसबुक प्रोफाइल और ऑनलाइन लेन-देन के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों तक पहुंचने के लिए मनी ट्रेल (Money Trail), बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस की अपील: सोशल मीडिया पर निवेश से पहले करें जांच
जालना साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए निवेश संबंधी सुझावों पर बिना जांच किए भरोसा न करें।
विशेष रूप से शेयर मार्केट, ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी या अन्य ऑनलाइन निवेश योजनाओं में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी, सलाहकार और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें।
यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का संदेह हो, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को ट्रेस करने की संभावना बढ़ सके।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर ठग पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती करते हैं, फिर भरोसा जीतने के बाद निवेश का लालच देकर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। इसलिए—
- अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उनकी प्रोफाइल की जांच करें।
- अधिक मुनाफे के अवास्तविक दावों से सावधान रहें।
- किसी भी अज्ञात बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
- निवेश केवल SEBI से पंजीकृत सलाहकारों और अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही करें।
- ठगी का संदेह होते ही तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
- जालना समाचार
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