🌧️ ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से जालना में तबाही: किसानों के लिए राहत की मांग तेज
पूर्व विधायक कैलास गोरंटयाल ने प्रशासन से तुरंत सर्वे और मुआवजा देने की अपील
जालना | संवाददाता
जालना जिले में हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के साथ हुई इस प्राकृतिक आपदा ने खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता कैलास गोरंटयाल ने जिला प्रशासन से तुरंत नुकसान का सर्वेक्षण कर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
📌 कई तहसीलों में फसलों को भारी नुकसान
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में गोरंटयाल ने बताया कि जालना, बदनापुर, मंठा और घनसावंगी तहसीलों में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के कारण व्यापक नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है और कई किसान पूरी तरह संकट में आ गए हैं।
🍇 फलों के बागानों में भारी क्षति
ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फल बागानों पर पड़ा है। विशेष रूप से अंगूर और आम के बागों में भारी नुकसान हुआ है।
तेज हवा और ओलों के कारण बड़ी मात्रा में फल जमीन पर गिर गए, जिससे बागवानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
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🌾 नगदी और रबी फसलें भी बर्बाद
प्याज और तरबूज जैसी नगदी फसलें पूरी तरह सड़ गई हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
वहीं गेहूं, चना और ज्वार जैसी रबी फसलें, जो कटाई के लिए तैयार थीं, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण जमीन पर गिर गईं। इससे न केवल उत्पादन प्रभावित हुआ है, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी घट गई है।
🚜 तुरंत सर्वे और मुआवजा देने की मांग
पूर्व विधायक गोरंटयाल ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व और कृषि विभाग के माध्यम से तुरंत संयुक्त सर्वेक्षण किया जाए और वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों को तत्काल सर्वे कर किसानों को बीमा दावों का भुगतान करने के निर्देश दिए जाएं।
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💰 किसानों को तुरंत आर्थिक राहत देने की अपील
गोरंटयाल ने सरकार से मांग की है कि नुकसानग्रस्त किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें और अगली फसल के लिए तैयारी कर सकें।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर राहत कार्य शुरू किए जाएं।
📢 किसानों के सामने बड़ा संकट
जालना जिले के किसान पहले से ही लागत बढ़ने और बाजार में अनिश्चितता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में इस तरह की प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर सर्वे और राहत नहीं दी गई, तो इसका असर किसानों की आने वाली फसलों और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ेगा।
🔎 निष्कर्ष
ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान ने जालना के किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। ऐसे में प्रशासन द्वारा त्वरित सर्वेक्षण, बीमा भुगतान और आर्थिक सहायता ही किसानों को राहत देने का सबसे प्रभावी उपाय हो सकता है।

जालना में ओलावृष्टि से तबाही:
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