🚧 जालना ड्रायपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई: 52 लाख रुपये बकाया के चलते 495 एकड़ परियोजना सील
जालना | संवाददाता
महाराष्ट्र के जालना जिले में राजस्व विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दरेगांव क्षेत्र में विकसित 495 एकड़ के ड्रायपोर्ट (मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क) को सील कर दिया है। ड्रायपोर्ट प्राधिकरण पर 52 लाख रुपये का भूमि राजस्व बकाया था, जिसकी लंबे समय से वसूली नहीं हो पा रही थी। आखिरकार शुक्रवार को तहसीलदार छाया पवार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की।
📌 क्या है पूरा मामला?
प्रशासन के अनुसार, दिसंबर महीने से लगातार बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस और निर्देश दिए जा रहे थे। इसके बावजूद संबंधित प्राधिकरण की ओर से केवल आश्वासन ही दिया जाता रहा और भुगतान नहीं किया गया।
31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण राजस्व वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया राशि जमा नहीं की जाती, तब तक ड्रायपोर्ट पर लगी सील नहीं हटाई जाएगी।
🏗️ किन संस्थाओं ने विकसित किया ड्रायपोर्ट?
यह ड्रायपोर्ट परियोजना जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण और नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के तहत विकसित की गई है।
👉 इस परियोजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें:
यह एक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क है, जहां भविष्य में कंटेनर यार्ड, वेयरहाउस, कंटेनर हैंडलिंग सिस्टम और ट्रक टर्मिनल जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जानी हैं। हाल ही में इस परियोजना का संचालन एक निजी कंपनी को 15 वर्षों के लिए सौंपा गया है।
🗣️ प्रशासन का क्या कहना है?
तहसीलदार छाया पवार के अनुसार, शासन के नियमों के तहत ड्रायपोर्ट प्राधिकरण को एकमुश्त 52 लाख रुपये का भूमि राजस्व जमा करना अनिवार्य था। कई बार अनुस्मारक और निर्देश देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण प्रशासन को मजबूर होकर यह कार्रवाई करनी पड़ी।
📂 प्राधिकरण की सफाई
ड्रायपोर्ट प्रभारी विकास मलिक ने बताया कि दरेगांव और बदनापुर क्षेत्र से संबंधित कुल 85 लाख रुपये के राजस्व भुगतान की फाइल उच्च अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
उन्होंने कहा कि कुछ आंतरिक तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी हुई है, लेकिन स्वीकृति मिलते ही बकाया राशि जमा कर दी जाएगी। उनके अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में यह मामला सुलझने की संभावना है।
⚠️ क्या हैं आगे के संकेत?
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि राजस्व वसूली के मामलों में प्रशासन अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
👉 यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो:
- परियोजना की प्रगति प्रभावित हो सकती है
- निवेश और रोजगार पर असर पड़ सकता है
- प्रशासनिक सख्ती और बढ़ सकती है
📊 निष्कर्ष
जालना का यह ड्रायपोर्ट प्रोजेक्ट क्षेत्र के औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में बकाया राजस्व के कारण परियोजना पर लगी सील न केवल प्रशासनिक सख्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि बड़े प्रोजेक्ट्स में वित्तीय अनुशासन कितना जरूरी है।



जालना ड्रायपोर्ट सील
Discover more from NewsNation Online
Subscribe to get the latest posts sent to your email.





































































































Leave a Reply