जालना, 1 नवंबर 2026 — जालना जिला परिषद में प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन तुरंत करने की मांग उठी है। जिले के कई शिक्षक संगठनों की संयुक्त समिति ‘शिक्षक संघटना कृती समिती, जालना’ ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन समय पर नहीं हुआ तो नवंबर 2026 से इन शिक्षकों के वेतन में गंभीर दिक्कत आ सकती है।

समिति के अनुसार यह ज्ञापन (पत्र क्रमांक 13/2026) 29 अक्टूबर 2026 को दिया गया। इसकी प्रति जिला परिषद के शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) को भी भेजी गई है। ज्ञापन पर जिला परिषद के सामान्य प्रशासन विभाग और शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) कार्यालय की 29 अक्टूबर की प्राप्ति की मुहर लगी है।
अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन क्यों जरूरी
ज्ञापन में कहा गया है कि जालना जिला परिषद के तहत प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसलिए पदोन्नति से खाली हुए पदों और जिले में पहले से उपलब्ध रिक्त पदों को ध्यान में रखकर अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जानी चाहिए।
समिति का कहना है कि समायोजन समय पर पूरा न होने से नवंबर 2026 से संबंधित शिक्षकों के वेतन को लेकर गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है और शिक्षकों व उनके परिवारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। समिति ने इसे बेहद चिंता की बात बताया कि शिक्षक नियमित रूप से पढ़ाई का काम कर रहे हैं, फिर भी सिर्फ समायोजन प्रक्रिया अटकी होने की वजह से उनके वेतन से वंचित रहने की नौबत आ सकती है।
समिति के मुताबिक पदोन्नति से खाली हुए पदों का इस्तेमाल कर अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन प्रशासनिक रूप से संभव है। इसलिए संबंधित विभाग तुरंत रिक्त पदों की समीक्षा कर सरकार के लागू नियमों के अनुसार समायोजन प्रक्रिया पूरी करे।
शिक्षक संगठनों की चार प्रमुख मांगें
- पदोन्नति प्रक्रिया से खाली हुए पदों सहित जिले के सभी उपलब्ध रिक्त पदों की तुरंत समीक्षा की जाए।
- जिले में प्राथमिक पदवीधर (स्नातक) शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में खाली हैं। सभी तालुका कार्यालयों को पत्र जारी कर ये पद समायोजन प्रक्रिया में खुले किए जाएं, ताकि शिक्षकों को तालुका से बाहर न जाना पड़े। ऐसा न होने पर कुछ तालुकाओं में शिक्षकों को परेशानी हो सकती है।
- सरकार के लागू नियमों और तय प्राथमिकता क्रम के अनुसार अतिरिक्त शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
- नवंबर 2026 से अतिरिक्त शिक्षकों का वेतन न अटके, इसके लिए जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत की जाए।
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कई संगठनों के पदाधिकारियों के हस्ताक्षर
‘शिक्षक संघटना कृती समिती, जालना’ के लेटरहेड पर जिले के कई शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के नाम दर्ज हैं। ज्ञापन पर देवेंद्र बारगजे, संतोष राजगुरु, मधुकर काकडे, लक्ष्मण नेव्हल समेत कई पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए हैं। समिति ने यह ज्ञापन समस्त अतिरिक्त शिक्षकों की ओर से दिया है।
समायोजन का मतलब क्या है
जब किसी स्कूल में छात्रों की संख्या के हिसाब से तय पदों से ज्यादा शिक्षक हो जाते हैं, तो उन्हें ‘अतिरिक्त शिक्षक’ माना जाता है। ऐसे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों के खाली पदों पर भेजने की प्रक्रिया को समायोजन कहा जाता है। जिला परिषद से जुड़ी आधिकारिक सूचनाएं जालना जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती हैं।
इस मांग पर जिला परिषद प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
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रिपोर्ट: इमरान सिद्दीकी, जालना
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