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ईंटों से चुनवा दिया ऐतिहासिक दरवाजा! जानुल्लाशाह दरगाह में अकीदतमंदों का गुस्सा
जालना की ऐतिहासिक हजरत जानुल्लाशाह दरगाह खानका मस्जिद का पुराना मुख्य दरवाजा ईंटों की दीवार खड़ी कर बंद किए जाने से अकीदतमंदों में नाराजगी है। खादिम ने दरवाजा खोलने और दोनों गेटों की मरम्मत की मांग की है।
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जालना की चारों ईदगाहों में 6 सितंबर को नमाज़-ए-इस्तिस्का, बारिश के लिए बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
जालना में कम बारिश और बढ़ते पानी संकट के बीच 6 सितंबर को सुबह 9:30 बजे शहर की चारों ईदगाहों में नमाज़-ए-इस्तिस्का अदा की जाएगी।
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बारिश के लिए नेर ईदगाह में पढ़ी गई खास नमाज, लोगों ने की दिल से दुआ
जालना के नेर ईदगाह मैदान में बारिश के लिए विशेष नमाज-ए-इस्तिस्का अदा की गई। सोयाबीन-कपास की फसल और पशुओं के चारे को लेकर किसान चिंतित हैं।
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जालना में दर्स-ए-निज़ामी के छात्रों की छमाही परीक्षा, सय्यद जमील मौलाना ने बढ़ाया हौसला
जालना के दरगाह सैयद अहमद शेर सवार परिसर में संचालित दारुल उलूम गुलशन-ए-कादरी अनवार-ए-रज़ा में दर्स-ए-निज़ामी के छात्रों की छमाही परीक्षा आयोजित की गई। सय्यद जमील मौलाना ने विद्यार्थियों को मेहनत और अच्छे संस्कारों के साथ पढ़ाई जारी रखने की प्रेरणा दी।
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दर्स-ए-निज़ामी छात्रों की छमाही परीक्षा, सय्यद जमील मौलाना ने बढ़ाया हौसला
जालना के दरगाह सैयद अहमद शेर सवार परिसर में चल रहे दारुल उलूम गुलशन-ए-कादरी अनवार-ए-रज़ा में दर्स-ए-निज़ामी विभाग की छमाही परीक्षा आयोजित की गई। मुतवल्ली सय्यद जमील मौलाना ने छात्रों को मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
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आला हजरत ने लिखीं एक हजार से ज्यादा किताबें, 50 से अधिक इल्म और फन के थे माहिर
जालना की दरगाह सैयद अहमद शेर सवार में 108वां उर्स-ए-आला हजरत अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दरगाह के मुतवल्ली सैयद जमील मौलाना ने इमाम अहमद रजा खान की इल्मी और दीनी सेवाओं पर रोशनी डाली। इस दौरान कुरआन ख्वानी, कुल शरीफ, फातिहा ख्वानी, नात-ए-पाक और लंगर-ए-रजा का आयोजन किया गया।
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Why Alaa Hazrat Is Called the Mujaddid-e-Deen?
Why Is Alaa Hazrat Called Mujaddid-e-Deen? Understanding the Legacy of Imam Ahmed Raza Khan By NewsNationOnline DeskWebsite: www.newsnationonline.com Why Is Alaa Hazrat Called Mujaddid-e-Deen? Understanding the Legacy of Imam Ahmed Raza Khan More than a century after his passing, Imam Ahmed Raza Khan Barelvi (1856–1921) known as Alaa Hazrat, remains influential worldwide. Moreover, Why Is…
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Alaa Hazrat: The Enduring Legacy of Imam Ahmed Raza Khan
Who Was Alaa Hazrat Imam Ahmed Raza Khan? – The Life, Legacy and Contributions of a Great Islamic Scholar By NewsNationOnline Desk Who Was Alaa Hazrat Imam Ahmed Raza Khan? For over a century, the name Alaa Hazrat Imam Ahmed Raza Khan Barelvi (1856–1921) has remained synonymous with Islamic scholarship. Revered across India, Pakistan, Bangladesh,…
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इल्म, अमल और इश्क़-ए-रसूल की बुलंद मिसाल थे आला हजरत: मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही
जालना की गुलजार मस्जिद में मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने आला हजरत इमाम अहमद रज़ा ख़ान बरेलवी की इल्मी, दीनी और साहित्यिक सेवाओं पर प्रकाश डाला। 7 और 8 अगस्त को दुनिया भर में 108वां उर्स अकीदत के साथ मनाया जाएगा।
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Haj 2027 Jalna: जालना के सभी 304 हाजियों का चयन, रहनुमा हज कमेटी देगी पूरी मदद
Haj 2027 Jalna: जालना जिले के सभी 304 आवेदकों का चयन। पहली किश्त, जरूरी दस्तावेज़, हज ट्रेनिंग, रहनुमा हज कमेटी और संपर्क नंबर की पूरी जानकारी।
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हज 2027 आवेदन शुरू: जालना में रहनुमा हज कमेटी करेगी यात्रियों की मदद, जानें तारीख और दस्तावेज
हज 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 22 जून से शुरू हो गई है। जालना में रहनुमा हज कमेटी यात्रियों को फॉर्म भरने और दस्तावेज तैयार करने में मदद करेगी। जानें अंतिम तारीख, फीस और जरूरी दस्तावेज।
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ताजुश्शरिया का 8वां उर्स जालना में अकीदत के साथ सम्पन्न
जालना में ताजुश्शरिया का 8वां उर्स अकीदत के साथ मनाया गया, जिसमें तिलावत, नात, दुआ और लंगर में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया।
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हज 2026: जालना में 9 अप्रैल को आज़मीन-ए-हज के लिए विशेष मार्गदर्शन बैठक
हज 2026 पर जाने वाले जालना जिले के सभी आज़मीन-ए-हज के लिए 9 अप्रैल 2026 को सलमान नाहदी मस्जिद में विशेष मार्गदर्शन नशिस्त आयोजित की जाएगी। मुफ्ती आरिफ साहब (बीड़) का धार्मिक बयान और दोपहर के खाने का इंतजाम भी रहेगा।
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8 साल के हाशीम खान का पहला रोजा, जालना में परिवार ने जताई खुशी
जालना के 8 वर्षीय हाशीम खान ने अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखकर सबका दिल जीत लिया। छोटी उम्र में इस उपलब्धि से परिवार में खुशी और गर्व का माहौल है, और यह अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बन गया है।
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जालना: 21वें रमजान पर हजरत जानुल्लाह शाह बाबा दरगाह में होगा भव्य इफ्तार, हाथ से लिखी कुरान शरीफ के दीदार
जालना में 21वें रमजान पर हजरत जानुल्लाह शाह बाबा दरगाह में हजारों रोजेदारों के लिए सामूहिक इफ्तार का आयोजन होगा। इस अवसर पर बाबा द्वारा हाथ से लिखी कुरान शरीफ के दीदार का दुर्लभ मौका भी मिलेगा।
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जालना रेलवे स्टेशन मस्जिद में रमज़ान पर ‘दस दिन के इस्लाही बयानात’ शुरू, उलेमा देंगे दीन पर मार्गदर्शन
जालना की रेलवे स्टेशन मस्जिद में रमज़ान के दौरान “दस दिन के दस इस्लाही बयानात” का आयोजन शुरू हुआ है। तरावीह के बाद हर रात उलेमा कुरआन और सुन्नत की रोशनी में विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
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रमजान में जालना की शाह बिरादरी की सेवा: 50 साल से रोजेदारों को सहरी के लिए जगाने की परंपरा
जालना में शाह बिरादरी पिछले 50 वर्षों से रमजान के दौरान रोजेदारों को सहरी के लिए जगा रही है। रात 2 बजे मुस्लिम बस्तियों में जाकर निभा रहे हैं सेवा की अनूठी परंपरा।
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उमरैन और सुबहान ने रखा ज़िंदगी का पहला रोज़ा | जालना रमज़ान खबर
रमज़ान के पाक महीने में जालना के दो नन्हे बच्चों उमरैन और सुबहान ने ज़िंदगी का पहला रोज़ा रखकर परिवार और मोहल्ले का दिल जीत लिया।
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जालना में रमज़ान के दौरान 7 रातों की शबीना तरावीह | मस्जिद शेर सवार
जालना में रमज़ान के दौरान मस्जिद शेर सवार में लगातार 7 रातों की शबीना तरावीह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुकम्मल क़ुरआन की तिलावत होगी।
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शिक्षा से ही तरक्की का रास्ता: इस्लाह-ए-मुआशरा कॉन्फ्रेंस जालना | मुफ़्ती आरिफ़ रज़ा अजहरी
जालना में आयोजित इस्लाह-ए-मुआशरा कॉन्फ्रेंस में मुफ़्ती आरिफ़ रज़ा अजहरी ने शिक्षा को दुनिया और आख़िरत में कामयाबी का ज़रिया बताया। दीनी और आधुनिक तालीम पर ज़ोर दिया गया।
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जालना में कारी रशीद अहमद अजमेरी का आगमन, बिलाल मस्जिद में तरबियती इज्तेमा
जमीयत उलेमा जालना द्वारा बिलाल मस्जिद में एक दिवसीय तरबियती इज्तेमा का आयोजन, जिसमें कारी रशीद अहमद अजमेरी सहित कई आलिम मार्गदर्शन करेंगे।
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गणतंत्र दिवस पर जालना के मदरसे में फहराया गया तिरंगा, भाईचारे का संदेश
जालना के खरपुडी रोड स्थित दारुल उलूम रजविया लतीफिया मिसबाहुल उलूम में गणतंत्र दिवस सादगी और उत्साह के साथ मनाया गया। तिरंगा फहराया गया और बच्चों ने तराने व नज़्में पेश कर भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
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कुरान और अहले-बैत से जुड़ाव ही इंसानियत की सच्ची राह — अल्लामा सैयद अब्दुर्रब मखदूमी | जालना
जालना में आयोजित ताजदार-ए-बगदाद कॉन्फ्रेंस में अल्लामा सैयद अब्दुर्रब मखदूमी ने कुरान और अहले-बैत से जुड़ाव को इंसानियत, अमन और आख़िरत की सफलता की सच्ची राह बताया। जलसा-ए-दस्तार-ए-हिफ़्ज़ में बड़ी संख्या में उलेमा और अकीदतमंद शामिल हुए।
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मालेगांव में तीन दिवसीय इज्तेमा, 11 किताबों का होगा विमोचन | Khanqah Rahmania
मालेगांव में खानकाह रहमानिया की ओर से आयोजित तीन दिवसीय इज्तेमा में हज़रत मौलाना उमरैन महफूज़ रहमानी की 11 महत्वपूर्ण किताबों का विमोचन किया जाएगा, देशभर से उलेमा की शिरकत।
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जालना में पहली बार सैयद अब्दुररब मखदूमी ‘चाँद बाबू’ का ऐतिहासिक आगमन | सालाना जलसा 2026
जालना में पहली बार खानकाहे फिरदौसिया बिलहरी शरीफ के सज्जादानशीन सैयद अब्दुररब मखदूमी ‘चाँद बाबू’ का ऐतिहासिक आगमन हो रहा है। 24 जनवरी 2026 को होने वाले सालाना जलसे में दीनी, रूहानी और सामाजिक एकता का पैग़ाम दिया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है।
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दीनी कॉन्फ्रेंस के लिए जालना तैयार | देशभर से उलेमा करेंगे शिरकत
जालना के दारुल उलूम रज़विया लतीफ़िया मिस्बाहुल उलूम में 24 जनवरी को दीनी कॉन्फ्रेंस एवं जलसा-ए-दस्तार-ए-हिफ़्ज़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से उलेमा शिरकत करेंगे।
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दीनी कॉन्फ्रेंस के लिए जालना तैयार | देशभर से उलेमा करेंगे शिरकत
जालना के दारुल उलूम रज़विया लतीफ़िया मिस्बाहुल उलूम में 24 जनवरी को दीनी कॉन्फ्रेंस एवं जलसा-ए-दस्तार-ए-हिफ़्ज़ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से उलेमा शिरकत करेंगे।
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जालना में जमात-ए-इस्लामी हिंद का ब्लॉक इज्तिमा-ए-आम संपन्न | नूर शाह मस्जिद
जालना में जमात-ए-इस्लामी हिंद का ब्लॉक इज्तिमा-ए-आम आयोजित हुआ, जिसमें “किताबे इलाही को मजबूती से थाम लो” विषय पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में कुरआन के मूल्य, समाज सुधार, और शैक्षणिक आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला गया। इसके अतिरिक्त, युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश दिए गए।
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अकीदत की खुशबू में लिपटा जालना, 748वें उर्स-ए-शेर सवार का रूहानी आग़ाज़
जालना में 748वां उर्स-ए-शेर सवार का आयोजन शुरू हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम में सुन्नी इज्तेमा, दस्तारबंदी और अन्य धार्मिक गतिविधियाँ शामिल हैं। पहले दिन संदलपोशी, नातिया कलाम के प्रस्तुतिकरण और लंगर की व्यवस्था हुई। समापन 29 दिसंबर को फ़ातेहा ख़्वानी से होगा। महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित है।
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दारुल उलूम गुलशन-ए-क़ादरी में तकमील-ए-हिफ़्ज़ कुरआन की रूहानी महफ़िल | जालना
दारुल उलूम गुलशन-ए-क़ादरी अनवार-ए-रज़ा में तकमील-ए-हिफ़्ज़ कुरआन की रूहानी महफ़िल, हाफ़िज़ मोहम्मद अफ़रोज़ ख़ान का हुआ सम्मान जालना:दरगाह हज़रत सैय्यद अहमद शेर सवार (अलैहिर्रहमा) परिसर में स्थित दारुल उलूम गुलशन-ए-क़ादरी अनवार-ए-रज़ा में कुरआन करीम की तकमील-ए-हिफ़्ज़ के मुबारक अवसर पर एक अत्यंत रूहानियत से परिपूर्ण महफ़िल का आयोजन किया गया। यह गरिमामय कार्यक्रम बुधवार, 24…
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हज 2026 प्रशिक्षण शिविर जालना | रहनुमा-ए-हज कमिटी का पहला हज कैंप
रहनुमा-ए-हज कमिटी ने हज 2026 के लिए पहले प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया, जिसमें 308 चयनित हज यात्री भाग लेंगे। शिविर में धार्मिक मार्गदर्शन के साथ-साथ यात्रा की तैयारी, स्वास्थ्य सावधानियों और दस्तावेज़ प्रक्रिया पर जानकारी दी जाएगी। भोजन की व्यवस्था भी की गई है। यात्रियों से समय पर उपस्थित रहने की अपील की गई…
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जालना में 748वां उर्स-ए-शेर सवार | सुन्नी इज्तेमा, दस्तारबंदी व तबर्रुक़ात ज़ियारत
जालना में 748वां उर्स-ए-शेर सवार 27 से 29 दिसंबर 2025 तक आयोज्य है, जिसमें सुन्नी इज्तेमा और दस्तारबंदी समेत कई धार्मिक कार्यक्रम होंगे। सभी गतिविधियों की निगरानी सैयद जमील अहमद क़ादरी रज़वी करेंगे। पहले दो दिनों में पुरुषों के लिए विशेष तबर्रुक़ात की ज़ियारत होगी, जबकि महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
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जालना में सुन्नी तरबियती इज्तेमा संपन्न | नमाज़ पर मुफ्ती अल्लाह बख़्श अमजदी का मार्गदर्शन
जालना में जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा की ओर से एक दिवसीय सुन्नी तरबियती इज्तेमा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुफ्ती अल्लाह बख़्श अमजदी ने नमाज़ और उसके ज्ञान की अहमियत बताई। इज्तेमा में धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ नमाज़, ग़ुस्ल और कफ़न-दफन के तरीकों पर प्रकाश डाला गया। शांति और भाईचारे के लिए दुआ की गई।
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चार सौ वर्षों तक लगातार कुरआन की तिलावत — सुल्तान सलीम की रूहानी कहानी
सुल्तान सलीम प्रथम ने इस्तांबुल के तोपकापी सराय में हज़रत मोहम्मद ﷺ के तबर्रुकात रखकर चार सौ वर्षों तक लगातार कुरआन की तिलावत का सिलसिला जारी रखा — एक अनोखी रूहानी कहानी।
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मदीना मुनव्वरा की ऐतिहासिक निशानी: बाबुस्सलाम के दाहिने हिस्से पर “नून” — इस्लामी विरासत का अनमोल प्रतीक
मस्जिदे-नबवी शरीफ़, मदीना मुनव्वरा के बाबुस्सलाम के दाहिने हिस्से पर मौजूद कुरआनी “नून” का निशान इस्लामी इतिहास और उस्मानी कला की पवित्र निशानी है, जिसे हज़रत उमर फ़ारूक़ (रज़ि.) के दौर से जोड़ा जाता है।
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बच्चों की रूहानी प्रस्तुति: जालना में सीरतुन्नबी ﷺ कार्यक्रम
जालना में सीरतुन्नबी ﷺ का रूहानी व ऐतिहासिक जलसा — बच्चों की मासूम आवाज़ों, नात और दुआओं से गूँज उठा परिसर जालना, प्रतिनिधि: रबीउल अव्वल के पाक मौके पर जमीयतुल उलेमा (अर्शद मदनी) की ओर से हाजी मखदूम उर्दू प्राथमिक शाला, जालना में सीरतुन्नबी ﷺ का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन सीरत पाक…
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मोहब्बत-ए-रसूल ﷺ ईमान का अव्वल दरजा – मौलाना मिस्बाही का बयान
जालना की गुलज़ार मस्जिद में मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने जुमा ख़ुत्बे में कहा कि मोहब्बत-ए-रसूल ﷺ ईमान की अव्वल शर्त है। उन्होंने शेरो-शायरी, हदीस-ए-बुख़ारी का हवाला और “आई लव मोहम्मद” विवाद पर सख़्त रद्द-ए-अमल पेश करते हुए मुसलमानों से पुरअमन एहतेजाज की अपील की।
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15 दिवसीय सीरत पाक मुहिम का आयोजन जालना में
जमीयत उलेमा जालना द्वारा 15 दिवसीय सीरत पाक मुहिम का आयोजन जालना: जमीयत उलेमा अरशद मदनी, जिला जालना इस वर्ष भी रबी-उल-अव्वल के पवित्र महीने में पंद्रह दिवसीय सीरत पाक अभियान आयोजित करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की पवित्र जीवनी, उनकी शिक्षाएँ और मानवता के संदेश को…
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आला हज़रत सिर्फ़ इस्लामी इल्म और अमल के माहिर नहीं थे, बल्कि महान साइंटिस्ट भी थे – मुफ्ती अमजदी जालना में 20 अगस्त 2025 को आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान का 107वां उर्स मनाया गया। मुफ्ती अमजदी ने बताया कि आला हज़रत एक महान साइंटिस्ट थे, जिन्होंने चार साल की उम्र में कुरान पढ़ा। महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम में परदे और सामाजिक सुधार पर चर्चा की गई। जलसे का समापन दुआ के…
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जन्नत का सबसे बड़ा इनाम: अल्लाह तआला का दीदार
जन्नत का सबसे बड़ा इनाम: अल्लाह का दीदार जन्नत का सबसे बड़ा इनाम: अल्लाह (सुब्हानहु व तआला) का दीदार हदीस: सुहैब (रज़ि) की रिवायत – रियाज़-उस-सालिहीन 1896 परिचय इस्लाम में सबसे सुंदर और आत्मिक रूप से ऊंचा वादा यह है कि मोमिनों को आखिरत में जन्नत में अल्लाह तआला का दीदार नसीब होगा। हर वो…
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The Greatest Reward in Jannah: The Vision of Allah (SWT)
The Greatest Reward in Jannah: Seeing Allah (SWT) The Greatest Reward in Jannah: Seeing Allah (SWT) Based on the Hadith of Suhaib (RA) – Riyad as-Salihin 1896 Introduction One of the most profound and spiritually uplifting promises in Islam is the ultimate reward for the believers in the Hereafter — the vision of Allah (SWT).…










































