पार्षद जगदीश भरतिया के प्रयास रंग लाए
जालना: जालना शहर के नाथनगर क्षेत्र के नागरिकों के लिए लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) परिसर का प्रवेश द्वार लगभग पांच वर्षों बाद दोबारा खोल दिया गया, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को राहत मिली है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस पहल के पीछे पार्षद जगदीश भरतिया के लगातार प्रयास, प्रशासन से सतत संवाद और जनप्रतिनिधियों के समन्वित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पांच वर्षों से बंद था प्रवेश मार्ग
नाथनगर स्थित एसआरपीएफ परिसर का प्रवेश द्वार कई वर्षों से बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। क्षेत्रवासियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी।
विशेष रूप से रात के समय महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता था। रिश्तेदारों और मेहमानों के आने-जाने में भी असुविधा होती थी। इसके अलावा फल एवं सब्जी विक्रेताओं सहित छोटे व्यापारियों के लिए भी यह समस्या लगातार बनी हुई थी।
नागरिकों ने पार्षद को सौंपा ज्ञापन
लगातार बढ़ती परेशानियों को देखते हुए नाथनगर के नागरिकों ने स्थानीय पार्षद जगदीश भरतिया को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या के समाधान की मांग की। इस जनहित अभियान में वरिष्ठ अधिवक्ता महेश धन्नावत तथा आनंद बंब ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और नागरिकों की मांग को प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया।
अधिकारियों और एसआरपीएफ प्रशासन से लगातार हुई चर्चा
ज्ञापन प्राप्त होने के बाद पार्षद जगदीश भरतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा एसआरपीएफ प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकें और संवाद किए। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि प्रवेश द्वार बंद रहने से आम नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बरकरार रखते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे नागरिकों की आवाजाही भी सुचारु बनी रहे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का मिला सहयोग
इस पहल को सफल बनाने में पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल, अक्षय गोरंट्याल तथा नगर निगम आयुक्त अंजली शर्मा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सभी संबंधित पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद और समन्वय के बाद प्रशासन ने प्रवेश द्वार को नागरिकों के लिए पुनः खोलने का निर्णय लिया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निभाई अहम भूमिका
इस जनहित अभियान में सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जोशी और रोहित खोडवे ने भी सक्रिय योगदान दिया। दोनों लगातार नागरिकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते रहे तथा समाधान के लिए लगातार प्रयास करते रहे।
प्रवेश द्वार खुलने से लोगों में खुशी
प्रवेश द्वार खुलने के बाद नाथनगर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब दैनिक आवागमन पहले की तरह आसान हो जाएगा। विशेषकर रात के समय आने-जाने में सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ेंगी। वहीं फल एवं सब्जी विक्रेताओं सहित छोटे व्यापारियों को भी अपने कार्य में राहत मिलेगी।
नागरिकों का मानना है कि यह निर्णय पूरे क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत साबित होगा और इससे स्थानीय जीवन सामान्य रूप से संचालित हो सकेगा।
नागरिकों ने जताया आभार
नाथनगर के नागरिकों ने इस जनहित कार्य के लिए पार्षद जगदीश भरतिया, अधिवक्ता महेश धन्नावत, नगर निगम आयुक्त अंजली शर्मा, पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल, अक्षय गोरंट्याल, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जोशी, रोहित खोडवे तथा अभियान में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
करीब पांच वर्षों तक बंद रहने के बाद एसआरपीएफ प्रवेश द्वार का दोबारा खुलना नाथनगर क्षेत्र के नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी जनप्रतिनिधि और प्रशासन इसी तरह जनहित के मुद्दों पर समन्वय बनाकर समाधान निकालते रहेंगे।
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