📰 जालना में भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव की शुरुआत, अहिंसा संदेश के साथ भव्य बाइक रैली निकाली गई
जालना | संवाददाता
महाराष्ट्र के जालना में भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ रविवार को भव्य मोटरसाइकिल रैली के साथ हुआ। सकल जैन युवा मंच द्वारा आयोजित इस अहिंसा रैली में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया। “अहिंसा परमो धर्मः” के संदेश से प्रेरित यह रैली शहर में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का संदेश लेकर निकली।
🚩 गुरु गणेश भवन से निकली रैली
रैली की शुरुआत शाम करीब 4:45 बजे गुरु गणेश भवन से हुई। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर की प्रतिमा के पूजन के साथ की गई, जिसके बाद जैन संतों के सानिध्य में मंगल पाठ किया गया। इसके पश्चात समाज के पदाधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
रैली में सैकड़ों दोपहिया वाहन सवार हाथों में संदेश लिखे फलक लेकर शामिल हुए और “अहिंसा”, “शांति” तथा “सद्भाव” के नारे लगाए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह रैली पुनः प्रारंभिक स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई।
🌿 अहिंसा और सामाजिक जागरूकता का संदेश
रैली के माध्यम से समाज में संयम, क्षमा, करुणा और अहिंसा के मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने रैली का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया।
👉 भगवान महावीर के जीवन और उनके संदेशों के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें:
🔗 https://www.jainworld.com/lord-mahavira/
🎤 प्रतियोगिताओं का भी हुआ आयोजन
महोत्सव के अंतर्गत शाम को गुरु गणेश तपोधाम परिसर में वक्तृत्व प्रतियोगिता और महावीर ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवाओं में धार्मिक ज्ञान और वक्तृत्व कौशल को प्रोत्साहित करना है।
इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 30 मार्च को सम्मानित किया जाएगा।
📅 31 मार्च को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
महोत्सव के तहत 31 मार्च को सुबह 8:30 बजे महावीर चौक से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों—मॅजेस्टिक टॉकीज रोड, पानी बेस, सराफा बाजार, फुल बाजार, अहिंसा मार्ग, जवाहर बाग और अन्य क्षेत्रों से होते हुए गुरु गणेशनगर में समाप्त होगी।
इसके बाद समाज के लिए सामूहिक भोजन (गौतम प्रसादी) का आयोजन किया जाएगा।
👉 जैन धर्म और अहिंसा के सिद्धांतों के बारे में अधिक पढ़ें:
🔗 https://en.wikipedia.org/wiki/Jainism
👥 17 वर्षों से जारी परंपरा
सकल जैन समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह महोत्सव पिछले 17 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। समाज के विभिन्न संगठनों के सहयोग से यह आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्य रूप में मनाया जाता है, जो सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन चुका है।
📢 समाज की अपील
सकल जैन समाज ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होकर भगवान महावीर के अहिंसा, शांति और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।
📌 निष्कर्ष
जालना में आयोजित यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में शांति, सहिष्णुता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम इस महोत्सव को और भी भव्य बनाएंगे।

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