NewsNation Online

FireFly In News

Google Maps को कैसे पता चलता है कहां है ज्यादा भीड़? जानिए Popular Times की पूरी टेक्नोलॉजी

Google Maps को कैसे पता चलता है कहां है ज्यादा भीड़? जानिए Popular Times की पूरी टेक्नोलॉजी

कभी आपने Google Maps पर किसी रेस्टोरेंट, दुकान या मॉल के सामने ‘Busy’ या ‘Usually as busy as it gets’ लिखा देखा है? सवाल उठता है कि आखिर Google को बिना किसी से पूछे कैसे पता चलता है कि वहां कितनी भीड़ है। इसके पीछे Location Data, समय के पैटर्न और कई तकनीकी संकेत काम करते हैं।

Location Data है सबसे बड़ा आधार

Google Maps किसी जगह की व्यस्तता का अनुमान लगाने के लिए मुख्य रूप से लोकेशन से जुड़े डेटा और गतिविधि के पैटर्न का इस्तेमाल करता है। जब बड़ी संख्या में डिवाइस किसी खास इलाके में मौजूद होते हैं और उनकी लोकेशन गतिविधि में बदलाव दिखाई देता है, तो सिस्टम उस जगह की सामान्य स्थिति से तुलना कर सकता है।

मसलन, किसी रेस्टोरेंट के आसपास आमतौर पर सीमित संख्या में लोग मौजूद रहते हैं। लेकिन अगर किसी समय वहां कई डिवाइस की गतिविधि बढ़ जाती है, तो Maps उस जगह को सामान्य से अधिक व्यस्त मान सकता है।

Google आपसे सीधे नहीं पूछता

यह प्रक्रिया किसी व्यक्ति से यह पूछकर नहीं चलती कि वह रेस्टोरेंट के अंदर बैठा है या बाहर। सिस्टम अलग-अलग लोकेशन संकेतों, समय और पुराने पैटर्न को मिलाकर किसी जगह की व्यस्तता का अनुमान लगाता है।

यानी Maps पर दिखाई देने वाली भीड़ किसी जगह मौजूद लोगों की सटीक गिनती नहीं होती। यह उपलब्ध डेटा के आधार पर तैयार किया गया एक अनुमान होता है।

Popular Times क्या है?

Google Maps का Popular Times फीचर किसी जगह के सामान्य व्यस्त समय को समझने में मदद करता है। इसमें अलग-अलग दिनों और घंटों के हिसाब से दिखाया जाता है कि किसी दुकान या रेस्टोरेंट में आमतौर पर कब ज्यादा भीड़ रहती है।

यह जानकारी केवल एक दिन के आंकड़े पर आधारित नहीं होती। पुराने गतिविधि पैटर्न और अलग-अलग समय पर मिले डेटा से किसी जगह के सामान्य बिजी टाइम का अनुमान तैयार किया जाता है।

Live Busyness कैसे काम करता है?

कुछ जगहों पर Maps Live Busyness जैसी जानकारी भी दिखाता है। इसका उद्देश्य यह बताना होता है कि किसी स्थान पर इस समय सामान्य स्थिति की तुलना में गतिविधि कैसी है।

अगर किसी जगह पर सामान्य समय के मुकाबले गतिविधि अचानक बढ़ती दिखाई देती है, तो Maps उसे ज्यादा व्यस्त दिखा सकता है। कम गतिविधि होने पर स्थिति सामान्य या कम व्यस्त दिखाई जा सकती है।

सिर्फ फोन गिनना ही काम नहीं

यह मान लेना सही नहीं होगा कि Google केवल यह गिनता है कि किसी स्थान के आसपास कितने स्मार्टफोन हैं। जगह का प्रकार, समय, पुराने पैटर्न और उपलब्ध लोकेशन संकेतों जैसे कई कारक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी मॉल के बाहर ट्रैफिक बढ़ने का मतलब यह जरूरी नहीं कि मॉल के अंदर भीड़ भी उतनी ही ज्यादा हो। इसलिए सिस्टम को उपलब्ध संकेतों से वास्तविक गतिविधि का अनुमान लगाना पड़ता है।

क्या आपकी प्राइवेसी सुरक्षित रहती है?

इस फीचर को लेकर प्राइवेसी का सवाल भी स्वाभाविक है। Google की लोकेशन सेवाओं में यूजर्स के लिए कई प्राइवेसी कंट्रोल उपलब्ध हैं और Location History जैसी सेटिंग्स को मैनेज किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि Maps पर किसी जगह की व्यस्तता दिखाते समय आपको वहां मौजूद लोगों की पहचान या नाम नहीं बताए जाते। यूजर को केवल स्थान की अनुमानित व्यस्तता से जुड़ी जानकारी दिखाई देती है।

इसलिए अगली बार Google Maps पर किसी रेस्टोरेंट के बाहर ‘Busy’ लिखा दिखे, तो समझिए कि यह किसी कर्मचारी की बताई हुई जानकारी नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर उपलब्ध लोकेशन संकेतों और समय के पैटर्न से निकाला गया अनुमान है।


Discover more from NewsNation Online

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

आपके लिए सुझाव

author avatar
SRN Info Soft

Discover more from NewsNation Online

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading