🟥 BREAKING: जालना में कांग्रेस का बड़ा ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ — 7 नगरसेवक सस्पेंड! BJP से नजदीकी बनी वजह
जालना | 1 अप्रैल 2026 : जालना की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। महाराष्ट्र प्रदेश काँग्रेस कमिटी ने एक सख्त कदम उठाते हुए जालना महानगरपालिका के 7 नगरसेवकों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें इन जनप्रतिनिधियों द्वारा पार्टी अनुशासन तोड़ने की पुष्टि हुई है। कांग्रेस के आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इन नगरसेवकों ने स्वीकृत सदस्य नियुक्ति के दौरान भारतीय जनता पार्टी को खुला समर्थन दिया, जो पार्टी लाइन के खिलाफ है। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का निर्णय लिया गया।
👥 ये 7 नेता हुए सस्पेंड
कार्रवाई की जद में आए नेताओं में गटनेता फारूक सादिक तुंडीवाले, इम्रान खान अमानुल्ला खान, फरहाना अ. रऊफ अंसारी, सुनील अशोक बोरडे, मयूरी दिनेश देने, रुबीना मजीद पठान और अनिल अशोक तिरुखे शामिल हैं।यह फैसला प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ के निर्देश पर लिया गया है। आदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अॅड. गणेश पाटील द्वारा जारी किया गया है।
⚖️ बड़ी राहत: नगरसेवक पद सुरक्षित
हालांकि पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है, लेकिन इन सभी नगरसेवकों के मनपा सदस्य पद पर कोई खतरा नहीं है।
ये सभी निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और एक गुट के रूप में उन्होंने अपने अधिकार का उपयोग किया था, इसलिए उनकी सदस्यता फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही है।
🗣️ सैय्यद रहीम का पलटवार — “हमने पार्टी को मजबूत किया”
इस कार्रवाई के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व उपनगराध्यक्ष और नगरसेविका फरहाना अंसारी के पति सैयद रहीम ने खुलकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि इन नगरसेवकों ने पार्टी को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत करने का काम किया है।
रहीम ने आरोप लगाया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजाभाऊ देशमुख और अन्य पदाधिकारी पहले से ही पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं।
👉 उनके मुताबिक:
- टिकट वितरण में भारी गड़बड़ी हुई
- बाहरी लोगों और रिश्तेदारों को टिकट दिया गया
- टिकट बेचने तक की चर्चाएं हुईं
🔍 विनोद रत्नपारखे का मुद्दा बना विवाद का केंद्र
सैय्यद रहीम ने बताया कि नामित सदस्य विनोद रत्नपारखे का चयन पूरी तरह पार्टी हित में किया गया था।
उनका दावा है कि:
- रत्नपारखे भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए
- उन्हें महिला जिलाध्यक्ष नंदा पवार के निर्देश पर चुना गया
- उनके अनुभव से पार्टी को मजबूती मिली
रहीम ने सवाल उठाया कि जब जिलाध्यक्ष और शहराध्यक्ष ने बैठक ही नहीं बुलाई, तो यह निर्णय पार्टी विरोधी कैसे माना जा सकता है?
📢 निलंबन वापस लेने की मांग
सैय्यद रहीम ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि:
- 7 नगरसेवकों का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए
- जिला और शहर स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका की जांच हो
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
🔥 जालना की राजनीति में उबाल तय
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जालना की राजनीति में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
कांग्रेस के भीतर बढ़ती गुटबाजी अब सार्वजनिक हो चुकी है और इसका असर आने वाले समय में महानगरपालिका की सत्ता समीकरणों पर साफ दिखाई दे सकता है।
👉 फिलहाल, यह मामला केवल निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष की बड़ी तस्वीर भी दिखा रहा है।
जालना कांग्रेस नगरसेवक निलंबित

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