कुंडलिका नदी किनारे कचरे का अंबार, देहेडकर वाड़ी में दुर्गंध से लोग परेशान; मच्छर-मक्खियों के बढ़ते प्रकोप पर नागरिकों की चिंता
जालना | प्रतिनिधि
जालना शहर की पहचान मानी जाने वाली कुंडलिका नदी एक बार फिर गंदगी और अव्यवस्था के कारण चर्चा में है। देहेडकर वाड़ी क्षेत्र में नदी किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से पूरे इलाके में असहनीय दुर्गंध फैल गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम के स्वच्छता विभाग की अनदेखी के कारण कई दिनों से कचरा नहीं हटाया गया है, जिससे मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है और लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
नदी किनारे जमा कचरे से बिगड़ रहे हालात
स्थानीय लोगों के अनुसार देहेडकर वाड़ी स्थित कुंडलिका नदी के किनारे लगातार घरेलू और अन्य प्रकार का कचरा फेंका जा रहा है। कई दिनों से सफाई नहीं होने के कारण कचरा सड़ने लगा है और पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है। लोगों को नाक ढककर आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। नागरिकों का कहना है कि यदि यह कचरा वर्षा के पानी के साथ नदी में बह गया तो नदी का प्रदूषण बढ़ेगा और जलजीवों के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों का आरोप है कि केवल औपचारिक सफाई अभियान चलाए जाते हैं, जबकि नदी किनारे नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं है।
“शहर को स्वच्छ बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर की प्रमुख नदी के किनारे ही कचरे के ढेर लगे हैं। इससे स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।”
स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
कचरे के ढेर से मच्छरों और मक्खियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। नागरिकों ने नगर निगम से तत्काल सफाई अभियान चलाने और नियमित फॉगिंग व कीटनाशक छिड़काव की मांग की है।
नदी संरक्षण अभियान पर भी उठे सवाल
सरकार और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा समय-समय पर नदी संरक्षण और स्वच्छता अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद कुंडलिका नदी के किनारे खुलेआम कचरा फेंका जाना इन अभियानों की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि केवल जागरूकता अभियान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्थानीय नागरिकों की प्रमुख मांगें
- देहेडकर वाड़ी क्षेत्र से तत्काल कचरा हटाया जाए।
- कुंडलिका नदी किनारे विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
- नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- मच्छरों की रोकथाम के लिए फॉगिंग और दवा का छिड़काव किया जाए।
- नदी किनारे कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यह केवल गंदगी का मामला नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और शहर की स्वच्छता से जुड़ा गंभीर विषय है। अब लोगों की नजर नगर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यदि समय रहते सफाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
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