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जालना में नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती: डेढ़ साल में 88 चालकों पर कार्रवाई, 38 ने अब तक नहीं भरा जुर्माना

जालना ड्रंक एंड ड्राइव कार्रवाई

जालना ड्रंक एंड ड्राइव कार्रवाई: जालना में नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती, फिर भी 38 चालकों ने नहीं भरा जुर्माना

जालना: सड़क सुरक्षा को लेकर जालना शहर यातायात पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन शराब के नशे में वाहन चलाने वालों की लापरवाही अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले लगभग डेढ़ वर्ष में ड्रंक एंड ड्राइव के 88 मामलों में कार्रवाई की गई। इनमें से 50 वाहन चालकों ने न्यायालय द्वारा निर्धारित जुर्माना जमा कर दिया, जबकि 38 चालकों ने अब तक जुर्माने का भुगतान नहीं किया है। जालना ड्रंक एंड ड्राइव कार्रवाई

यातायात विभाग का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। इसी को देखते हुए शहर में नियमित रूप से विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।


रात में चलाया जा रहा है विशेष जांच अभियान

शहर के प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर यातायात पुलिस द्वारा नियमित जांच की जा रही है। विशेष रूप से रात के समय नाकाबंदी कर ब्रेथ एनालाइजर की सहायता से वाहन चालकों की जांच की जाती है।

जांच के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाते पाए जाने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत न्यायालयीन कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद कई चालक जांच से बचने अथवा जुर्माना जमा नहीं करने का प्रयास करते हैं।


वर्ष 2026 में 20 मामलों में ₹2 लाख से अधिक की वसूली

यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 20 ड्रंक एंड ड्राइव मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹2,01,600 का जुर्माना वसूला गया है।

वहीं उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2024 में 110 मामलों में कार्रवाई करते हुए ₹4,02,600 तथा वर्ष 2025 में 30 मामलों में ₹16,400 का जुर्माना वसूला गया था।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि भारी जुर्माने और न्यायिक कार्रवाई के कारण कई वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन कुछ लोग अब भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।


एक वर्ष में सामने आए 31 गंभीर मामले

पिछले एक वर्ष के दौरान जालना शहर में ड्रंक एंड ड्राइव के 31 गंभीर मामले दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार, नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण कई छोटे और बड़े सड़क हादसे भी हुए हैं।

इन मामलों में आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत कर कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण शराब के नशे में वाहन चलाना है।


ई-चालान की वसूली भी बनी बड़ी चुनौती

यातायात विभाग के सामने केवल नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में ऐसे वाहन चालक भी हैं जो ई-चालान जारी होने के बाद भी जुर्माना जमा नहीं करते।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लंबित चालानों की संख्या लगातार बढ़ने से वसूली अभियान प्रभावित हो रहा है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से बकाया राशि की वसूली की जा रही है।


पुलिस ने नागरिकों से की अपील

शहर यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक सुरेश उनवणे ने कहा कि शराब के नशे में वाहन चलाने से चालक का अपने वाहन पर नियंत्रण कम हो जाता है। इससे न केवल चालक की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों का जीवन भी जोखिम में आ जाता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शराब पीने के बाद किसी भी स्थिति में वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।


सड़क सुरक्षा क्यों है जरूरी?

भारत में हर वर्ष बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें शराब के नशे में वाहन चलाना एक प्रमुख कारण माना जाता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और न्यायालयीन कार्रवाई का प्रावधान है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता भी दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.


NewsNationOnline की राय

जुर्माना लगाना आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि वाहन चालक सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। यदि शराब का सेवन किया है तो स्वयं वाहन चलाने के बजाय वैकल्पिक परिवहन का उपयोग करें। एक छोटी-सी लापरवाही कई परिवारों की जिंदगी बदल सकती है।




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Rashmi Bagdi
Rashmi Bagdi is a journalist and digital content creator associated with NewsNation Online. She specializes in reporting on local news, civic issues, education, government updates, and viral stories with a reader-focused approach.

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