23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET-UG पेपर लीक से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के बीच अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक रील साझा की थी। कुछ समय बाद यह पोस्ट प्लेटफॉर्म से हट गई, लेकिन उसी दिन दोबारा दिखाई देने लगी। बाद में Meta ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए खेद व्यक्त किया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे।
क्या है Sensitive Entity Secondary Review?
Meta के सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, कंपनी हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स के लिए एक विशेष समीक्षा प्रणाली का उपयोग करती है। पहले इसे Cross-Check कहा जाता था, लेकिन अप्रैल 2024 में इसका नाम बदलकर Sensitive Entity Secondary Review (SESR) कर दिया गया। इस प्रक्रिया के तहत नेताओं, सरकारी अधिकारियों, मंत्रालयों और अन्य प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों की पोस्ट को सामान्य यूजर्स की तरह केवल स्वचालित सिस्टम के आधार पर नहीं हटाया जाता। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय से पहले मानव समीक्षा (Human Review) की जाती है।
कितने अकाउंट इस सूची में शामिल हैं?
Meta की पूर्व कर्मचारी फ्रांसेस हॉगन द्वारा 2021 में अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) को दिए गए दस्तावेजों के अनुसार, उस समय दुनिया भर में लगभग 58 लाख (5.8 मिलियन) हाई-प्रोफाइल अकाउंट इस विशेष समीक्षा प्रणाली का हिस्सा थे। हालांकि इसके बाद Meta ने इस संख्या का कोई नया आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
Oversight Board और Newsworthiness Allowance
Meta के स्वतंत्र Oversight Board ने दिसंबर 2022 में कहा था कि Cross-Check प्रणाली में कुछ मामलों में निर्णय लेने में देरी हो सकती है, जिससे संबंधित कंटेंट लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बना रहता है। इसके अलावा Meta के पास Newsworthiness Allowance नाम की व्यवस्था भी है। इसके तहत यदि कोई पोस्ट नियमों का उल्लंघन करती हो, लेकिन उसे सार्वजनिक हित का माना जाए, तो उसे हटाने के बजाय प्लेटफॉर्म पर बने रहने की अनुमति दी जा सकती है। Meta के अनुसार जून 2022 से जून 2023 के बीच ऐसे 69 मामलों में यह छूट दी गई थी, जिनमें 9 मामले राजनेताओं से जुड़े थे।
अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म क्या करते हैं?
Meta की तरह अन्य बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी सार्वजनिक हस्तियों के लिए विशेष नीतियां अपनाते हैं। X (पूर्व में Twitter) पर Public Interest Exception लागू है, जिसके तहत कुछ सरकारी अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों की सार्वजनिक हित वाली पोस्ट चेतावनी के साथ प्लेटफॉर्म पर बनी रह सकती हैं। वहीं YouTube में EDSA Exception के तहत शिक्षा, डॉक्यूमेंट्री, वैज्ञानिक या कलात्मक महत्व वाले कुछ कंटेंट को विशेष परिस्थितियों में हटाया नहीं जाता।
प्रधानमंत्री की पोस्ट हटने और बाद में बहाल होने की घटना ने Meta की मॉडरेशन प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार, कंपनी हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स के लिए अतिरिक्त मानव समीक्षा की व्यवस्था रखती है ताकि महत्वपूर्ण खातों पर गलत कार्रवाई की संभावना कम हो। हालांकि Meta ने इस मामले में पोस्ट हटने को तकनीकी गलती बताया है, जिससे यह भी स्पष्ट होता है कि स्वचालित और मानव समीक्षा वाली प्रणालियों में भी त्रुटि की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं होती।
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