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जालना में 6 और 4 साल की बहनों के साथ यौन शोषण – POCSO के तहत आरोपी गिरफ्तार
ब्रेकिंग न्यूज

जालना में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला: 6 और 4 साल की बहनों के साथ दरिंदगी, POCSO के तहत आरोपी गिरफ्तार

माँ की अनुपस्थिति में प्रेमी ने किया दोनों नन्ही बच्चियों का यौन शोषण, पुलिस ने दर्ज किए दो केस
जालना, महाराष्ट्र
अपडेटेड: 10 अप्रैल 2024, 05:45 PM IST

जालना में नाबालिग बहनों के साथ यौन शोषण का मामला – चौंकाने वाली घटना

जालना में सदमे में डालने वाला मामला: 6 और 4 साल की बहनों के साथ यौन शोषण का आरोप, आरोपी गिरफ्तार

POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज; घटना ने मचाया आक्रोश
जालना, महाराष्ट्र

एक ऐसी घटना जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है, महाराष्ट्र के जालना जिले में एक 28 वर्षीय व्यक्ति पर मात्र 6 और 4 साल की दो बहनों के साथ यौन शोषण का आरोप लगा है। आरोपी, प्रशांत प्रकाश वाडेकर, जो पीड़िताओं की मां के साथ संबंध में था, उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर यह जघन्य कृत्य करने का आरोपी है।

मामले की प्रमुख जानकारियां:

  • पीड़िता, एक 28 वर्षीय महिला जो अपने पति से अलग होकर अपनी दोनों बेटियों के साथ जालना में रह रही थी।
  • आरोपी वाडेकर ने पहले 6 साल की बच्ची के साथ दुर्व्यवहार किया, जिसकी शिकायत पर 6 अप्रैल को POCSO एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
  • जांच के दौरान पता चला कि 4 साल की छोटी बहन के साथ भी आरोपी ने ऐसा ही जघन्य कृत्य किया था।
  • दूसरी एफआईआर दर्ज कर POCSO एक्ट की धारा 4, 6, 8 और आईपीसी की धारा 376(2)(f) (नाबालिग से बलात्कार) और 377 (अप्राकृतिक अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया।
  • आरोपी को 10 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि पीआई किशोर वनवे की अगुवाई में एक विशेष टीम मामले की जांच कर रही है।

कानूनी कार्रवाई और जनाक्रोश

इस मामले ने व्यापक आक्रोश पैदा किया है, जहां कार्यकर्ता और स्थानीय लोग आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसे POCSO कानून के तहत आजीवन कारावास या फांसी की सजा हो सकती है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को फिर से जगा दिया है, खासकर उन परिवारों में जहां एकल अभिभावक शोषण का शिकार हो सकते हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने जोर दिया है:

  • ✔ पीड़िताओं को तत्काल मनोवैज्ञानिक परामर्श मिलना चाहिए।
  • ✔ ऐसे अपराधों को रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा कड़ी निगरानी की जानी चाहिए।
  • ✔ समुदाय को जागरूक कर शोषण की पहचान और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी चाहिए।
“आरोपी ने परिवार के विश्वास का दुरुपयोग किया। हम एक मजबूत केस बना रहे हैं ताकि त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सके।”
– एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

आगे की कार्रवाई

  • 10 अप्रैल के बाद अदालत आरोपी की हिरासत या जमानत पर फैसला करेगी।
  • कार्यकर्ता फास्ट-ट्रैक ट्रायल की मांग कर रहे हैं ताकि देरी न हो।
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(मामले की प्रगति के साथ नए अपडेट आते रहेंगे। नवीनतम जानकारी के लिए बने रहें।)

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

बच्चों के खिलाफ अपराध, खासकर परिवार या करीबी लोगों द्वारा किए गए अपराध, सुरक्षा प्रणाली में खामियों को उजागर करते हैं। यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी, त्वरित न्याय और सामाजिक सजगता की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।




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Imran Siddiqui

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