एशिया कप तीरंदाजी में जालना की तेजल सालवे का कमाल, दो पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान
📍 जालना | विशेष रिपोर्ट
महाराष्ट्र के जालना जिले की होनहार तीरंदाज तेजल सालवे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एशिया कप वर्ल्ड रैंकिंग तीरंदाजी (स्टेज-1) प्रतियोगिता में दो पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
यह प्रतियोगिता थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित की गई थी, जहां तेजल ने अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में सफलता हासिल की।
🏹 व्यक्तिगत और टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन
तेजल सालवे ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में व्यक्तिगत कंपाउंड वर्ग में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने रजत पदक भी अपने नाम किया।
उनकी इस उपलब्धि ने न केवल जालना जिले, बल्कि पूरे देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है। खेल विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफलता उनकी लगातार मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
🎖️ जिला प्रशासन ने किया सम्मान
तेजल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जालना जिला प्रशासन ने उनका विशेष सम्मान किया। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने उन्हें शॉल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। इस समय उद्योगपति सुनिल रायठठ्ठा सहीत शहर के क्रीडाप्रेमी नागरीक उपस्थित थे.
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह सफलता केवल तेजल की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि तेजल की मेहनत और लगन अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।
🌟 परिवार और कोच की भूमिका अहम
सम्मान समारोह में तेजल के पिता राजेंद्र सालवे और उनके मार्गदर्शक एवं अंतरराष्ट्रीय कोच प्रकाश दुसेजा भी उपस्थित रहे। उन्होंने तेजल की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके परिवार और कोच का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है, और तेजल के मामले में यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
💬 तेजल ने जताया आभार, रखा बड़ा लक्ष्य
इस मौके पर तेजल सालवे ने जिला प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के निरंतर समर्थन से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिना किसी चिंता के खेल पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।
तेजल ने आगे कहा कि उनका लक्ष्य आने वाली प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करना और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
📈 युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
तेजल सालवे की यह उपलब्धि जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है। खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
🔍 निष्कर्ष
जालना की बेटी तेजल सालवे ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।


तेजल सालवे तीरंदाजी
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