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कुंडलिका नदी किनारे कचरे का अंबार, देहेडकर वाड़ी में दुर्गंध से लोग परेशान
जालना के देहेडकर वाड़ी क्षेत्र में कुंडलिका नदी किनारे कचरे का अंबार लगने से दुर्गंध, मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से तत्काल सफाई अभियान चलाने और स्थायी समाधान की मांग की।
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‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: बोरनार के इकरा स्कूल में वृक्षारोपण
बोरनार के अब्दुल मजीद सालार इकरा उर्दू हाई स्कूल में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
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जालना में ‘फुटबॉल लिली’ समय से पहले खिली, बढ़ती गर्मी का असर
जालना में ‘फुटबॉल लिली’ समय से पहले खिली, जो बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।
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प्रकृति का मौन प्रतिशोध: क्या संसाधनों का दोहन ही युद्धों की असली वजह है?
धरती का दोहन, बढ़ता प्रदूषण और वैश्विक युद्ध—क्या इन सबके बीच कोई गहरा संबंध है? जालना के सामाजिक कार्यकर्ता Shyaam Saaraswat का यह लेख एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
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महाराष्ट्र में हवा हुई जहरीली — 574 करोड़ खर्च के बाद भी प्रदूषण खतरनाक
महाराष्ट्र के शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर। मुंबई, मालेगांव, जालना और जलगांव में हवा खराब। 574 करोड़ खर्च के बावजूद सुधार नहीं।




