जालना: 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार को अवकाश घोषित करने पर विचार करना चाहिए। यह मांग गणेश महासंघ के अध्यक्ष श्लोक अग्रवाल, कार्याध्यक्ष एडवोकेट महेश धन्नावत, भूषण यादव, आनंद बंब और अन्य सदस्यों ने की है।
महासंघ के सदस्यों ने कहा कि बड़े प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और निजी संस्थानों में बड़ी संख्या में स्नातक कर्मचारी काम करते हैं। चुनाव के दिन अवकाश नहीं होने पर नियमित कामकाज के कारण कई पात्र मतदाताओं को मतदान के लिए समय निकालने में कठिनाई हो सकती है, जिससे मतदान पर असर पड़ने की आशंका है।
गणेश महासंघ के अध्यक्ष श्लोक अग्रवाल ने कहा कि कार्याध्यक्ष एडवोकेट महेश धन्नावत की स्नातक मतदाताओं के लिए अवकाश की मांग उचित है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कामकाजी स्नातकों की व्यावहारिक कठिनाइयों पर ध्यान देना और उचित कदम उठाना आवश्यक है।
महासंघ के कार्याध्यक्ष एडवोकेट महेश धन्नावत ने कहा कि मतदान प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार है। स्नातक मतदाताओं को नौकरी और मतदान में से किसी एक को चुनने की स्थिति में नहीं आना चाहिए। अधिक से अधिक लोगों को मतदान का अवसर देने के लिए सरकार को अवकाश या अन्य प्रभावी व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
भूषण यादव, आनंद बंब और अन्य सदस्यों ने भी आग्रह किया कि भविष्य में होने वाले स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों की योजना बनाते समय इस मुद्दे पर पहले से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि बड़े प्रतिष्ठानों में काम करने वाले स्नातकों को भी मतदान का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
महासंघ ने स्नातक मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सहज बनाने की मांग भी की। सदस्यों के अनुसार, पात्र स्नातकों को पंजीकरण में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए; इसके लिए स्पष्ट मार्गदर्शन और समय पर जनजागरूकता जरूरी है।
गणेश महासंघ के सदस्यों ने सरकार और संबंधित चुनाव अधिकारियों से वर्तमान चुनाव के साथ-साथ भविष्य के चुनावों में भी इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
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