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15 अगस्त पर जालना में जमीयत उलेमा के दो बड़े कार्यक्रम, रक्तदान शिविर भी

Poster announcing 15 अगस्त celebrations with Indian flag, landmarks, and doves, highlighting events and programs in Urdu/Hindi.
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जिस आजादी के लिए हमारे बुजुर्गों ने सब कुछ लुटा दिया, उसे याद करने का दिन है 15 अगस्त

जालना: 15 अगस्त सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों की कुर्बानियों को याद करने का दिन है, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। इसी भावना के साथ जमीयत उलेमा-ए-जालना की ओर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें एक कार्यक्रम आजादी की लड़ाई में मुसलमानों के योगदान और देश के मौजूदा हालात पर केंद्रित रहेगा, जबकि दूसरा कार्यक्रम जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए रक्तदान शिविर के रूप में आयोजित किया जाएगा।

‘आजादी का इतिहास, मुसलमानों का योगदान और देश के मौजूदा हालात’ पर विशेष कार्यक्रम

जमीयत उलेमा-ए-जालना की ओर से आयोजित पहला कार्यक्रम ‘आजादी का इतिहास, मुसलमानों का योगदान और देश के मौजूदा हालात’ विषय पर 15 अगस्त को सुबह 10 बजे मस्जिद हजरत बिलाल, मामा चौक, जालना में आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जमीयत उलेमा-ए-महाराष्ट्र के अध्यक्ष मौलाना हाफिज नदीम सिद्दीकी करेंगे। कार्यक्रम में विशेष वक्ता के रूप में दारुल उलूम देवबंद के हदीस शिक्षक और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के दीनी तालीमी बोर्ड के महासचिव मौलाना मुफ्ती सैयद मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी शामिल होंगे।

आजादी की लड़ाई में मदरसों और मुसलमानों की भूमिका पर होगी चर्चा

मौलाना मुफ्ती सैयद मोहम्मद सलमान मंसूरपुरी आजादी की लड़ाई के इतिहास की रोशनी में मदरसों और मुसलमानों के योगदान पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही देश के मौजूदा हालात, सामाजिक चुनौतियों और सामने मौजूद समस्याओं पर भी अपने विचार रखेंगे तथा इनके समाधान के लिए जरूरी पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

जमीयत उलमा-ए-हिंद की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक संगठन की स्थापना 1919 में हुई थी और उसके इतिहास में स्वतंत्रता आंदोलन तथा हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख मिलता है। इस विषय पर पाठक जमीयत उलमा-ए-हिंद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जानकारी देख सकते हैं।

मराठवाड़ा के उलेमा और सामाजिक कार्यकर्ता भी होंगे शामिल

कार्यक्रम में मराठवाड़ा क्षेत्र के जमीयत उलमा के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जमीयत उलमा शहर और जिला जालना के कार्यकर्ता लगातार तैयारी कर रहे हैं।

जमीयत उलमा-ए-महाराष्ट्र की आधिकारिक जानकारी के अनुसार संगठन सामाजिक सेवा, राहत कार्य, शिक्षा, छात्रवृत्ति और समाज में शांति एवं भाईचारे को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों में भी काम करता है।

10 साल से स्वतंत्रता दिवस पर रक्तदान की पहल

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जमीयत उलमा-ए-जालना की ओर से पिछले करीब 10 वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी मुस्तकीम हमदुले फाउंडेशन, 40 ग्रुप जालना और जमीयत उलेमा-ए-जालना के संयुक्त सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा।

यह रक्तदान शिविर जमजम अस्पताल, कदीम जालना में लगाया जाएगा। शिविर का उद्घाटन 15 अगस्त को सुबह 9 बजे मौलाना हाफिज नदीम सिद्दीकी के हाथों किया जाएगा। रक्तदान शिविर शाम 7 बजे तक जारी रहेगा।

‘आपके खून की एक बोतल किसी की जिंदगी बचा सकती है’

जमीयत उलमा-ए-जालना ने स्वस्थ युवाओं से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि रक्तदान महज एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन सकता है।

जमीयत की ओर से अपील की गई है कि स्वस्थ युवा इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद करें।

सुबह 10 बजे मस्जिद हजरत बिलाल पहुंचने की अपील

आयोजकों ने शहर के लोगों से अपील की है कि वे 15 अगस्त को सुबह 10 बजे मस्जिद हजरत बिलाल, मामा चौक में होने वाले कार्यक्रम में अपने दोस्तों और परिचितों के साथ शामिल हों। इस मौके पर आजादी के इतिहास को समझने, देश के लिए कुर्बानी देने वालों को याद करने और समाज में भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।

‘जो अपनी जड़ों को भूल जाता है, उसका भविष्य कमजोर हो जाता है’

जमीयत उलेमा की ओर से कहा गया कि कोई भी समाज अपने इतिहास से कटकर आगे नहीं बढ़ सकता। देश की आजादी की लड़ाई में अलग-अलग समुदायों और वर्गों के लोगों ने अपनी भूमिका निभाई है। ऐसे में नई पीढ़ी को देश के इतिहास से परिचित कराना और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले सभी लोगों को याद करना जरूरी है।

आयोजकों का कहना है कि इतिहास को समझने और एक-दूसरे के योगदान का सम्मान करने से समाज में आपसी दूरी और नफरत को कम किया जा सकता है। आज भी देश की मजबूती के लिए जरूरी है कि सभी भारतीय मिल-जुलकर अमन, शांति और भाईचारे के साथ आगे बढ़ें।

स्वतंत्रता दिवस पर इतिहास के साथ इंसानियत का संदेश

जालना में आयोजित होने वाले दोनों कार्यक्रमों में एक तरफ स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसमें मुसलमानों की भूमिका पर चर्चा होगी, तो दूसरी तरफ रक्तदान के जरिए इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि शहर के नागरिक दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होकर स्वतंत्रता दिवस को सार्थक बनाएंगे।


यह भी पढ़ें: जालना और मराठवाड़ा से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए NewsNationOnline के जालना समाचार सेक्शन को जरूर देखें।

Poster announcing 15 अगस्त celebrations with Indian flag, landmarks, and doves, highlighting events and programs in Urdu/Hindi.
जालना में 15 अगस्त कार्यक्रम

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Imran Siddiqui
Imran Siddiqui is a journalist based in Jalna, Maharashtra, and district representative for Navbharat (previously with Lokmat Samachar). He edits NewsNation Online, covering Jalna, Marathwada, Maharashtra and India, and ImranJalna, covering Islamic knowledge and Muslim-world news in English, Hindi and Urdu.

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