जालना, 31 अक्टूबर 2026: आज देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है, जिसे देश राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रहा है। जालना और पूरे मराठवाड़ा के लिए यह दिन खास है, क्योंकि सितंबर 1948 में पटेल के नेतृत्व में हुए ऑपरेशन पोलो के बाद ही यह इलाका निजाम की हैदराबाद रियासत से निकलकर भारतीय संघ का हिस्सा बना।
सरदार पटेल और राष्ट्रीय एकता दिवस
सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। आज़ादी के बाद उन्होंने सैकड़ों रियासतों को भारत में मिलाने का कठिन काम किया, इसीलिए उन्हें ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है। केंद्र सरकार 2014 से उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाती है और इस मौके पर देश भर में एकता दौड़ और शपथ कार्यक्रम होते हैं। गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में उनकी 182 मीटर ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का लोकार्पण 31 अक्टूबर 2018 को हुआ था।
हैदराबाद रियासत और मराठवाड़ा
15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हुआ, लेकिन निजाम मीर उस्मान अली खान की हैदराबाद रियासत ने भारत में विलय नहीं किया। आज का मराठवाड़ा, यानी उस समय का औरंगाबाद, बीड, परभणी, नांदेड और उस्मानाबाद का इलाका, इसी रियासत में था। आज का जालना तब औरंगाबाद जिले का हिस्सा था; जालना अलग जिला 1981 में बना। स्वामी रामानंद तीर्थ जैसे नेताओं के नेतृत्व में यहां के लोगों ने भारत में विलय के लिए लंबा संघर्ष किया, जिसे हैदराबाद मुक्ति संग्राम कहा जाता है।
ऑपरेशन पोलो: पांच दिन की कार्रवाई
समझौते की कोशिशें नाकाम होने पर गृह मंत्री के रूप में पटेल ने सैन्य कार्रवाई का फैसला किया। 13 सितंबर 1948 को शुरू हुई इस कार्रवाई को आधिकारिक तौर पर ‘पुलिस कार्रवाई’ कहा गया और इसका कोड नाम ऑपरेशन पोलो था। 17 सितंबर 1948 को निजाम की सेना ने आत्मसमर्पण किया और हैदराबाद रियासत भारत का हिस्सा बन गई। इसी की याद में महाराष्ट्र में हर साल 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिन मनाया जाता है।
हैदराबाद से महाराष्ट्र तक का सफर
विलय के बाद कुछ साल तक मराठवाड़ा हैदराबाद राज्य का ही हिस्सा रहा। 1956 के राज्य पुनर्गठन में भाषा के आधार पर यह इलाका बॉम्बे राज्य में गया और 1 मई 1960 को महाराष्ट्र बनने पर उसका हिस्सा बना। आज जालना, छत्रपति संभाजीनगर, बीड, हिंगोली, परभणी, नांदेड, लातूर और धाराशिव इस क्षेत्र के आठ जिले हैं।
आज के दिन की सीख
मराठवाड़ा की मुक्ति की कहानी बताती है कि आज़ादी सिर्फ एक तारीख नहीं थी; इस इलाके को देश के बाकी हिस्सों से लगभग एक साल बाद यह अधिकार मिला। इसीलिए राष्ट्रीय एकता दिवस का संदेश यहां और गहरा है — अलग-अलग धर्म, भाषा और समुदाय के लोगों को साथ लेकर चलना ही इस इतिहास का सबसे बड़ा पाठ है। एकता दौड़ के बारे में प्रधानमंत्री की अपील हमारी मन की बात रिपोर्ट में पढ़ें, और मराठवाड़ा की हालिया राजनीति पर स्नातक सीट चुनाव का विश्लेषण भी देखें।
मुख्य बातें
- सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को नडियाद (गुजरात) में हुआ।
- 2014 से उनकी जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है।
- ऑपरेशन पोलो 13 से 17 सितंबर 1948 तक चला; इसके बाद हैदराबाद रियासत भारत में शामिल हुई।
- 17 सितंबर को महाराष्ट्र में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिन मनाया जाता है।
- जालना तब औरंगाबाद जिले का हिस्सा था; अलग जिला 1981 में बना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: ऑपरेशन पोलो कब हुआ था?
जवाब: 13 से 17 सितंबर 1948 के बीच।
सवाल: मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिन कब मनाया जाता है?
जवाब: हर साल 17 सितंबर को।
सवाल: राष्ट्रीय एकता दिवस कब से मनाया जा रहा है?
जवाब: 2014 से, हर साल 31 अक्टूबर को।
स्रोत / Source: नवभारत लाइव — https://navbharatlive.com/maharashtra/sardar-vallabhbhai-patel-birth-anniversary-special-operation-polo-marathwada-story-in-hindi-awm08; जालना जिला प्रशासन — jalna.gov.in
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