मुंबई के अंडरवर्ल्ड, पुलिस एनकाउंटर और 90 के दशक के खूनी दौर की कहानी अब बड़े पर्दे पर लौटने वाली है। राम गोपाल वर्मा की नई फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ संगठित अपराध के खिलाफ मुंबई पुलिस की जंग और चर्चित एनकाउंटर अधिकारी दया नायक की कहानी को सामने लाएगी।
अंडरवर्ल्ड की दुनिया में फिर लौटे राम गोपाल वर्मा
राम गोपाल वर्मा एक बार फिर उस दुनिया में वापसी कर रहे हैं, जिसे उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए भारतीय सिनेमा में अलग पहचान दी। उनकी नई फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ मुंबई के अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। फिल्म का निर्माण टी-सीरीज कर रहा है और हर्षवर्धन राणे इसमें मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे।
‘डी कंपनी’ से ज्यादा खतरनाक होगी ‘पुलिस कंपनी’?
निर्देशक ने फिल्म की टैगलाइन ‘इट इज मोर डेंजरस दैन डी कंपनी’ रखी है। राम गोपाल वर्मा के मुताबिक पुलिस एक संवैधानिक संस्था है, जबकि अंडरवर्ल्ड का मकसद मुख्य रूप से अपराध के जरिए पैसा और ताकत हासिल करना है। लेकिन जब किसी संस्था के पास असीमित शक्तियां आ जाती हैं, तो उसके काम करने का तरीका भी अलग रूप ले सकता है। फिल्म इसी विरोधाभास को कहानी का अहम हिस्सा बनाएगी।
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दाऊद-छोटा राजन के दौर की पृष्ठभूमि
फिल्म की कहानी मुंबई के उस दौर को छूती है, जब अंडरवर्ल्ड का आतंक शहर की पहचान बन चुका था। दाऊद इब्राहिम के नेतृत्व में डी कंपनी का विस्तार हुआ और बाद में दाऊद तथा छोटा राजन के बीच टकराव ने मुंबई के अपराध जगत को नए मोड़ पर पहुंचा दिया। इसके बाद कई छोटे-बड़े गैंग सक्रिय हुए और शहर में गैंगवार का दौर तेज हुआ।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की कहानी
अपराध के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए मुंबई पुलिस ने विशेष दस्तों के जरिए संगठित अपराध के खिलाफ अभियान तेज किया। राम गोपाल वर्मा की फिल्म इसी दौर के चर्चित पुलिस अधिकारियों में शामिल दया नायक के इर्द-गिर्द केंद्रित होगी। हर्षवर्धन राणे दया नायक का किरदार निभाएंगे। यह भूमिका उनके करियर के लिए भी काफी अलग और चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
बड़े कलाकारों से सजेगी फिल्म
‘पुलिस कंपनी’ में हर्षवर्धन राणे के अलावा कई अन्य कलाकार भी नजर आएंगे। हालांकि, बाकी स्टार कास्ट का आधिकारिक खुलासा अभी बाकी है। फिल्म को लेकर राम गोपाल वर्मा की वापसी भी खास है, क्योंकि मुंबई के अपराध जगत की कहानियां उनके सिनेमा की पहचान रही हैं।
बड़े पर्दे पर फिर दिखेगा मुंबई का वो दौर
‘पुलिस कंपनी’ सिर्फ पुलिस और गैंगस्टरों की कहानी नहीं होगी, बल्कि यह उस दौर की मुंबई को भी सामने लाने की कोशिश करेगी, जहां अपराध, राजनीति, पुलिस और ताकत का जटिल गठजोड़ दिखाई देता था। अब देखने वाली बात होगी कि राम गोपाल वर्मा इस वास्तविक पृष्ठभूमि को कितनी सिनेमाई धार देते हैं और हर्षवर्धन राणे दया नायक के किरदार में दर्शकों पर कितना प्रभाव छोड़ते हैं।
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