वीरेंद्र धोका के प्रयासों को मुख्यमंत्री का प्रतिसाद: जालना के डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्यान की बदलेगी तस्वीर?
ऐतिहासिक उद्यान की बदहाली और प्रतिमा की उपेक्षा का मामला पहुंचा मुख्यमंत्री तक, जांच और कार्रवाई के निर्देश से बढ़ी उम्मीदें
जालना: शहर के विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर उठाई गई एक आवाज अब राज्य सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच चुकी है। जालना शहर के नए जालना क्षेत्र में स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्यान की बदहाल स्थिति और वहां स्थापित ऐतिहासिक प्रतिमा की उपेक्षा का मामला अब सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर पहुंच गया है।
नवनिर्वाचित नगरसेवक और वरिष्ठ कार्यकर्ता वीरेंद्र धोका द्वारा लगातार किए गए प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से उपेक्षित पड़े इस उद्यान को जल्द ही नया जीवन मिल सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी सरकार की उपलब्धियों के बीच ऐतिहासिक स्थल की बदहाली पर सवाल
एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को लेकर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जालना शहर में स्थित डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम से जुड़े उद्यान की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे थे।
वीरेंद्र धोका ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जिन महापुरुषों के विचारों और योगदान को याद किया जाता है, उनसे जुड़े स्थानों का संरक्षण भी उतनी ही जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक उद्यान का विषय नहीं है, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान और भावनाओं से जुड़ा मामला है।
यह भी पढ़ें:
https://www.newsnationonline.com/category/jalna-news/
ऐतिहासिक महत्व रखने वाला डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्यान वर्षों से उपेक्षित
नए जालना इलाके में मास्टर कृष्णराव फुलंब्रीकर नाट्यगृह के पास स्थित यह उद्यान शहर के पुराने और महत्वपूर्ण स्थानों में शामिल है।
जानकारी के अनुसार, 1960 के दशक में तत्कालीन जनसंघ के जनप्रतिनिधियों ने इस स्थान पर डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी।
उस समय जालना नगर परिषद के तत्कालीन नगराध्यक्ष और प्रसिद्ध साहित्यकार राय हरिचंद्र साहनी ‘दुखी’ ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
बाद में देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के हाथों इस प्रतिमा का अनावरण किया गया था। इस ऐतिहासिक घटना के कारण यह उद्यान केवल एक सार्वजनिक स्थल नहीं, बल्कि जालना शहर के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।
विकास निधि मिलने के बावजूद बदहाली क्यों? वीरेंद्र धोका ने उठाए सवाल
वीरेंद्र धोका ने आरोप लगाया कि समय-समय पर डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्यान के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए निधि उपलब्ध कराई गई, लेकिन उसका अपेक्षित परिणाम जमीन पर दिखाई नहीं दिया।
उनका कहना है कि प्रशासनिक अनदेखी और लापरवाही के कारण उद्यान की स्थिति लगातार खराब होती चली गई।
धोका के अनुसार:
- उद्यान की कई सुविधाएं खराब अवस्था में हैं।
- सौंदर्यीकरण के कार्य अधूरे पड़े हैं।
- नागरिकों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
- डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा को उचित सम्मानजनक स्थिति नहीं मिल रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास कार्यों के लिए निधि उपलब्ध हुई थी तो फिर उद्यान की स्थिति इतनी खराब क्यों बनी हुई है?
महानगरपालिका से मंत्रालय तक पहुंची शिकायत
इस पूरे मामले को लेकर वीरेंद्र धोका ने पहले जालना महानगरपालिका आयुक्त के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद उन्होंने राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर उद्यान की स्थिति, अधूरे विकास कार्य और प्रतिमा की उपेक्षा को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण धोका ने इस मुद्दे को और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
महाराष्ट्र शासन की जानकारी:
https://www.maharashtra.gov.in/
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद जांच प्रक्रिया तेज
वीरेंद्र धोका ने मुंबई पहुंचकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्यान की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी एवं पूर्व विधायक सुनील राणे ने जालना पहुंचकर उद्यान का निरीक्षण किया।
इस दौरान:
- वीरेंद्र धोका
- विधायक नारायण कुचे
- स्थानीय पदाधिकारी
सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान उद्यान की वर्तमान स्थिति देखी गई और संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
दोबारा मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला, तत्काल कार्रवाई की उम्मीद
निरीक्षण के बाद भी अपेक्षित गति से कार्य नहीं होने पर वीरेंद्र धोका ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री को इस पूरे मामले की तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार स्तर पर हुई इस हलचल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से बदहाल पड़े डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्यान के अच्छे दिन जल्द लौट सकते हैं।
क्या फिर लौटेगी ऐतिहासिक उद्यान की रौनक?
अब जालना शहर के नागरिकों की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।
लोगों को उम्मीद है कि जिस उद्यान ने कभी ऐतिहासिक क्षणों को देखा था, वह एक बार फिर सुंदर, सुरक्षित और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा।
वीरेंद्र धोका के लगातार प्रयासों के बाद यह मुद्दा अब सरकार के एजेंडे में शामिल हो चुका है और आने वाले दिनों में इस दिशा में ठोस कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
जालना की ताजा खबरों के लिए पढ़ें:
https://www.newsnationonline.com/
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.








































































































Leave a Reply